दिल्ली पुलिस ने ED की शिकायत पर नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR दर्ज की। सोनिया-राहुल गांधी, सैम पिट्रोडा समेत 6 आरोपी। AJL पर कथित कब्जे का मामला। 2008-2024 की जांच।
राहुल-सोनिया पर ED की शिकायत से FIR: AJL के 2000 करोड़ केस का नया ट्विस्ट!
नेशनल हेराल्ड केस में एक नया मोड़ आ गया है। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने नई FIR दर्ज कर दी। इसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नाम प्रमुख हैं। ED यानी प्रवर्तन निदेशालय की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेटिव यूनिट की शिकायत पर ये कार्रवाई हुई। कुल 6 लोग आरोपी बनाए गए। तीन कंपनियां भी निशाने पर। मामला पुराना है लेकिन अब मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल खुला। कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश बता रही। BJP चुप्पी साधे। ये केस 2014 से चल रहा। अब 2025 में नई FIR। AJL की संपत्ति करीब 2000 करोड़ की बताई जा रही।
नेशनल हेराल्ड केस की पूरी पृष्ठभूमि
नेशनल हेराल्ड अखबार कांग्रेस से जुड़ा था। असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी AJL इसका प्रकाशक। 2014 में BJP के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्राइवेट शिकायत की। पटीयाला हाउस कोर्ट ने केस लिया। ED ने जांच शुरू की। सवाल ये कि AJL पर कैसे कब्जा हुआ। यंग इंडियन नाम की कंपनी वाहन बनी। गांधी परिवार ने इसके 76 फीसदी शेयर लिए। ED का कहना है कि ये डील में गड़बड़ी। 2008 से 2024 तक की गतिविधियां जांच के दायरे में। अप्रैल 2025 में ED ने PMLA कोर्ट में चार्जशीट दी। लेकिन कोर्ट ने अभी cognisance नहीं लिया।
नई FIR में कौन-कौन नाम शामिल
FIR 3 अक्टूबर की है। ED ने PMLA की धारा 66(2) के तहत दिल्ली पुलिस को जानकारी दी। ये धारा ED को दूसरी एजेंसी को अलर्ट करने का हक देती। अब predicate offence दर्ज होने से ED अपनी PMLA जांच आगे बढ़ा सकेगी। आरोपी: सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पिट्रोडा (इंडियन ओवरसीज कांग्रेस चीफ), और तीन अन्य। कंपनियां: AJL, यंग इंडियन, डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड। ED ने डिटेल्ड फाइंडिंग्स शेयर कीं। मकसद AJL कंट्रोल लेना।
गांधी परिवार पर ED के आरोप
ED की शिकायत कहती है कि नेताओं ने यंग इंडियन के जरिए AJL हथियाई। गांधी परिवार के पास 76% शेयर। बाकी हिस्सेदार छोटे। AJL की दिल्ली, मुंबई, लखनऊ में जमीनें। मूल्य 2000 करोड़। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक witch-hunt कहा। पार्टी को FIR की जानकारी नहीं। लेकिन BJP इसे भ्रष्टाचार उजागर बताएगी। स्वामी की शिकायत ने सब शुरू किया। 10 साल बाद नई FIR।
नेशनल हेराल्ड केस के मुख्य मोड़ (बुलेट पॉइंट्स में)
- 2014: स्वामी की शिकायत, कोर्ट cognisance।
- 2008-24: ED जांच पीरियड, AJL डील।
- अप्रैल 2025: ED चार्जशीट PMLA कोर्ट में।
- अक्टूबर 2025: नई FIR दिल्ली पुलिस में।
- यंग इंडियन: 76% गांधी शेयर, AJL टेकओवर।
- PMLA 66(2): ED को जांच आगे बढ़ाने का रास्ता।
केस से जुड़ी कंपनियां और लोग
| नाम/कंपनी | भूमिका | शेयर/संपत्ति विवरण |
|---|---|---|
| सोनिया गांधी | आरोपी, यंग इंडियन शेयरहोल्डर | 38% शेयर (राहुल संग 76%) |
