Budget 2026 शिक्षा अपेक्षाएं: डिजाइन रिसर्च, इनोवेशन, हायर एजुकेशन को बूस्ट। विकसित भारत के लिए स्किल गैप भरना, इंडस्ट्री-यूनिवर्सिटी लिंक। अनंत नेशनल यूनिवर्सिटी प्रोवोस्ट की राय!
Budget 2026 शिक्षा अपेक्षाएं: डिजाइन रिसर्च, इनोवेशन और हायर एजुकेशन को बूस्ट
भारत विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसके लिए सिस्टम थिंकर्स चाहिए – जो तेजी से अडैप्ट करें, क्रॉस-डोमेन काम करें, कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम्स सॉल्व करें। डिजाइन प्रोफेशनल्स यही करते। अनंत नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट डॉ. संजीव विद्यार्थी कहते हैं – आगामी बजट डिजाइन के हायर एजुकेशन और रिसर्च को सपोर्ट करे। ये राष्ट्रिय आकांक्षाओं से जुड़ेगा। स्किल्स-प्रोडक्टिविटी गैप भरना, रिसर्च को इकोनॉमिक मल्टीप्लायर बनाना – ये बजट के बड़े एजेंडे।
पिछले साल शिक्षा मिनिस्ट्री को 1.28 लाख करोड़ मिले। स्टेकहोल्डर्स AI-लर्निंग, क्लाइमेट एजुकेशन, स्किल बेस्ड एजुकेशन, टीचर ट्रेनिंग, इंडस्ट्री-एकेडेमिया लिंक की उम्मीद। NEP का 6% GDP टारगेट दूर।
स्किल्स-प्रोडक्टिविटी गैप: डिजाइन क्यों समाधान?
ट्रेडिशनल एजुकेशन इंडस्ट्री स्किल्स से मेल नहीं खाता। डायनामिक वर्कप्लेसेस में अडैप्टिव प्रोफेशनल्स चाहिए। डिजाइन इंटरडिसिप्लिनरी – यूनिवर्सिटीज़ को स्किल ड्रिवन बनाना होगा। बजट पॉलिसी सपोर्ट दे – इंडस्ट्री-एकाडेमिया इंगेजमेंट बढ़े। फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स बने।
रिसर्च फंडिंग: इकोनॉमिक मल्टीप्लायर
रिसर्च सिर्फ साइंस नहीं – लॉन्ग टर्म मल्टीप्लायर। R&D में इनवेस्ट करने वाले देश मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, टेक में आगे। भारत का चैलेंज: एलीट इंस्टीट्यूशंस से बाहर रिसर्च बढ़ाना, नेशनल प्रायोरिटीज़ से लिंक। बजट अप्लाइड रिसर्च को सपोर्ट करे – क्लाइमेट रेजिलिएंस, अर्बनाइजेशन, पब्लिक सिस्टम्स, अफोर्डेबल टेक्नोलॉजी। इंडस्ट्री लिंक्ड रिसर्च विदेशी IP पर डिपेंडेंसी कम करेगा।
SPA, NIT, CEPT को अर्बन डेवलपमेंट रिसर्च के लिए सीड फंडिंग मिली। डिजाइन के लिए भी हो।
डिजाइन एजुकेशन: विकसित भारत का सेंटर
डिजाइन ह्यूमन ट्रेट। विकसित भारत को वेल-बीइंग सेटलमेंट्स चाहिए। डिजाइन एजुकेशन इंक्लूसिव ग्रोथ लाएगा – अर्बन-रूरल दोनों। एम्पैथी, कॉन्टेक्स्ट अवेयरनेस, सस्टेनेबिलिटी, एथिकल टेक, क्रॉस-डिसिप्लिनरी कॉलाबोरेशन सिखाएगा। सोशली कॉन्शस डिजाइनर्स बनेंगे, प्रोग्रेस हर कोने पहुंचेगी।
एक्सेस बिना एक्सीलेंस डाइल्यूट न हो: इक्विटी
डेमोग्राफिक डिविडेंड तभी, जब यंग पॉपुलेशन क्वालिटी एजुकेशन पाए। फर्स्ट जेनरेशन लर्नर्स, रीजनल इंस्टीट्यूशंस, मल्टीलिंग्वल मॉडल्स को सपोर्ट। ग्रोथ स्ट्रैटेजी है, सोशल स्पेंडिंग नहीं। फाइनेंशियल एड, रीजनल कैपेसिटी, इंक्लूसिव पीडैगॉजी से टैलेंट पूल बढ़ेगा।
बजट 2026 के 7 स्पेसिफिक रिकमंडेशन्स
- डिजाइन चेयर प्रोफेसरशिप्स: 500 करोड़ – SPA, NID, IITs में।
- इंडस्ट्री लिंक्ड रिसर्च ग्रांट्स: 2000 करोड़ – क्लाइमेट, अर्बन प्रोजेक्ट्स।
- स्कॉलरशिप्स: 50% GER के लिए 30 बिलियन USD।
- रीजनल डिजाइन सेंटर्स: Tier-2/3 शहरों में।
- AI-डिजाइन लैब्स: 100 यूनिवर्सिटीज़ में।
- टीचर ट्रेनिंग: डिजाइन पीडैगॉजी।
- GST एग्जेम्प्शन: कोर करिकुलम रिसोर्सेज।
क्वांटिटेटिव बेनिफिट्स: ROI कैलकुलेशन
| निवेश | मल्टीप्लायर | 10 साल प्रभाव |
|---|---|---|
| 10,000 Cr | 5X | 50,000 Cr |
| डिजाइन ग्रेजुएट्स | 2 लाख/साल | 20 लाख जॉब्स |
| रिसर्च पेटेंट्स | 500/साल | IP एक्सपोर्ट |
| GDP कंट्रीब्यूशन | 2% | 5 लाख Cr |
NEP 2026 इंप्लीमेंटेशन: डिजाइन फोकस
50% GER के लिए 30 बिलियन USD चाहिए। अफोर्डेबल फाइनेंसिंग, कैपिटल मार्केट एक्सेस। ग्लोबल स्किल एक्सपोर्टर बनना। मेडिकल-पैरामेडिकल Tier-2/3 में।
ग्लोबल कम्पेरिजन: इंडिया vs चाइना-USA
चाइना: डिजाइन रिसर्च GDP का 2.8%। USA: MIT-Stanford मॉडल। इंडिया: 4 यूनिवर्सिटी टॉप 500 में। बजट चेंज लाएगा।
वास्तु-आध्यात्मिक एंगल: डिजाइन+सस्टेनेबिलिटी
वास्तु में डिजाइन = हार्मनी। सस्टेनेबल सेटलमेंट्स वास्तु+मॉडर्न।
प्रैक्टिकल स्टेप्स: यूनिवर्सिटीज़-इंडस्ट्री
बजट 2026 कैपेबिलिटी बिल्डिंग लाएगा। डिजाइन इंटेलेक्चुअल इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा। अपनी राय शेयर करें!
5 FAQs
Q1: डिजाइन एजुकेशन क्यों महत्वपूर्ण?
A: इंटरडिसिप्लिनरी, अडैप्टिव स्किल्स, सस्टेनेबिलिटी।
Q2: बजट में कितना चाहिए?
A: रिसर्च के लिए 5000 Cr+, स्कॉलरशिप्स 30B USD।
Q3: स्किल गैप कैसे भरेगा?
A: इंडस्ट्री-एकाडेमिया लिंकेज।
Q4: रिसर्च मल्टीप्लायर क्यों?
A: IP क्रिएशन, विदेशी डिपेंडेंसी कम।
Leave a comment