Chronic Kidney Disease रखने के 5 फूड्स, लक्षण, कारण, डाइट चार्ट, आयुर्वेदिक उपाय। ICMR-WHO स्टैट्स के साथ जानें किडनी स्टोन, CKD से बचाव। रोजाना अपनाएं ये टिप्स स्वस्थ किडनी के लिए!
Chronic Kidney Disease: रोजाना डाइट में शामिल करें ये 5 फूड्स
गुर्दे हमारे शरीर के दो साइलेंट हीरोज हैं। ये खून साफ करते हैं, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखते हैं, और हड्डियों के लिए जरूरी हार्मोन बनाते हैं। लेकिन आजकल किडनी प्रॉब्लम्स आम हो गई हैं। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, किडनी वेस्ट फिल्टर करती है और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस रखती है । भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के 13.8 करोड़ केस हैं, जो चीन के बाद दूसरे नंबर पर है (GBD 2023 स्टडी) । SEEK-India कोहोर्ट में प्रिवेलेंस 17.2% है, जिसमें 6% स्टेज 3 या बदतर । ये आंकड़े डराते हैं, लेकिन अच्छी खबर ये है कि सही डाइट और लाइफस्टाइल से किडनी को बचाया जा सकता है।
इस आर्टिकल में हम किडनी के फंक्शन, लक्षण, कारण, वो 5 स्पेशल फूड्स (जैसे नींबू, खीरा), डाइट चार्ट, आयुर्वेदिक नुस्खे, प्रिवेंशन टिप्स सब विस्तार से कवर करेंगे। सरल हिंदी में बताएंगे ताकि आप आज से ही अपनाएं। चलिए शुरू करते हैं।
गुर्दे क्या करते हैं? बॉडी का फिल्टर सिस्टम
हमारे दो गुर्दे (किडनी) हर मिनट 1 लीटर खून फिल्टर करते हैं। ये वेस्ट, एक्स्ट्रा फ्लूइड बाहर निकालते हैं, ब्लड प्रेशर रेगुलेट करते हैं, RBC बनाने वाला हार्मोन (एरिथ्रोपोएटिन) प्रोड्यूस करते हैं। NIH के अनुसार, किडनी इम्बैलेंस से हार्ट, ब्रेन तक असर पड़ता है । अगर किडनी 85% खराब हो जाए तो डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की नौबत। भारत में ESRD इन्सिडेंस 229 प्रति मिलियन है, लेकिन सिर्फ 10% को RRT मिलता है ।
किडनी रोगों के प्रकार: स्टेजेस समझें
CKD को 5 स्टेज में बांटा जाता है। टेबल देखें:
| स्टेज | GFR (ml/min) | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | >90 | हल्का डैमेज, प्रोटीन यूरिन में। |
| 2 | 60-89 | हल्का। |
| 3 | 30-59 | मॉडरेट, थकान शुरू। |
| 4 | 15-29 | सीरियस, डायलिसिस की तैयारी। |
| 5 | <15 | किडनी फेलियर 。 |
भारत में ज्यादातर टाइप 2 डायबिटीज और हाई BP से CKD होता है।
किडनी खराब होने के लक्षण: जल्दी पहचानें
शुरुआत में कोई लक्षण नहीं, लेकिन बाद में:
- पैरों/चेहरे पर सूजन।
- थकान, कमजोरी।
- पेशाब में झाग, खून या बदबू।
- हाई BP, सिरदर्द।
- जी मिचलाना, उल्टी।
- पैरों में झनझनाहट।
मनीकंट्रोल: फ्लैंक पेन या डिफिकल्ट मिक्चुरेशन पर डॉक्टर से मिलें ।
किडनी रोगों के कारण: लाइफस्टाइल कनेक्शन
मुख्य कारण:
- डायबिटीज (40%)।
- हाई BP।
- गलत डाइट: हाई सोडियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस।
- डिहाइड्रेशन, इन्फेक्शन।
- स्मोकिंग, मोटापा।
ICMR: हाइपरटेंसिव/डायबिटिक्स को स्क्रीनिंग जरूरी ।
टेस्ट और डायग्नोसिस: कब चेक करवाएं?
- ब्लड टेस्ट: क्रिएटिनिन, GFR।
- यूरिन: प्रोटीन, अल्ब्यूमिन।
- अल्ट्रासाउंड।
हर साल चेकअप अगर रिस्क फैक्टर्स हैं।
रोजाना डाइट में ये 5 फूड्स: किडनी के बेस्ट फ्रेंड
मनीकंट्रोल आर्टिकल से इंस्पायर्ड ये फूड्स:
- नींबू पानी: विटामिन C और सिट्रिक एसिड स्टोन रोकता, डिटॉक्स करता। गर्म पानी में नींबू निचोड़ें।
- खीरा: 95% वॉटर, टॉक्सिन फ्लश करता, एंटीऑक्सीडेंट्स से इन्फ्लेमेशन कम।
- नारियल पानी: इलेक्ट्रोलाइट्स, लो सोडियम, हाई पोटैशियम बैलेंस। शुगर ड्रिंक्स से बेहतर।
- क्रैनबेरी: UTI रोकता, बैक्टीरिया स्टिकिंग रोकता, किडनी सेल्स प्रोटेक्ट। अनस्वीटन्ड जूस।
- सेब/बेरीज: फाइबर हाई, लो पोटैशियम, एंटी-इन्फ्लेमेटरी।
DaVita: इंडियन फूड्स जैसे सेब, फूलगोभी, केल, लहसुन अच्छे ।
किडनी पेशेंट डाइट चार्ट: वीकली प्लान
| समय | क्या खाएं | अवॉइड |
|---|---|---|
| ब्रेकफास्ट | ओट्स+सेब+अंडे व्हाइट्स | मैदा, हाई प्रोटीन |
| लंच | मूंग दाल+लौकी+रोटी | राजमा, टमाटर ज्यादा |
| स्नैक | खीरा+नारियल पानी | चिप्स, कोला |
| डिनर | सब्जी+दही लो फैट | फ्राइड, नमकीन |
लो प्रोटीन, लो सोडियम, कंट्रोल्ड पोटैशियम।
आयुर्वेदिक उपाय: देसी इलाज
एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल टिप्स
- 2-3 लीटर पानी।
- योग: भुजंगासन, गोक्षुर आसन।
- वॉक 30 मिनट।
कॉम्प्लिकेशन्स और प्रिवेंशन
CKD से हार्ट डिजीज। प्रिवेंट: हाइड्रेशन, बैलेंस्ड डाइट।
5 FAQs
1. किडनी के लिए बेस्ट फूड्स कौन से? नींबू, खीरा, नारियल पानी, क्रैनबेरी, सेब 。
2. किडनी पेशेंट कितना पानी पिएं? 2-3 लीटर, डॉक्टर से पूछें।
3. आयुर्वेद से किडनी ठीक? हाँ, गोक्षुरा जैसी जड़ीबूटियां मदद करतीं 。
4. भारत में कितने CKD मरीज? 13.8 करोड़ 。
5. किडनी स्टोन कैसे रोकें? नींबू पानी और हाइड्रेशन से 。
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