ED ने कोलकाता में I-PAC पर छापे मारे तो ममता बीच में कूद पड़ीं। एजेंसी का आरोप- सीएम ने लैपटॉप-डेटा ले लिया। हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग, ममता बोलीं ‘BJP की चोरी’। सुप्रीम कोर्ट का रास्ता तैयार।
2026 चुनाव से पहले ED पर ममता का हमला: ‘चोरी कर रहे BJP के एजेंट’, कोलकाता में 10 किमी मार्च
ममता बनाम ED: I-PAC छापे में सबूत चोरी का आरोप, सुप्रीम कोर्ट तक बात पहुंची
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तापमान अचानक चढ़ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के सॉल्ट लेक ऑफिस और इसके फाउंडर प्रतीक जैन के लाउडन रोड रेसिडेंस पर कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापे मारे। बीच में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं और ED का आरोप है कि उन्होंने ‘महत्वपूर्ण सबूत’ ले लिए। एजेंसी अब कलकत्ता हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है।
ED ने हाईकोर्ट में पिटीशन दाखिल कर ममता, सीनियर पुलिस अधिकारियों समेत कई पर छापामारी में बाधा डालने का आरोप लगाया। एजेंसी का दावा है कि PMLA की धारा के तहत स्पष्ट निर्देश के बावजूद ममता ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर डिजिटल डिवाइस, लैपटॉप, फोन और दस्तावेज जब्त कर लिए। ये छापे कोयला चोरी से जुड़े 20 करोड़ रुपये हवाला फंड्स के ट्रेल की जांच के लिए थे, जो I-PAC को ट्रांसफर हुए थे।
ED का सख्त आरोप: सबूत ले गए ममता
ED के प्रेस स्टेटमेंट और कोर्ट फाइलिंग के मुताबिक छापे गुरुवार सुबह शुरू हुए। सॉल्ट लेक के गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग में I-PAC ऑफिस और प्रतीक जैन के घर पर सर्च ऑपरेशन चल रहा था। दोपहर 11:45 बजे ममता जैन के रेसिडेंस पहुंचीं। ED का कहना है कि 12:15 बजे ममता ने ‘पंच’ गवाहों को ‘हाइजैक’ कर लिया और उन्हें बयान बदलवा दिया कि सर्च ‘शांतिपूर्ण’ था और कुछ मिला ही नहीं।
एजेंसी ने कोर्ट से मांग की है कि सभी जब्त डिवाइस को तुरंत सील किया जाए, फॉरेंसिक जांच हो और ED को वापस सौंपा जाए। दावा है कि तीन ED अफसरों के मुकाबले दर्जनों पुलिसवाले और ममता के Z-कैटेगरी सिक्योरिटी ने घेर लिया। DGP ने कथित तौर पर पंचनामा में ‘नो रिकवरी’ लिखवाने का दबाव बनाया। बंगाल सरकार ने TMC की ओर से अलग पिटीशन दाखिल कर ED के ‘दुरुपयोग’ पर रोक लगाने की मांग की।
कोयला घोटाला और I-PAC कनेक्शन
ED का केस पश्चिम बंगाल में कोयला पिल्फरेज (चोरी) से जुड़ा है। जांच में पता चला कि कोयला घोटाले से कमाए 20 करोड़ रुपये हवाला रूट से I-PAC को ट्रांसफर हुए। I-PAC 2024 और 2026 वेस्ट बंगाल चुनावों के लिए TMC का पॉलिटिकल कंसल्टेंसी पार्टनर है। ED का मकसद इन फंड्स का ट्रेल और इस्तेमाल ट्रेस करना था। छापों में दिल्ली और बंगाल के अन्य लोकेशन्स भी कवर हुए।
प्रतीक जैन I-PAC के फाउंडर-डायरेक्टर हैं, जो डेटा एनालिटिक्स और इलेक्शन स्ट्रैटेजी में माहिर हैं। ED का आरोप है कि ये फंड्स पार्टी के इंटरनल स्ट्रैटेजी और कैंडिडेट लिस्ट से जुड़े थे। ममता ने कहा कि ED ने ‘हमारे टैक्स पेपर्स, बैंक डिटेल्स, SIR डेटा’ ले लिया, जो कोयला केस से बेगाना है।
ममता का 10 किमी लंबा विरोध मार्च
ED छापों के एक दिन बाद ममता ने जादवपुर से हजरा क्रॉसिंग तक करीब 10 किमी का प्रोटेस्ट मार्च निकाला। रैली में उन्होंने ED को ‘BJP का एजेंट’ कहा और आरोप लगाया कि एजेंसी 2026 असेंबली चुनाव से पहले TMC की स्ट्रैटेजी चुरा रही है। ‘मैंने TMC चेयरपर्सन के नाते हस्तक्षेप किया, CM के नाते नहीं। कुछ गलत नहीं किया। अगर कोई मेरी पार्टी के दस्तावेज ले जाए तो क्या करूं?’
