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संभल दंगों में पुलिस FIR का आदेश देने वाले जज का तीनों बार ट्रांसफर, क्या न्यायपालिका पर हमला?

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Sambhal judge transfer, Vibhanshu Sudheer CJM
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संभल CJM विभांशु सुधीर को पुलिस पर FIR के आदेश के 9 दिन बाद ट्रांसफर। 8 महीने में तीसरा। कांग्रेस ने कहा न्यायपालिका पर हमला। वकील सड़कों पर। शाही ईदगाह सर्वे जज को पोस्ट करने की कोशिश रद्द। पूरी स्टोरी।

संभल CJM विभांशु सुधीर का मामला: 8 महीने में 3 ट्रांसफर, कांग्रेस बोली- संस्थागत हत्या

संभल जज ट्रांसफर विवाद: पुलिस पर FIR के 9 दिन बाद CJM विभांशु सुधीर का तबादला, विपक्ष ने कहा न्याय की हत्या

उत्तर प्रदेश के संभल में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का ट्रांसफर एक बड़ा विवाद बन गया। 9 जनवरी को उन्होंने 2024 के दंगों में युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस अधिकारियों समेत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके महज 9 दिन बाद उन्हें सुल्तानपुर भेज दिया गया। ये आठ महीनों में उनका तीसरा ट्रांसफर। विपक्षी दल, वकील संगठन और सिविल सोसाइटी ने इसे कार्यपालिका का न्यायपालिका में दखल बताया।

सुधीर 18 सितंबर 2025 को आगरा से संभल आए थे। चार महीने में ही हटाया जाना संदिग्ध लगा। पहले चंदौसी, फिर आगरा, अब सुल्तानपुर। वकीलों ने चंदौसी थाने और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। नारे लगाए- न्याय की हत्या बंद करो। पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश यादव बोले, ‘सुधीर ने जिला न्याय व्यवस्था मजबूत की। केस 8 दिन में निपटाए। ट्रांसफर रद्द हो।’ रोशन सिंह बोले, ‘अच्छे जज को सजा कौन देगा?’ हाईकोर्ट चीफ जस्टिस से अपील।

विवाद बढ़ा जब सुधीर के स्थान पर अदीत्य सिंह को पोस्ट किया। सिंह ने ही 2024 में शाही जामा मस्जिद का सर्वे कराया था, जिसके बाद दंगे भड़के। 4 मौतें हुईं। 48 घours में सिंह का पोस्टिंग रद्द, वापस भेजा। फिर दीपक कुमार जायसवाल को नया CJM बनाया। ये 600+ जजों के बड़े ट्रांसफर का हिस्सा। लेकिन टाइमिंग पर सवाल।

कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला। पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘ये प्रशासनिक नहीं, संस्थागत तोड़फोड़ है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार।’ सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग। संभल हिंसा में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों पर गोली का जिक्र। ‘राज्य हिंसा, अपराधी बचाओ, जवाब मांगने वालों को कुचलो- बीजेपी का फॉर्मूला।’ स्वतंत्र जांच की जरूरत।

समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट स्वत: संज्ञान लें।’ वकील बोले दबाव में ट्रांसफर। संभल कोतगढ़ी में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान दंगे। दावा- मस्जिद मंदिर पर बनी। झड़पें, गोलीबारी। 4 मौतें, कई घायल सहित पुलिस। सीओ अनुज चौधरी समेत पुलिस पर एफआईआर।

संभल हिंसा का पूरा मामला
सर्वे कोर्ट ऑर्डर पर। भीड़ भिड़ी। पथराव, गोली। चार मारे- बिल्कि हाशमी (20), नईम (35), उसीद (20), अरशद (30)। पुलिस बोली आत्मरक्षा। विपक्ष हत्या। जांच जारी।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. संभल CJM को क्यों ट्रांसफर किया?
    पुलिस पर FIR आदेश के 9 दिन बाद। 8 महीने में तीसरा। विपक्ष बोला दबाव।
  2. संभल दंगे कब-क्यों हुए?
    24 नवंबर 2024, शाही जामा मस्जिद सर्वे पर। 4 मौतें गोली से।
  3. अदीत्य सिंह का क्या रोल?
    सर्वे जज। उन्हें CJM बनाने की कोशिश, 48 घंटे में रद्द।
  4. विपक्ष ने क्या कहा?
    कांग्रेस: न्याय पर हमला। सपा: कोर्ट संज्ञान ले।
  5. वकीलों का विरोध?
    प्रदर्शन, ट्रांसफर रद्द की मांग। सुधीर की तारीफ।
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