| राहुल गांधी | आरोपी, यंग इंडियन शेयरहोल्डर | 38% शेयर |
| सैम पिट्रोडा | आरोपी, IOC चीफ | शेयरहोल्डर |
| AJL | टारगेट कंपनी | 2000 करोड़ संपत्ति |
| यंग इंडियन | टेकओवर वाहन | 76% गांधी परिवार |
| डॉटेक्स मर्चेंडाइज | आरोपी कंपनी | ट्रांजेक्शन लिंक |
(डेटा ED रिपोर्ट्स और न्यूज18 से। आधिकारिक कोर्ट डॉक्यूमेंट्स चेक करें।)
कांग्रेस की सफाई और BJP का स्टैंड
कांग्रेस ने हर आरोप खारिज किया। इसे BJP सरकार की साजिश। राहुल-सोनिया पर हमला। पार्टी बोली- राजनीतिक vendetta। ED-BJP कनेक्शन। लेकिन FIR फैक्ट्स पर आधारित। स्वामी ने लंबे समय से लड़ाई लड़ी। कोर्ट ने कई summons जारी। गांधी परिवार summoned। जवाब दिए। अब नई FIR से कोर्ट आगे बढ़ेगा। राजनीतिक हलचल बढ़ेगी। 2026 चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा।
PMLA और FIR का कानूनी महत्व
PMLA की धारा 66(2) पावरफुल। ED दूसरी एजेंसी को predicate offence रजिस्टर करवा सकती। फिर मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसीड। राउज एवेन्यू कोर्ट MPs/MLAs केस देखता। ED की चार्जशीट पेंडिंग। नई FIR से स्पीड आएगी। CBI भी जुड़ सकती। कानूनी विशेषज्ञ कहते हैं- अगर प्रूफ मजबूत तो बिग ट्रबल। लेकिन कांग्रेस लंबी लड़ाई लड़ लेगी।
AJL की संपत्ति का विवाद
AJL कांग्रेस की पुरानी कंपनी। नेशनल हेराल्ड, क्विल, लौह पुरुष जैसे पेपर। 1938 से चली। कर्ज बढ़ा। यंग इंडियन ने 90 करोड़ का लोन दिया। बदले संपत्ति। ED कहती- zero income वाली कंपनी ने takeover। गांधी परिवार लाभ। टैक्स चोरी? मनी लॉन्ड्रिंग? जांच जारी। News18 रिपोर्ट्स में 2000 करोड़ वैल्यू। दिल्ली प्रॉपर्टी प्रमुख।
सुब्रमण्यम स्वामी की भूमिका
स्वामी ने 2014 में केस फाइल किया। BJP सांसद थे। कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप। सालों कोर्ट-कचहरी। ED को दिशा दी। अब उनका केस मजबूत। स्वामी ट्विटर पर एक्टिव। नई FIR की तारीफ करेंगे। राजनीतिक वार।
राजनीतिक प्रभाव
ये केस कांग्रेस को कमजोर करेगा। राहुल लीडरशिप पर सवाल। BJP चुनावी हथियार। लेकिन कोर्ट फैसला अंतिम। अगर बरी तो BJP बैकफायर। जांच लंबी चलेगी। मीडिया कवरेज हाई। वोटर राय बंटी। विपक्ष हमला बोलेगा।
पिछले केस अपडेट्स
2018-19 में ED ने गांधी को summon। जवाब दिए। 2022 में ट्रायल कोर्ट। 2023 PMLA कोर्ट। अप्रैल 2025 चार्जशीट। अब FIR। टाइमलाइन लंबी। लेकिन ED दबाव। BJP सेंट्रल गवर्नमेंट सपोर्ट।
कांग्रेस के अन्य चेहरे
सैम पिट्रोडा विदेशी कनेक्शन। इंडियन ओवरसीज। अन्य तीन नाम छोटे। लेकिन गांधी फोकस। पार्टी यूनिटी टेस्ट। मल्लिकार्जुन, खड़गे चुप। आंतरिक मीटिंग्स।
5 FAQs
- प्रश्न: नई FIR में कौन-कौन आरोपी हैं?
उत्तर: सोनिया-राहुल गांधी, सैम पिट्रोडा समेत 6 लोग। AJL, यंग इंडियन कंपनियां। - प्रश्न: FIR कब और क्यों दर्ज हुई?
उत्तर: 3 अक्टूबर को। ED की PMLA 66(2) शिकायत पर। - प्रश्न: AJL की संपत्ति कितनी?
उत्तर: करीब 2000 करोड़। दिल्ली-मुंबई जमीनें। - प्रश्न: कांग्रेस क्या कह रही?
उत्तर: राजनीतिक witch-hunt। BJP की साजिश। - प्रश्न: ED को आगे क्या मिलेगा?
उत्तर: predicate offence से PMLA जांच तेज।
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