हिमाचल के किब्बर में Snow Leopard ने बर्फीले ढलानों पर आईबेक्स का पीछा किया। खतरनाक लड़ाई, चट्टानों से लुढ़कना, आखिरकार शिकारी हार गया। वन्यजीव प्रेमी Andres Novales का वायरल वीडियो। हिमालय का दुर्लभ दृश्य!
हिमाचल के किब्बर में स्नो लेपर्ड का खतरनाक शिकार: बर्फीले चट्टानों पर ड्रामा, फोटोग्राफर ने कहा “जीवन का सर्वश्रेष्ठ पल”
हिमालय के दुर्गम किब्बर गांव से वायरल हो रहा एक ऐसा वीडियो जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। स्पेनिश वन्यजीव प्रेमी Andres Novales ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया 2 मिनट का ड्रामा, जिसमें मादा स्नो लेपर्ड अपने दो बच्चों को खाई में छोड़कर ऊंचे ढलानों पर शिकार के लिए निकल पड़ी। निशाना था विशाल नर आईबेक्स। बर्फीली चट्टानों पर सांस रोक देने वाली लड़ाई हुई, लेकिन ग्रेविटी ने सब तय कर दिया। ये हिमालय का कच्चा, बेरहम, लेकिन खूबसूरत जीवन है।
शिकार की पूरी कहानी: स्टॉर्म के बाद सनसनी
दो दिन भारी हिमपात ने किब्बर को कैद कर रखा था। सभी घरों में बंद। तीसरे दिन मौसम साफ हुआ। ताजा बर्फ की चादर पर हलचल दिखी। वही मादा स्नो लेपर्ड जो पहले दिखी थी। बच्चों को गहरी खाई में छोड़ ऊंचाई चढ़ी। रिज से नीचे घाटी में चरते आईबेक्स झुंड पर नजर। धीरे-धीरे, चुपचाप, फोकस्ड स्टॉकिंग शुरू।
डेथ-डिफाइंग अटैक: चट्टानों का नाच
- चरण 1: सबसे बड़े नर आईबेक्स को टारगेट।
- चरण 2: पीछे से जबरदस्त छलांग, गले पर पकड़।
- चरण 3: आईबेक्स नीचे की ओर दौड़ा, लेपर्ड पीठ पर चिपका।
- चरण 4: बर्फ पर फिसलना, पत्थरों पर लुढ़कना।
- चरण 5: खाई के किनारे पर रुकना – बस कुछ सेकंड का फासला।
क्लाइमेक्स: ग्रिप छूटा, आईबेक्स बचा
अचानक लेपर्ड की पकड़ ढीली। वो पल ही काफी था। आईबेक्स दिशा बदलकर भागा। लेपर्ड ने थोड़ा पीछा किया, लेकिन हार मान ली। घाटी में सन्नाटा। गवाह कांपते खड़े रहे। Novales बोले, “जंगली जीवन में सबसे ताकतवर पल।”
स्नो लेपर्ड: हिमालय का भूत
- नाम: “Ghost of the Mountains”
- वजन: 25-75 किलो
- लंबाई: 75-150 cm
- आबादी: भारत में 500-700
- शिकार सफलता: सिर्फ 30%
- घर: 3000-6000 मीटर ऊंचाई
किब्बर-स्पीति: स्नो लेपर्ड पैराडाइज
हिमाचल का स्पीति वेली दुनिया के सबसे ठंडे इलाकों में। किब्बर 4270 मीटर ऊंचाई। स्नो लेपर्ड रिजर्व। प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड के तहत कंजर्वेशन। लेकिन क्लाइमेट चेंज, प्री ट्रॉफी हंटिंग से खतरा।
सोशल मीडिया रिएक्शन: वायरल तूफान
प्रशंसा:
- “Nature’s raw power!”
- “Insane footage!”
- “Best wildlife video ever!”
चिंता:
कंजर्वेशन स्टेटस और चुनौतियां
| खतरा | प्रभाव |
|---|---|
| क्लाइमेट चेंज | प्री कम |
| अवैध शिकार | 50% मौतें |
| हैबिटेट लॉस | 30% रेंज कम |
| प्री कम | भुखमारी |
फोटोग्राफर Andres Novales: स्पेन से हिमालय
वन्यजीव फोटोग्राफर। हिमालय के दीवाने। किब्बर आखिरी दिन का इंतजार रंग लाया। “लाइफ का बेस्ट वाइल्डलाइफ मोमेंट।”
हाई अल्टिट्यूड हंटिंग: क्यों इतना मुश्किल?
आयुर्वेदिक एंगल: प्रकृति संतुलन
हिमालय वैदिक ऊर्जा केंद्र। स्नो लेपर्ड = शिव अवतार। प्री-प्रेडेटर बैलेंस जरूरी।
किब्बर घूमने का प्लान
कंजर्वेशन के लिए करें ये
हिमालय का भूत जिंदा है। लेकिन खतरे में। वीडियो देखें, कंजर्वेशन सपोर्ट करें। अपना एक्सपीरियंस शेयर करें!
5 FAQs
Q1: शिकार कब-कहां हुआ?
A: किब्बर, स्पीति – हिमपात के बाद आखिरी दिन।
Q2: स्नो लेपर्ड हारी क्यों?
A: ग्रिप ढीली, आईबेक्स ने दिशा बदली।
Q3: कितने दुर्लभ ये दृश्य?
A: एक्टिव हंटिंग बहुत कम कैप्चर होता।
Q4: स्नो लेपर्ड की संख्या?
A: भारत में 500-700।
Q5: किब्बर कैसे पहुंचें?
A: रिकांग पео से 4 घंटे। ILP जरूरी।
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