ओडिशा सरकार ने गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी समेत सभी तंबाकू-निकोटीन उत्पादों पर पूरी तरह बैन लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ये फैसला, कैंसर केस बढ़ने से युवा प्रभावित।
गुटखा-पान मसाला अब इतिहास! ओडिशा सरकार ने क्यों लगाई सख्ती, केंद्र के नए नियम क्या कहते हैं?
ओडिशा में गुटखा-पान मसाला पर पूरी तरह पाबंदी: कैंसर रोकने का सरकारी कदम, युवाओं पर सबसे ज्यादा असर
ओडिशा सरकार ने गुरुवार को एक बड़ा और सख्त फैसला ले लिया। स्वास्थ्य विभाग ने गुटखा, पान मसाला और सभी तंबाकू-निकोटीन वाले उत्पादों के निर्माण, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी। ये नोटिफिकेशन हेल्थ सेक्रेटरी अस्वathy S ने जारी किया। राज्य में 2013 से तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर बैन था, लेकिन अब पुरानी कमियों को दूर कर साफ-साफ नियम बनाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को गुटखा-पान मसाला पर टोटल कंप्लायंस का आदेश दिया था, उसी के तहत ये कदम।
स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महलिंगा ने कहा कि ओडिशा में गुटखा जैसे तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल राष्ट्रीय औसत से दोगुना है। इससे मुंह और ओरल कैंसर के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर युवाओं में। ‘एक सर्वे बताता है कि ओडिशा में गुटखा खाने वालों की संख्या देश के औसत से दोगुनी है। कैंसर केस बढ़ गए हैं। इसलिए पूरे राज्य में बैन लगाया गया। स्पेशल स्क्वॉड बनाएंगे सख्ती के लिए। लोग सहयोग करें, कैंसर मुक्त ओडिशा बनाएं।’
ये बैन पैकेज्ड हो या अनपैकेज्ड, सभी पर लागू। अलग-अलग बिकने वाले प्रोडक्ट जो मिलाकर खाए जाते हैं, वे भी बैन। फ्लेवर्ड, unscented, मिलावटी चबाने वाले सभी फूड प्रोडक्ट शामिल। किसी भी नाम से बिकने वाले गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी पर रोक। FSSAI गाइडलाइंस के मुताबिक ये कदम। केंद्र सरकार ने भी 1 फरवरी 2026 से तंबाकू पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई, पान मसाला पर हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस लगाया। सिगरेट पर 40% GST, बीड़ी पर 18%। पुराना GST कंपेंसेशन सेस खत्म।
गुटखा-तंबाकू क्यों खतरनाक? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक तंबाकू हर साल 80 लाख मौतों का कारण। भारत में 10 लाख से ज्यादा। ओडिशा में स्थिति खराब। ICMR डेटा कहता है ओरल कैंसर के 90% केस तंबाकू से। निकोटीन एडिक्शन ब्रेन को प्रभावित करता, कैंसर कार्सिनोजेन्स मुंह, गले, फेफड़े खराब करते। युवा सबसे ज्यादा शिकार क्योंकि सस्ता और आसानी से मिलता। बैन से कैंसर केस 30-40% कम हो सकते।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ओडिशा में गुटखा बैन कब से लागू?
गुरुवार 22 जनवरी 2026 से। सभी तंबाकू-निकोटीन प्रोडक्ट्स पर टोटल रोक। - कौन-कौन से प्रोडक्ट बैन?
गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी, फ्लेवर्ड तंबाकू। पैकेज्ड-अनपैकेज्ड सभी। - बैन का कारण क्या?
ओरल कैंसर केस दोगुने। युवा प्रभावित। सुप्रीम कोर्ट आदेश। - सजा क्या होगी?
जुर्माना, जेल। स्पेशल स्क्वॉड चेक करेगा। - केंद्र के नए नियम?
1 फेब से 40% GST पान मसाला पर, एक्साइज बढ़ा।
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