भारत सरकार ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया के अफगानिस्तान व्यापार बंद दावों को खारिज किया। ईरान अशांति का हवाला देकर फर्जी लेटर वायरल। PIB ने कहा पूरी तरह झूठ। 2024-25 में निर्यात 319 मिलियन डॉलर।
फर्जी लेटर से हलचल: भारत-अफगान व्यापार जारी, पाक प्रोपेगैंडा बेनकाब!
भारत ने पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा को बेनकाब किया: अफगानिस्तान व्यापार बंद का फर्जी दावा क्यों फैला
13 जनवरी 2026 को भारत सरकार ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स के एक झूठे दावे को सिरे से खारिज कर दिया। दावा था कि ईरान में चल रही अशांति की वजह से भारत ने अफगानिस्तान के साथ व्यापार अस्थायी रूप से रोक दिया है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर साफ कहा- ये पूरी तरह फर्जी खबर है। एक नकली लेटर वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया गया कि भारत ने ईरान रूट से अफगानिस्तान व्यापार सस्पेंड कर दिया।
ईरान इस वक्त बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। वहां हालात बिगड़े हैं, लेकिन इससे भारत का अफगानिस्तान के साथ व्यापार प्रभावित नहीं हुआ। PIB ने लिखा, ‘पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स द्वारा एक फर्जी लेटर वायरल किया जा रहा है। ये दावा करता है कि भारत ने ईरान की अशांति से अफगानिस्तान व्यापार रोक दिया। लेटर फेक है। सावधान रहें, ऐसे कंटेंट शेयर न करें। आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।’ इस पोस्ट को हजारों व्यूज मिले।
फर्जी लेटर में लिखा था कि भारत ने ‘क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति’ की समीक्षा कर अफगानिस्तान के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियां अस्थायी रूप से रोक दीं। इसमें ट्रांजिट रूट्स, लॉजिस्टिक कॉरिडॉर्स, फाइनेंशियल सेटलमेंट्स और कमर्शियल पर्सनल की सेफ्टी का हवाला दिया। एक्सपोर्टर्स-इम्पोर्टर्स को नए कॉन्ट्रैक्ट न करने और मौजूदा कंसाइनमेंट्स होल्ड करने को कहा। लेकिन सरकार ने साफ किया- कोई ऐसा आदेश जारी नहीं हुआ। व्यापार सामान्य चल रहा।
2024-25 वित्त वर्ष में भारत का अफगानिस्तान को निर्यात 318.91 मिलियन डॉलर रहा, जबकि आयात 689.81 मिलियन डॉलर। कुल मिलाकर भारत को व्यापार घाटा हुआ, लेकिन रिश्ते मजबूत हैं। मुख्य निर्यात में चावल, फल, सब्जियां, दवाइयां, मशीनरी शामिल। आयात में ड्राई फ्रूट्स, फ्रूट्स, नट्स। चाबहार पोर्ट से ईरान रूट अफगानिस्तान के लिए महत्वपूर्ण है, जो पाकिस्तान के वागाह-अटारी रूट का विकल्प।
ऐसे प्रोपेगैंडा नए नहीं। भारत-पाकिस्तान के बीच अफगानिस्तान को लेकर तनाव पुराना है। पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट करता रहा, जबकि भारत ने हमेशा लोकतांत्रिक अफगानिस्तान का साथ दिया। 2021 तालिबान takeover के बाद भी भारत ने चाबहार से गेहूं, दवाइयां भेजीं। पाकिस्तान अब डिजिटल वॉर लड़ रहा- फेक लेटर्स, सोशल मीडिया कैंपेन। इसका मकसद भारत को अफगानिस्तान से अलग दिखाना।
ईरान की अशांति का बैकग्राउंड
ईरान में विरोध प्रदर्शन महिलाओं के हिजाब कानून से शुरू हुए, अब आर्थिक मुद्दों पर फैले। 500 से ज्यादा मौतें। लेकिन भारत-ईरान रिश्ते मजबूत। चाबहार डेवलपमेंट में भारत ने 10 साल का एग्रीमेंट बढ़ाया। ये रूट मध्य एशिया के लिए गेटवे है। पाक Gwadar पोर्ट से मुकाबला कर रहा।
भारत-अफगानिस्तान व्यापार के आंकड़े
| वर्ष | निर्यात (मिलियन $) | आयात (मिलियन $) | मुख्य वस्तुएं |
|---|---|---|---|
| 2024-25 | 318.91 | 689.81 | चावल, दवाइयां / ड्राई फ्रूट्स |
| 2023-24 | 302 | 650 | फल-सब्जियां / नट्स |
| 2022-23 | 280 | 600 | मशीनरी / किशमिश |
चाबहार vs पाक रूट्स
- चाबहार: ईरान से अफगानिस्तान, 1700 किमी छोटा। भारत का कंट्रोल।
- वागाह-अटारी: पाकिस्तान होकर, असुरक्षित।
- फायदा: समय, लागत बचत।
पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा के पुराने उदाहरण
- पुलवामा अटैक के बाद फेक न्यूज।
- कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने पर झूठे दावे।
- अफगानिस्तान में तालिबान को हीरो दिखाना।
PIB फैक्ट चेक ऐसे झूठों को बेनकाब करता रहता।
कूटनीतिक महत्व
अफगानिस्तान में तालिबान राज तो है, लेकिन भारत मानवीय मदद जारी रखे। 5 मिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट। व्यापार से स्थिरता। पाकिस्तान की कोशिशें नाकाम।
सोशल मीडिया पर असर
फर्जी लेटर को लाखों रीट्वीट्स मिले। लेकिन PIB पोस्ट वायरल हो गई। लोग शेयर कर रहे- ‘पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा फेल’।
ऐसे हमलों से बचाव
- आधिकारिक स्रोत चेक करें।
- PIB फैक्ट चेक फॉलो करें।
- फेक न्यूज रिपोर्ट करें।
- जागरूकता फैलाएं।
ये घटना दिखाती है कि डिजिटल युग में प्रोपेगैंडा कितना आसान। लेकिन भारत की सतर्कता ने साजिश नाकाम कर दी। अफगानिस्तान से व्यापार जारी, चाबहार रूट मजबूत। पाकिस्तान के झूठे दावे बार-बार बेनकाब होंगे।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- क्या भारत ने अफगानिस्तान व्यापार रोका है?
नहीं, PIB ने साफ कहा। फर्जी लेटर पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा। व्यापार सामान्य। - फर्जी लेटर में क्या लिखा था?
ईरान अशांति से ट्रांजिट रूट्स सस्पेंड। एक्सपोर्टर्स को होल्ड करने को कहा। पूरी तरह फेक। - 2024-25 में व्यापार आंकड़े क्या?
निर्यात $318.91 मिलियन, आयात $689.81 मिलियन। - ईरान में क्या हो रहा?
विरोध प्रदर्शन, 500+ मौतें। लेकिन भारत-ईरान रूट प्रभावित नहीं। - चाबहार पोर्ट का महत्व क्यों?
अफगानिस्तान के लिए शॉर्ट रूट। पाकिस्तान बायपास।
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