Folate की कमी मूड, मेमोरी, लर्निंग प्रभावित करती और Neurodegenerative डिसऑर्डर्स का रिस्क बढ़ाती। पालक, दाल, संतरा से भरपूर भारतीय फूड्स – डॉक्टर्स की सलाह।
Folate की कमी: Neurodegenerative डिसऑर्डर्स का खतरा, डॉक्टर्स की चेतावनी
ब्रेन हेल्थ पर फोलेट का असर
Folate (विटामिन B9) की कमी मूड स्विंग्स, मेमोरी लॉस, लर्निंग प्रॉब्लम्स पैदा करती और लॉन्ग टर्म ब्रेन हेल्थ बिगाड़ती। न्यूरोडिजेनरेटिव डिसऑर्डर्स (अल्जाइमर, डिमेंशिया, पार्किंसन) का रिस्क बढ़ता। होमोसिस्टीन लेवल बढ़ने से ब्रेन सेल्स डैमेज। ICMR: भारतीयों में 40% फोलेट डेफिशिएंसी।
फोलेट डेफिशिएंसी सिम्पटम्स
- थकान, इरिटेबिलिटी
- मेमोरी फॉग, कंसन्ट्रेशन कम
- डिप्रेशन, एंग्जायटी
- न्यूरोलॉजिकल टिंगलिंग
- लॉन्ग टर्म: कॉग्निटिव डिक्लाइन
फोलेट रिच भारतीय फूड्स: डेली रिक्वायरमेंट
| फूड (100g) | फोलेट (mcg) | सर्विंग टिप्स |
|---|---|---|
| पालक (पालक) | 194 | सब्जी, स्मूदी |
| मूंग दाल | 159 | दाल-चावल |
| चना | 282 | छोले, स्प्राउट्स |
| संतरा | 30 | जूस, फ्रेश |
| ब्रोकली | 63 | स्टीम्ड |
| मेथी | 56 | परांठा, सब्जी |
डॉक्टर्स की सलाह: कैसे बढ़ाएं फोलेट?
डाइट: हरी पत्तेदार, लेग्यूम्स, सिट्रस। प्रेग्नेंसी में 600mcg जरूरी।
सप्लीमेंट्स: डॉक्टर प्रिस्क्राइब्ड फोलिक एसिड (400mcg डेली)।
रिस्क ग्रुप्स: वेजिटेरियन, प्रेग्नेंट, एल्डर्ली, IBD पेशेंट्स।
साइंस बैकिंग: क्यों जरूरी फोलेट?
फोलेट DNA सिंथेसिस, न्यूरोट्रांसमीटर प्रोडक्शन में मदद। कमी से ब्रेन अट्रॉफी। Lancet स्टडी: फोलेट सप्लीमेंटेशन कॉग्निटिव डिक्लाइन 25% कम।
(FAQs)
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