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CEC ज्ञानेश कुमार का दावा: बिहार में SIR सफल, अब बाकी राज्यों में वोटर लिस्ट की क्रांति

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Election Commission Rolls Out Intensive Voter Cleanup
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा SIR वोटर लिस्ट बाकी राज्यों में जल्द शुरू। बिहार में सफल, कोई आपत्ति नहीं। लोकतंत्र की नींव शुद्ध मतदाता सूची। युवा फेक न्यूज से लड़ें। पूरी डिटेल।

वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़ा खत्म: चुनाव आयोग SIR को पूरे देश में फैलाएगा, जानें क्यों जरूरी

चुनाव आयोग का SIR प्लान: वोटर लिस्ट पूरे देश में शुद्ध होगी, CEC ज्ञानेश कुमार का बड़ा ऐलान

राष्ट्रीय मतदाता दिवस से एक दिन पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को जोरदार संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR अब बिहार के अलावा बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जल्द शुरू होगा। बिहार में ये अभियान सफल रहा, जहां अंतिम वोटर लिस्ट पर एक भी अपील नहीं आई। कुमार ने कहा, ‘शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव है। हर योग्य वोटर का नाम जुड़े, अयोग्य हटे- यही SIR का मकसद।’

SIR क्या है? ये सामान्य रिवीजन से अलग है। 20 साल बाद ऐसा इंटेंसिव काम हो रहा। हर बूथ पर BLO घर-घर जाकर जांच। ड्राफ्ट लिस्ट दिसंबर-जनवरी में आई, फाइनल फरवरी-मार्च में। अभी 12 राज्यों और UT में चल रहा- अंडमान, पुदुच्चेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़। बिहार पूरा, असम में अलग स्पेशल रिवीजन। बाकी जल्द।

बिहार का केस बेमिसाल। वहां चुनाव हुए तो 1951 के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग- 67.13%। महिलाओं ने 71.78% रिकॉर्ड बनाया। कोई कानूनी चुनौती नहीं। कुमार बोले, ‘ये SIR की सफलता का सबसे बड़ा सबूत।’ चुनाव आयोग ने 2025 में 30 बड़े कदम उठाए। 5000 से ज्यादा BLO और सुपरवाइजर को ट्रेनिंग दी इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट में। ECINet ऐप लॉन्च- सारे सर्विस एक जगह। पोलिंग स्टेशन पर मोबाइल डिपॉजिट। हर बूथ पर अधिकतम 1200 वोटर कैप।

चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई, गणतंत्र से एक दिन पहले। 2011 से ये दिन नेशनल वोटर्स डे। कुमार ने युवाओं से अपील की, ‘फेक न्यूज और गलत सूचनाओं से लड़ो। चुनाव प्रक्रिया समझो। 18 साल पूरे हो तो वोटर बनो। देश सेवा का पहला कदम वोटिंग।’ भारत ने इंटरनेशनल IDEA की चेयरमैनशिप ली। 70 देशों के चुनाव अधिकारी सम्मेलन होस्ट किया- दुनिया का सबसे बड़ा।

SIR क्यों जरूरी? फर्जी वोटर, डुप्लिकेट नाम, मृत लोगों के नाम। ये लोकतंत्र को कमजोर करते। SIR से साफ-सुथरी लिस्ट। बूथ लेवल अफसर घर जाकर फॉर्म 6,7 भरवाते। नाम जोड़ने, हटाने, सुधार आसान। 2024 चुनावों में खामियां दिखीं, अब सुधार। असम में स्पेशल रिवीजन NRC से जुड़ा। पूरे देश में एकसमान प्रक्रिया।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. SIR मतलब क्या?
    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन। वोटर लिस्ट घर-घर जांचकर शुद्ध करना। योग्य जोड़ो, अयोग्य हटाओ।
  2. SIR कहां चल रहा?
    बिहार पूरा। 12 राज्य/UT में। बाकी जल्द। असम अलग स्पेशल।
  3. बिहार में SIR का रिजल्ट?
    67.13% वोटिंग रिकॉर्ड। महिलाएं 71.78%। कोई अपील नहीं।
  4. चुनाव आयोग के नए ऐप?
    ECINet- सारे सर्विस एक जगह। बूथ पर मोबाइल डिपॉजिट।
  5. युवाओं से अपील?
    फेक न्यूज लड़ो। 18+ वोटर बनो। प्रक्रिया समझो।
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