केंद्र IT (Digital Code) Rules 2026 ड्राफ्ट ला रहा: ऑनलाइन कंटेंट पर उम्र आधारित क्लासिफिकेशन, अश्लीलता रोकने U/7+/13+/16+/Adult रेटिंग अनिवार्य। BeerBiceps केस से प्रेरित।
BeerBiceps विवाद से नया कानून: IT डिजिटल कोड रूल्स में उम्र रेटिंग अनिवार्य, जानिए डिटेल्स
IT डिजिटल कोड रूल्स 2026 ड्राफ्ट: ऑनलाइन अश्लीलता पर लगाम, बच्चों को बचाने उम्र रेटिंग अनिवार्य
केंद्र सरकार डिजिटल कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाने वाली है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने IT (Digital Code) Rules, 2026 का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसका मकसद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लीलता रोकना, खासकर बच्चों को बचाना। नियमों में सभी डिजिटल कंटेंट के लिए उम्र आधारित क्लासिफिकेशन (U, 7+, 13+, 16+, Adult) अनिवार्य होगी। ये सुप्रीम कोर्ट के मार्च 2025 के निर्देश पर आधारित है, जिसमें BeerBiceps (रणवीर अल्लाहबड़िया) और सम्य रैना के विवाद पर फ्री स्पीच और रिस्ट्रिक्शंस का बैलेंस बनाने को कहा गया था।
BeerBiceps विवाद: नियमों का बैकग्राउंड
मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर अल्लाहबड़िया (BeerBiceps) के खिलाफ दर्ज FIR पर स्टे दिया, लेकिन उनके “डिस्गस्टिंग, फिल्थी” कमेंट्स की आलोचना की। इंडिया गॉट लेटेंट शो पर पैरेंट्स से जुड़ा अश्लील जोक वायरल हुआ। SC ने SG से ड्राफ्ट नियम बनाने को कहा – आर्टिकल 19(1)(a) फ्रीडम ऑफ स्पीच को 19(2) रिस्ट्रिक्शंस (मोरालिटी, पब्लिक ऑर्डर) से बैलेंस। 29 जनवरी को केस सुनवाई होगी।
IT डिजिटल कोड रूल्स 2026: मुख्य प्रावधान
ये नियम IT एक्ट 2000 की धारा 87(1) के तहत हैं, धारा 67/67A/67B (इलेक्ट्रॉनिक अश्लीलता पर सजा) से जुड़े। केबल टीवी नेटवर्क रूल्स 1994 के प्रोग्राम कोड से इंस्पायर्ड। मुख्य फीचर्स:
- अश्लील कंटेंट की परिभाषा: लासिवियस, प्रूरिएंट इंटरेस्ट जगाने वाला, या भ्रष्ट करने वाला।
- निषिद्ध कंटेंट: अच्छे स्वाद/शालीनता पर आघात, धर्म/समुदाय पर हमला, फेक/डिफेमेटरी, हिंसा भड़काना, क्रिमिनल ग्लोरिफाई, अश्लीलता, महिलाओं/बच्चों/PwD पर बदनामी।
- उम्र क्लासिफिकेशन अनिवार्य: सभी डिजिटल कंटेंट (वीडियो, पॉडकास्ट, OTT) पर U (सभी उम्र), 7+, 13+, 16+, Adult‑Only। प्रोफेशनल (डॉक्टर, साइंटिस्ट) के लिए स्पेशल। थीम्स: वायलेंस, न्यूडिटी, सेक्स, लैंग्वेज, ड्रग्स, हॉरर।
क्लासिफिकेशन सिस्टम की डिटेल्स
| रेटिंग | उपयुक्तता | जरूरी फीचर्स |
|---|---|---|
| U | सभी उम्र | कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं |
| 7+ | 7+ बच्चे | पैरेंटल गाइड |
| 13+ | 13+ | पैरेंटल कंट्रोल अनिवार्य |
| 16+ | 16+ | स्ट्रॉन्ग कंट्रोल |
| Adult | वयस्क | रिलायबल एज वेरिफिकेशन |
कंटेंट शुरू में ही रेटिंग/डिस्क्रिप्टर दिखाना जरूरी।
पैरेंटल कंट्रोल और एज वेरिफिकेशन
13+ कंटेंट पर पैरेंटल लॉक, Adult पर बायोमेट्रिक/डॉक्यूमेंट आधारित वेरिफिकेशन। प्लेटफॉर्म्स (OTT, यूट्यूब, सोशल मीडिया) जिम्मेदार। IT रूल्स 2021 के साथ लागू।
केबल टीवी प्रोग्राम कोड से लिंक
रूल्स केबल टीवी रूल्स 1994 के प्रोग्राम कोड से लिए गए। वहाँ भी शालीनता, कोई धर्म/समुदाय आघात, कोई हिंसा भड़काव नहीं। अब डिजिटल पर एक्सटेंशन।
क्या होगा असर?
- प्लेटफॉर्म्स पर: OTT/यूट्यूब को नया सिस्टम लागू, कंप्लायंस कॉस्ट बढ़ेगी।
- क्रिएटर्स पर: सेल्फ‑सेंसरशिप, लेकिन बच्चों को प्रोटेक्ट।
- यूजर्स पर: आसान चॉइस, सेफर एक्सपीरियंस।
प्रोटेस्ट्स: OTT/डिजिटल राइट्स ग्रुप्स ने क्रिएटिव फ्रीडम पर चिंता जताई।
BeerBiceps केस का कनेक्शन
रणवीर का जोक “डिर्टी माइंड” का उदाहरण। SC ने कहा, “सोसायटी कहाँ लाइन ड्रॉ करे?” ड्राफ्ट इसी को सॉल्व करता।
कानूनी बैकिंग
IT एक्ट धारा 67: अश्लील इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर 3 साल जेल/5 लाख जुर्माना। धारा 67B: बच्चों से जुड़े पर 5 साल/10 लाख।
भविष्य: पब्लिक कमेंट्स
ड्राफ्ट पब्लिक कमेंट्स के लिए खुलेगा। फाइनल होने पर लागू।
5 मुख्य फायदे
- बच्चों को अश्लीलता से बचाव।
- कंटेंट स्टैंडर्डाइजेशन।
- प्लेटफॉर्म अकाउंटेबिलिटी।
- फ्री स्पीच बैलेंस।
- इंडियन वैल्यूज प्रोटेक्शन।
चुनौतियाँ
5 FAQs
- प्रश्न: IT डिजिटल कोड रूल्स 2026 क्या हैं?
उत्तर: ड्राफ्ट नियम ऑनलाइन कंटेंट रेगुलेट करने, अश्लीलता रोकने के। उम्र क्लासिफिकेशन अनिवार्य। - प्रश्न: उम्र रेटिंग्स कौन‑कौन सी?
उत्तर: U, 7+, 13+, 16+, Adult‑Only। थीम्स: वायलेंस, न्यूडिटी आदि। - प्रश्न: किस केस से प्रेरित?
उत्तर: BeerBiceps (रणवीर) और सम्य रैना के अश्लील जोक पर SC निर्देश। - प्रश्न: पैरेंटल कंट्रोल कैसे?
उत्तर: 13+ पर अनिवार्य, Adult पर एज वेरिफिकेशन। - प्रश्न: पुराने नियम लागू रहेंगे?
उत्तर: हाँ, IT रूल्स 2021 के साथ।
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