यूक्रेन के दूत ने कहा- पीएम मोदी ने बहुत बहादुरी दिखाई। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की जल्द भारत आएंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार व सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त आयोग बैठक की तैयारी। शांति प्रयासों में भारत की बड़ी भूमिका।
ज़ेलेंस्की भारत आने वाले: यूक्रेन दूत ने खोला राज- मोदी की हिम्मत की तारीफ!
मोदी को कीव की दुर्लभ तारीफ: ‘बहुत बहादुरी से किया’, ज़ेलेंस्की के भारत दौरे का संकेत
यूक्रेन और भारत के रिश्तों में नया मोड़ आया है। यूक्रेन के राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुली तारीफ की और कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमिर ज़ेलेंस्की जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। ये बयान ऐसे समय आया जब रूस-यूक्रेन जंग तीन साल से चल रही है। राजदूत ने कहा, ‘मोदी ने बहुत बहादुरी से ये किया।’ बात हो रही है अगस्त 2024 में मोदी के कीव दौरे की, जब वो ट्रेन से जंग वाले इलाके में पहुंचे और ज़ेलेंस्की से मिले। ये दुर्लभ सराहना है, क्योंकि पहले यूक्रेन ने भारत को रूस के करीब मानकर आलोचना की थी।
भारत ने हमेशा शांति की बात की है। पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से भी कई बार फोन पर बात की। दिसंबर 2025 में पुतिन भारत आए, उसके बाद ज़ेलेंस्की का दौरा प्लान हो रहा। दोनों देश इंटरगवर्नमेंटल जॉइंट कमीशन मीटिंग की तैयारी कर रहे। ये मीटिंग व्यापार, सहयोग बढ़ाने पर फोकस करेगी। यूक्रेन के दूत ने कहा कि मोदी का कीव विजिट डिप्लोमेटिक सिग्नल था।
भारत-यूक्रेन रिश्ते पुराने हैं। सोवियत दौर से सैन्य, व्यापार सहयोग। जंग शुरू होने के बाद भी भारत ने यूक्रेनियन छात्रों को निकाला, दवाइयां भेजी। 2022 से मोदी-ज़ेलेंस्की आठ बार फोन पर, चार बार आमने-सामने मिले। वाइब्रेंट गुजरात समिट 2026 में यूक्रेन के राजदूत ने मोदी की ग्लोबल लीडरशिप की तारीफ की। उन्होंने कहा युद्ध बाद रिकंस्ट्रक्शन में भारतीय कंपनियां एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, एग्रीकल्चर, आईटी में निवेश करें।
मोदी का कीव दौरा ऐतिहासिक था। अगस्त 2024 में वो पहले भारतीय पीएम बने जो जंग के बीच यूक्रेन गए। ट्रेन से कीव पहुंचे, एयर रेड अलर्ट के बीच ज़ेलेंस्की से मिले। दोनों ने शांति रोडमैप पर बात की। यूक्रेन ने इसे ‘बहादुर कदम’ कहा। अब ज़ेलेंस्की का भारत दौरा कन्फर्म। ये 1992, 2002, 2012 के बाद चौथा यूक्रेनियन प्रेसिडेंट विजिट होगा।
जॉइंट कमीशन मीटिंग महत्वपूर्ण। ये व्यापार, डिफेंस, टेक पर फोकस करेगी। भारत यूक्रेन को सूरजमुखी तेल, कोरन का बड़ा खरीदार। फार्मा, ऑयल कोऑपरेशन पुराना। युद्ध बाद रिकंस्ट्रक्शन में भारत की भूमिका बढ़ेगी। यूक्रेन ने पोलैंड कांफ्रेंस में भारतीय पार्टिसिपेशन चाहा। गुजरात समिट में ये बातें हुईं।