ममता ने दिल्ली के सीनियर BJP लीडर्स पर कोयला घोटाले के पैसे लेने का काउंटर आरोप लगाया। BJP के सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार किया कि ममता ने सेंट्रल एजेंसी को रोका, ED कार्रवाई करेगी। हाईकोर्ट की सुनवाई भीड़भाड़ के कारण स्थगित हो गई, अगली डेट बुधवार।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का एंगल
कलकत्ता हाईकोर्ट में ED ने CBI जांच की मांग की। जज ने भीड़ देखकर सुनवाई टाल दी। वीकेंड पर कोर्ट बंद है। लीगल सोर्सेज के मुताबिक ED सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही, ताकि ‘फेयर हियरिंग’ हो। TMC ने ED के दस्तावेजों के ‘मिसयूज’ पर रोक की पिटीशन डाली। मामला सियासी रंग ले चुका है।
ED vs राज्य सरकार केस में नया ट्विस्ट: क्या CBI प्रोब ममता पर लगेगी?
| पक्ष | मुख्य आरोप | कोर्ट में मांग |
|---|---|---|
| ED | ममता ने सबूत (लैपटॉप, फोन, डॉक्स) ले लिए, पुलिस ने बाधा डाली | CBI जांच, डिवाइस रिस्टोर, फॉरेंसिक |
| ममता/TMC | ED ने पार्टी स्ट्रैटेजी चुराई, राजनीतिक छापा | ED दुरुपयोग पर रोक, दस्तावेज वापसी |
I-PAC छापे की टाइमलाइन
- गुरुवार सुबह: ED सर्च शुरू (I-PAC ऑफिस, जैन रेसिडेंस)
- 11:45 AM: ममता जैन के घर पहुंचीं
- 12:15 PM: ED का दावा- सबूत ले लिए गए
- शुक्रवार: ED हाईकोर्ट पिटीशन, ममता का मार्च
- शनिवार: सुनवाई स्थगित
राजनीतिक निहितार्थ
2026 बंगाल चुनाव से पहले ये टकराव TMC-BJP वार को तेज कर रहा। ममता इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बता रही, BJP ‘कानून का राज’। ED का सुप्रीम कोर्ट मूव केस को नेशनल लेवल ले जा सकता।
ऐसे केसों से सीख
- सेंट्रल एजेंसी vs राज्य: फेडरलिज्म पर सवाल
- इलेक्शन स्ट्रैटेजी डेटा: प्राइवेसी vs जांच
- हाईकोर्ट स्थगन: ज्यूडिशियरी पर प्रेशर
ED vs ममता केस ने बंगाल की सियासत गरमा दी। सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेगा?
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ED ने I-PAC पर छापे क्यों मारे?
कोयला घोटाले से 20 करोड़ हवाला फंड्स I-PAC को ट्रांसफर होने का केस। TMC इलेक्शन स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट की जांच। - ममता ने छापे में क्या किया?
ED का आरोप- ममता पहुंचीं, लैपटॉप-फोन ले लिया। ममता बोलीं TMC चेयरपर्सन के नाते पार्टी डेटा बचाया। - कोर्ट में क्या हो रहा?
ED ने हाईकोर्ट में CBI प्रोब मांगी। सुनवाई स्थगित। सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी। TMC ने काउंटर पिटीशन डाली। - ममता का विरोध कैसा रहा?
10 किमी मार्च जादवपुर-हजरा। ED को BJP एजेंट बताया, कोयला पैसे BJP को जाने का आरोप। - I-PAC का रोल क्या?
TMC का पॉलिटिकल कंसल्टेंसी। प्रतीक जैन फाउंडर। 2024-26 चुनाव स्ट्रैटेजी हैंडल।
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