साहिबगंज । ऊपरी कमाई की लालसा लगभग सभी सरकारी कर्मचारियों को होती हैं।लेकिन जल्दी करने के चक्कर में एमओ नंदन कुमार गिरफ्तार हो गए।सिर्फ दो माह पहले नंदन कुमार ने सीजीएल परीक्षा पास कर नौकरी ज्वाइन किया।लेकिन,रिश्वतखोरी मामले में पकड़े गए।जब वह 40,000 रुपए की घूस ले रहे थे,उसी समय एसीबी की टीम ने उन्हें पकड़ लिया।नंदन कुमार साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड में एमओ के पद पर हैं।राज्य सरकार द्वारा बरहरवा में यह उनकी पहली पोस्टिंग थी।वह मूल रूप से दुमका जिले के निवासी हैं।मामला डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष से जुड़ा हुआ हैं।नंदन कुमार ने डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष से 40,000 रुपए रिश्वत लेने का प्रयास किया। प्रत्येक डीलर से 5,000 रुपए की राशि मांगने के बाद डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष आलमगीर आलम ने एसीबी, दुमका में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम बरहरवा पहुंची और नंदन कुमार को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।पहली ही पोस्टिंग में इस तरह से घूस लेने की यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।कहा जा रहा है कि शुरुआत में छात्र यहीं चाहते हैं कि किसी तरह उनकी एक सरकारी नौकरी लग जाए।नौकरी मिलने से पहले वे सेवा की भावना और जिम्मेदारी दिखाते हैं, लेकिन जैसे ही पद संभालते हैं,उनमें घूस लेने की प्रवृत्ति विकसित हो जाती है।ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ युवाओं में शुरुआती उत्साह और आदर्शवाद नौकरी मिलने के साथ ही धीरे-धीरे भ्रष्ट प्रवृत्तियों में बदल जाता है।
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