रूस के साथ भी रिश्ते मजबूत। पुतिन का दिसंबर 2025 विजिट ब्रिक्स, एनर्जी पर केंद्रित। भारत ने कभी रूस पर सैंक्शंस नहीं लगाए। यूरोप भारत से उम्मीद करता है कि वो मॉस्को पर दबाव डाले। लेकिन भारत का स्टैंड क्लियर- डिप्लोमेसी, न कि ब्लॉक पॉलिटिक्स। 2026 में भारत कई समिट होस्ट करेगा- एआई समिट, ब्रिक्स, क्वाड।
भारतीय डिप्लोमेसी की ताकत
- संतुलन: रूस-यूक्रेन दोनों से बात।
- मानवीय मदद: छात्र निकाले, दवाइयां भेजी।
- शांति अपील: मोदी ने कई बार कॉल किए।
- आर्थिक मौके: रिकंस्ट्रक्शन में निवेश।
मोदी-ज़ेलेंस्की मीटिंग्स टाइमलाइन
| तारीख | जगह | मुख्य बातें |
|---|---|---|
| 2022 | फोन | जंग पर पहली बात |
| 2023 | G7 स्कॉर | पीस फॉर्मूला |
| अगस्त 2024 | कीव | ट्रेन मीटिंग |
| 2025 | फोन (8+) | शांति अपडेट्स |
| 2026 | भारत | ज़ेलेंस्की विजिट |
यूक्रेन रिकंस्ट्रक्शन मौके
- एनर्जी: सोलर, विंड प्रोजेक्ट्स।
- एग्रीकल्चर: ग्रेन रिकवरी।
- आईटी: सॉफ्टवेयर पार्टनरशिप।
- कंस्ट्रक्शन: इंफ्रा बिल्ड।
भारतीय कंपनियां रेडी।
वाइब्रेंट गुजरात इंपैक्ट
जनवरी 2026 समिट में रवांडा, यूक्रेन ने भारत की तारीफ। यूक्रेन दूत बोले- मोदी ग्लोबल स्टेट्समैन। गुजरात मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रा हब बनेगा। समिट ने आर्थिक डिप्लोमेसी को बूस्ट दिया।
ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट
2026 भारत का समिट ईयर। यूरोपियन कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन, काउंसिल प्रेसिडेंट का विजिट। ईयू ट्रेड डील talks तेज। रूस-यूक्रेन पर भारत की न्यूट्रल पोजीशन चर्चा में।
भारत की शांति भूमिका
मोदी ने पुतिन से कहा- जंग खत्म करो। ज़ेलेंस्की को आश्वासन- मदद करेंगे। भारत ने यूएन में पीस कॉल दिए। ये बैलेंसिंग एक्ट ग्लोबल रिस्पेक्ट दिला रहा।
ऐसे रिश्तों से फायदा
- व्यापार बढ़ेगा: $5 बिलियन से ऊपर।
- डिफेंस कोऑपरेशन: पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स।
- डायस्पोरा सपोर्ट: यूक्रेनियन कम्युनिटी।
- ग्लोबल इमेज: पीस मेकर।
कीव की ये तारीफ कूटनीति की जीत। ज़ेलेंस्की का विजिट भारत को सेंटर स्टेज लाएगा। शांति की उम्मीद बनी रहे। भारत का मैसेज क्लियर- बातचीत से समाधान।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- यूक्रेन ने मोदी की क्यों तारीफ की?
कीव विजिट को ‘बहुत बहादुर’ कहा। जंग के बीच ट्रेन से पहुंचे। - ज़ेलेंस्की कब आ रहे भारत?
जल्द, डेट्स फाइनल हो रही। जॉइंट कमीशन मीटिंग प्लान। - भारत-यूक्रेन व्यापार क्या है?
सूरजमुखी तेल, फार्मा, ग्रेन। रिकंस्ट्रक्शन में निवेश मौके। - मोदी कितनी बार ज़ेलेंस्की से मिले?
चार बार आमने-सामने, आठ फोन कॉल्स। - जॉइंट कमीशन मीटिंग का मतलब?
व्यापार, सहयोग बढ़ाने वाली हाई लेवल बातें।
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