गोवा सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन लाने पर विचार कर रही। IT मंत्री रोहन खांटू ने कहा, ऑस्ट्रेलिया कानून स्टडी कर रहे। आंध्रप्रदेश भी प्लान। बच्चों पर स्क्रीन टाइम का खतरा।
16 साल से नीचे बच्चों का सोशल मीडिया बंद: गोवा-आंध्र में प्लान, क्या होगा असर?
गोवा का साहसिक कदम: 16 साल से कम बच्चों पर सोशल मीडिया बैन, ऑस्ट्रेलिया से लेंगे सीख
गोवा सरकार बच्चों को सोशल मीडिया के नुकसानों से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाने वाली है। टूरिज्म और IT मंत्री रोहन खांटू ने कहा कि राज्य 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने पर विचार कर रहा है। पैरेंट्स की शिकायतों पर IT डिपार्टमेंट ऑस्ट्रेलिया के हाल के कानून का स्टडी कर रहा। “अगर संभव हुआ तो हम भी ऐसा बैन लागू करेंगे,” खांटू ने कहा।
ये प्रस्ताव पैरेंट्स की लगातार शिकायतों पर आया। बच्चे डिनर टेबल पर, टीवी देखते हुए भी फोन पर चिपके रहते हैं। मंत्री ने कहा, “सोशल मीडिया बच्चों के लिए डिस्ट्रैक्शन बन गया, सोशल इम्प्लिकेशंस हो रहे। AI के जमाने में बच्चों को एजुकेशन और लर्निंग टेक पर फोकस करना चाहिए।” CM प्रमोद सावंत से डिस्कस के बाद असेंबली सेशन में फैसला हो सकता।
ऑस्ट्रेलिया का कानून: कैसे काम करता है?
ऑस्ट्रेलिया का Online Safety Amendment (Social Media Minimum Age) Act नवंबर 2025 में पास हुआ। मुख्य बातें:
- 16 साल से कम बच्चों के अकाउंट्स ब्लॉक।
- प्लेटफॉर्म्स (Instagram, Facebook, TikTok, Snapchat, X, YouTube) को “रीजनेबल स्टेप्स” लेने होंगे।
- एज वेरिफिकेशन टेक यूज।
- फाइन: 49.5 मिलियन AUD (32 मिलियन USD) तक।
- एक्सेम्प्ट: WhatsApp, गेमिंग, एजुकेशनल ऐप्स।
डिसेंबर 2025 से लागू, 4.7 मिलियन अकाउंट्स बंद।
गोवा में लागू कैसे?
राज्य स्तर पर कानूनी चुनौती। IT डिपार्टमेंट पेपर्स स्टडी कर रहा। अगर CM अप्रूव, तो स्टेट लॉ या सर्कुलर से लागू। पैरेंट्स वेलकम, लेकिन प्लेटफॉर्म्स और टेक कंपनियाँ चैलेंज कर सकतीं।
आंध्रप्रदेश भी कदम उठा रहा
IT मंत्री नारा लोकेश ने कहा, TDP govt 16 साल से नीचे सोशल मीडिया बैन पर विचार। GoM (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) बनाया, जिसमें लोकेश हेड। NDA पार्टनर्स BJP-जनसेना से डिस्कस। साइबरबुलिंग, हेल्थ इफेक्ट्स पर फोकस। स्टेट सोशल कोऑर्डिनेशन सेल बनाने का प्लान।
सोशल मीडिया के नुकसान: वैज्ञानिक फैक्ट्स
- स्क्रीन टाइम: WHO: <1 साल – 0 घंटा, 2-4 साल – 1 घंटा max। इंडियन टीन एवरेज 4-6 घंटा/दिन (NIMHANS)।
- मेंटल हेल्थ: 27% टीनएजर्स एडिक्शन, ADHD सिम्प्टम्स बढ़े (Karolinska स्टडी)।
- एकेडमिक: फोकस कम, ग्रेड्स गिरे। स्लीप डिसऑर्डर 40% स्टूडेंट्स में।
- साइबरबुलिंग: इंडिया में 30% बच्चे शिकार (NCRB)।
ICMR/NIMHANS स्टडीज: ज्यादा यूज से डिप्रेशन, एंग्जायटी, सेल्फ‑एस्टिम कम।
ऑस्ट्रेलिया में असर
4.7 मिलियन अकाउंट्स बंद। पैरेंट्स सपोर्ट, लेकिन एज वेरिफिकेशन प्राइवेसी कंसर्न। कंपनियाँ चैलेंज कर रही।
इंडिया में चुनौतियाँ
- कानूनी: IT एक्ट 2000 सेंट्रल, स्टेट लिमिट।
- टेक: एज वेरिफिकेशन (ID/Aadhaar?) प्राइवेसी vs सेफ्टी।
- एन्फोर्समेंट: 1 बिलियन+ यूजर्स, 50 करोड़+ बच्चे।
- अल्टरनेटिव: डिजिटल लिटरेसी, पैरेंटल कंट्रोल।
पैरेंट्स टिप्स
- ऐप्स: Screen Time लिमिट, फैमिली लिंक।
- रूल्स: डिनर/बेडटाइम नो फोन।
- एक्टिविटी: स्पोर्ट्स, रीडिंग।
- टॉक: साइबर सेफ्टी एजुकेट।
राज्यों का रुख
मद्रास HC ने सेंट्रल को सुझाव दिया। अन्य स्टेट्स वॉच कर रहे।
क्या होगा अगला?
गोवा में CM मीटिंग, आंध्र GoM रिपोर्ट। अगर लागू, इंडिया पहला स्टेट।
5 FAQs
- प्रश्न: गोवा में सोशल मीडिया बैन का प्लान क्या?
उत्तर: 16 साल से कम बच्चों पर बैन, IT डिपार्टमेंट ऑस्ट्रेलिया कानून स्टडी कर रहा। CM से डिस्कस। - प्रश्न: ऑस्ट्रेलिया कानून में क्या?
उत्तर: 16< अकाउंट्स ब्लॉक, प्लेटफॉर्म्स रिस्पॉन्सिबल, 49M AUD फाइन। WhatsApp एग्जेम्प्ट। - प्रश्न: आंध्रप्रदेश का क्या?
उत्तर: नारा लोकेश GoM हेड, NDA डिस्कस, साइबरबुलिंग पर फोकस। - प्रश्न: सोशल मीडिया का बच्चों पर असर?
उत्तर: WHO: लिमिटेड टाइम। NIMHANS: 27% एडिक्शन, ADHD, स्लीप इश्यूज। - प्रश्न: लागू कैसे होगा?
उत्तर: एज वेरिफिकेशन, पैरेंटल कंट्रोल, स्टेट लॉ। चैलेंज: प्राइवेसी, एनफोर्समेंट।
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