चुनाव आयोग ने BMC चुनाव से ठीक पहले लड़की बहिन योजना की दिसंबर-जनवरी किस्त (3000 रुपए) ट्रांसफर रोका। कांग्रेस ने वोटर ब्राइब बताया, BJP बोली- महिलाओं का हक छीन लिया। 2.5 करोड़ लाभार्थी प्रभावित। पूरी खबर।
BMC पोलिंग से 24 घंटे पहले धमाल: 2.5 करोड़ महिलाओं का 3000 रुपए रुका, कांग्रेस ने लगाया ब्राइब का आरोप!
चुनाव आयोग ने रोकी लड़की बहिन योजना की ट्रांसफर: BMC चुनाव से एक दिन पहले सियासी बवाल
महाराष्ट्र में 29 नगर निगम चुनावों से ठीक पहले लड़की बहिन योजना को लेकर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया। राज्य चुनाव आयोग ने सोमवार को सरकार को साफ निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना के तहत दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की किस्तें (कुल 3000 रुपए) 14 जनवरी को लाभार्थियों के खातों में न डालें। ये फैसला कांग्रेस की शिकायत पर आया, जिसने इसे ‘सरकारी ब्राइब’ करार दिया। बीजेपी ने इसे राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि 2.5 करोड़ महिलाओं का हक छीन लिया गया।
विवाद की जड़ 14 जनवरी का प्लान था, जब पोलिंग से 24 घंटे पहले 1 करोड़ से ज्यादा महिला वोटर्स के खाते में 3000 रुपए आने वाले थे। योजना में हर महीने 1500 रुपए मिलते हैं। बीजेपी मंत्री गिरीश महाजन ने इसे ‘मकर संक्रांति गिफ्ट’ बताया था। लेकिन मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) लागू होने के बाद कांग्रेस ने स्टेट इलेक्शन कमीशन में शिकायत की। बोलीं, ये वोटरों को लुभाने की कोशिश है, MCC का उल्लंघन। आयोग ने चीफ सेक्रेटरी से सफाई मांगी, फिर साफ कहा- रूटीन किस्तें चलेंगी लेकिन अडवांस जनवरी वाली नहीं।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर हमला बोला। कहा, ‘ये चल रही वेलफेयर स्कीम है। चुनाव के नाम पर पूरे राज्य की महिलाओं को क्यों वंचित करें? कांग्रेस शुरू से ही योजना के खिलाफ थी। नाना पटोले ने हाईकोर्ट में पिटीशन करवाकर रोकने की कोशिश की। वेलफेयर को राजनीति के हिसाब से ऑन-ऑफ नहीं किया जा सकता।’ नागपुर बीजेपी चीफ दयाशंकर तिवारी ने इसे ‘कांग्रेस का एंटी-वुमन माइंडसेट’ कहा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार की ये फ्लैगशिप स्कीम 2024 में शुरू हुई। 21-60 साल की गरीब महिलाओं को 1500 रुपए महीना, सालाना 18,000। 2.46 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड, 2.36 करोड़ को पहली किस्त मिली। योजना का बजट 46,000 करोड़। अक्टूबर-नवंबर की संयुक्त किस्त पहले ट्रांसफर हो चुकी। लेकिन चुनावी समय में ये विवाद खड़ा कर गया। विपक्ष MVA ने कहा, ये महायुति का वोट खरीदने का हथकंडा।
BMC चुनाव 15 जनवरी को, काउंटिंग 16 को। मुंबई, पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे बड़े निगम शामिल। 40,000 करोड़ के BMC बजट पर सबकी नजर। लड़की बहिन का ये विवाद वोटर्स को प्रभावित कर सकता। आयोग ने साफ किया- पुरानी स्कीम चलेंगी लेकिन नई बेनिफिशियरी नहीं जोड़ी जाएंगी।
लड़की बहिन योजना: प्रमुख आंकड़े
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| लाभार्थी | 2.5 करोड़+ |
| मासिक सहायता | 1500 रुपए |
| सालाना | 18,000 रुपए |
| कुल बजट | 46,000 करोड़ |
| रोकी गई राशि | 3000 रुपए (दिस-जन) |
राजनीतिक बयानबाजी
- कांग्रेस: ‘कलेक्टिव गवर्नमेंट ब्राइब। 1 करोड़ महिला वोटर्स टारगेट।’
- बीजेपी: ‘चल रही स्कीम। महिलाओं को सजा मत दो। कांग्रेस विरोधी महिला।’
- आयोग: ‘अडवांस पेमेंट नहीं। रूटीन जारी।’
योजना का सफर
- 2024 लॉन्च: फडणवीस सरकार।
- पहले 3 महीने: 7000 करोड़ ट्रांसफर।
- 26 लाख अयोग्य हटाए।
- चुनाव पूर्व विवाद।
नगर निगम चुनावों का महत्व
कांग्रेस का पुराना विरोध
बीजेपी का बचाव
- बावनकुले: ‘हक छीनना गलत।’
- महाजन: ‘संक्रांति गिफ्ट।’
- तिवारी: ‘एंटी-वुमन।’
महिलाओं पर असर
2.5 करोड़ बहनों को इंतजार। दिसंबर किस्त रुक गई। जनवरी बाद में। गरीब परिवार प्रभावित। सोशल मीडिया पर बहस।
ऐसे विवादों का इतिहास
पहले भी योजनाओं पर MCC केस। मध्य प्रदेश, राजस्थान में पेमेंट रोके। चुनावी लाभ की आशंका। सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस।
चुनाव आयोग का रुख साफ
BMC चुनाव पर नजर
15 जनवरी वोटिंग। मुंबई में BJP vs शिवसेना। लड़की बहिन इश्यू वोट पॉलर बनेगा। विपक्ष का हथियार।
महाराष्ट्र राजनीति में ये लड़की बहिन विवाद तूल पकड़ चुका। क्या पोलिंग के बाद पैसा आएगा? महायुति को नुकसान? वोटर्स का रिएक्शन क्या? 15 जनवरी सब साफ।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- लड़की बहिन योजना में कितना मिलता है?
हर महीने 1500 रुपए। सालाना 18,000। 21-60 साल महिलाओं को। - आयोग ने ट्रांसफर क्यों रोका?
14 जनवरी को 3000 रुपए (दिस-जन) पोलिंग से 24 घंटे पहले। MCC वायलेशन। - कितनी महिलाएं प्रभावित?
2.5 करोड़ लाभार्थी। 1 करोड़+ वोटर। - बीजेपी ने क्या कहा?
चल रही स्कीम। राजनीतिक साजिश। महिलाओं का हक। - चुनाव कब हैं?
15 जनवरी वोटिंग, 16 काउंटिंग। 29 निगम।
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