ED ने कोलकाता में I-PAC ऑफिस और प्रतीक जैन के घर पर छापा मारा। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने प्रशांत किशोर पर घोटाले के आरोप लगाए। ममता ने ED पर हमला बोल रैली निकाली, ED बोली- सीएम ने सबूत ले लिए।
ED vs I-PAC: ममता ने प्रतीक जैन के घर पहुंचकर सबूत ले लिए, भाजपा सांसद का एक्सपोज- 60 करोड़ का काला खेल
ED की I-PAC पर छापेमारी: पूरा मामला क्या है?
प्रशांत किशोर की राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के कोलकाता के सॉल्टलेक सेक्टर-5 स्थित ऑफिस और इसके चीफ प्रतीक जैन के आवास पर 8 जनवरी 2026 को ED ने छापे मारे। ये छापे वेस्ट बंगाल में फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुए। ED का दावा है कि सर्च प्रोफेशनली चल रही थी जब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और महत्वपूर्ण सबूत जैसे दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले लीं।
ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट में आवेदन देकर कहा कि ममता ने जांच में बाधा डाली। कोर्ट ने मामला सुनने का फैसला किया। ममता ने इसे BJP का राजनीतिक दबाव बताते हुए 9 जनवरी को कोलकाता में बड़ा प्रोटेस्ट रैली निकाली, जहां TMC कार्यकर्ताओं ने ED और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल के बयान का सार
पटना साहिब से भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने ED छापे का स्वागत करते हुए कहा कि I-PAC में शुरू से घोटाले हो रहे हैं। ANI को दिए बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव से पहले I-PAC ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को पैसे दिए, जबकि कंसल्टेंसी फर्म को उल्टा पैसे लेने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में I-PAC ने 60 करोड़ से ज्यादा पैसे प्रशांत को दिए BJP को हराने के लिए।
जायसवाल ने आगे कहा कि घाटे में चलने वाली 40 से ज्यादा कंपनियां I-PAC को दान दे रही थीं, जबकि उनकी वैल्यू 10 करोड़ भी नहीं थी। उन्होंने I-PAC पर ब्लैक मनी को व्हाइट करने का धंधा चलाने, गलत नेताओं के एजेंट बनने और गरीबों को पैसे से खरीदने का आरोप लगाया। बिहार में जन सुराज को प्रमोट करने के लिए I-PAC ने ही पैसे दिए, जो बड़ी साजिश है।
बिहार चुनाव में I-PAC का कथित घोटाला
संजय जायसवाल के मुताबिक, 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में I-PAC ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को हराने के लिए BJP के खिलाफ काम किया। कंसल्टेंसी ने खुद PK को 60 करोड़ दिए। कई छोटी-छोटी कंपनियां, जो घाटे में थीं, ने करोड़ों का डोनेशन दिया। तमिलनाडु-तेलंगाना की कंपनियों से पैसे लिए बिहार के ठेके के बदले।
I-PAC की वेबसाइट पर TMC और बंगाल सरकार क्लाइंट्स बताई गई है। ED छापे कोल घोटाले से जुड़े 2020 मनी लॉन्ड्रिंग केस में हैं। जायसवाल ने ममता पर भी निशाना साधा कि तमिलनाडु की जुआ कंपनी ने 544 करोड़ डोनेशन क्यों दिया।
ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया और प्रोटेस्ट
ममता ने ED छापों को 2026 बंगाल चुनाव से पहले BJP का डराने का हथकंडा बताया। उन्होंने प्रतीक जैन के घर पहुंचकर ED टीम को घेरा और TMC कार्यकर्ताओं ने स्लोगन दिए। ED के अनुसार, ममता ने सबूत ले लिए। ममता ने जादवपुर में रैली निकाली जहां उन्होंने कहा कि BJP 2029 तक नहीं टिकेगी, TMC 2026 जीतेगी।
TMC ने ED पर FIR दर्ज कराई। ममता ने अमित शाह पर निशाना साधा। ED ने कोलकाता HC में ममता को पार्टी बनाया और CBI जांच की मांग की।
I-PAC क्या है और प्रतीक जैन कौन?
I-PAC (Indian Political Action Committee) 2014 लोकसभा चुनाव से फेमस हुई, जब प्रशांत किशोर ने इसे BJP के लिए चलाया। बाद में मोदी, ममता, AAP, कांग्रेस समेत कई पार्टियों के साथ काम किया। कोलकाता में इसका बड़ा सेटअप है, जो TMC का प्रमुख स्ट्रैटेजिस्ट है।
प्रतीक जैन I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर हैं, ममता के करीबी सलाहकार। ED ने उनके घर और ऑफिस पर सर्च की।
ED छापों का समय और राजनीतिक संदर्भ
छापे 2026 बंगाल चुनाव से ठीक पहले हुए। TMC इसे BJP का दबाव बताती है, BJP इसे सही जांच। कोल घोटाले से लिंक, फर्जी जॉब स्कैम। ED ने 15 जगह सर्च कीं।
प्रमुख आरोपों की सूची
- I-PAC ने बिहार में जन सुराज को पैसे दिए।
- घाटे वाली कंपनियों से करोड़ों डोनेशन।
- ब्लैक मनी व्हाइट करने का धंधा।
- ममता ने ED सर्च में सबूत ले लिए।
- TMC को तमिलनाडु जुआ कंपनी से 544 करोड़।
संजय जायसवाल के बयान टेबल
| आरोप | विवरण |
|---|---|
| बिहार घोटाला | I-PAC ने PK को 60 Cr दिए BJP हराने को |
| कंपनी डोनेशन | 40 घाटे वाली कंपनियों से करोड़ों |
| जन सुराज फंड | कंसल्टेंसी ने पार्टी को पैसे दिए |
| ममता कनेक्शन | तमिलनाडु लॉटरी किंग से 544 Cr |
ममता की रैली हाइलाइट्स
आगे क्या हो सकता है?
ED की CBI जांच मांग HC में। ममता पर बाधा डालने का केस। राजनीतिक तनाव 2026 चुनाव से पहले चरम पर।
5 (FAQs)
- सवाल: ED ने I-PAC पर छापा क्यों मारा?
जवाब: फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में। कोलकाता ऑफिस और प्रतीक जैन के घर पर सर्च। - सवाल: संजय जायसवाल ने क्या आरोप लगाए?
जवाब: I-PAC ने बिहार चुनाव में PK को 60 Cr दिए, ब्लैक मनी व्हाइट किया, घाटे वाली कंपनियों से डोनेशन लिया। - सवाल: ममता ने क्या किया ED छापे पर?
जवाब: प्रतीक जैन के घर पहुंचीं, ED पर आरोप लगाया। 9 जनवरी को कोलकाता में प्रोटेस्ट रैली निकाली। - सवाल: ED का ममता पर क्या आरोप?
जवाब: ममता ने पुलिस के साथ जैन के घर घुसकर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिवाइस ले लीं, जांच बाधित की। HC में केस। - सवाल: I-PAC किसका क्लाइंट है?
जवाब: प्रशांत किशोर की फर्म, TMC और बंगाल सरकार क्लाइंट्स। बिहार, बंगाल चुनावों में सक्रिय।
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