गांधीनगर सिविल अस्पताल में 3 दिनों में 104 संदिग्ध टाइफाइड केस, ज्यादातर बच्चे। दूषित पानी मुख्य कारण, अमित शाह ने 3 बार कलेक्टर से बात की। डिप्टी CM हर्ष सांघवी ने दौरा किया, 22 डॉक्टरों की टीम और डोर-टू-डोर सर्वे शुरू।
गांधीनगर सिविल में 104 मरीज: टाइफाइड से घिरा गुजरात का कैपिटल, अमित शाह फोन पर 3 बार अलर्ट
गांधीनगर में टाइफाइड का प्रकोप: 104 संदिग्ध केस, अमित शाह ने की स्थिति समीक्षा
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में पिछले तीन दिनों से टाइफाइड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। सिविल अस्पताल के पीडियाट्रिक वॉर्ड में 104 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिला कलेक्टर से तीन बार फोन पर बात की और शाम को फिर समीक्षा की।
उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने शनिवार को सिविल अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि डिप्टी कलेक्टर समेत सीनियर अधिकारी अस्पताल की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। मरीजों के परिवारों के लिए खाने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की स्पेशल टीम बनाई गई।
टाइफाइड केस कैसे फैले? – प्रभावित इलाके और लक्षण
सिविल अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मीता पारिख ने बताया कि सेक्टर 24, 25, 26, 28 और आदिवाड़ा क्षेत्र से मरीज आ रहे हैं। सभी की हालत स्थिर है। पानी के सैंपल जांच में पेयजल सुरक्षित नहीं पाया गया। विडाल टेस्ट और ब्लड कल्चर में टाइफाइड बैक्टीरिया कन्फर्म।
प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे शुरू। 40 टीमें (80+ स्टाफ) ने 10,000 घरों में 38,000 लोगों का चेकअप किया। 50% पॉजिटिव केस बढ़े। इंदौर जैसी स्थिति उभर रही।
गांधीनगर नगर निगम ने सलाह दी: उबला पानी पियो, घर का खाना खाओ। क्लोरीन टैबलेट बांटे जा रहे टैंकों की सफाई के लिए।
अमित शाह और हर्ष सांघवी की सक्रियता
अमित शाह ने कलेक्टर से तीन बार बात की। हर्ष सांघवी ने कहा, “104 संदिग्ध केस। इलाज और मॉनिटरिंग मजबूत कर रहे। मरीजों-परिवारों को बेहतर सुविधा देंगे।” नया वॉर्ड खोला गया।
| कदम | विवरण |
|---|---|
| डॉक्टर टीम | 22 डॉक्टर |
| सर्वे टीमें | 40 टीमें, 38,000 सर्वे |
| एडवाइजरी | उबला पानी, घर का खाना |
| वाटर सेफ्टी | क्लोरीन टैबलेट वितरण |
टाइफाइड क्या है? कारण, लक्षण, इलाज
टाइफाइड सलमोनेला टाइफी बैक्टीरिया से होता। दूषित पानी-खाने से फैलता। भारत में सालाना 4-5 मिलियन केस।
लक्षण: तेज बुखार (103-104°F), कमजोरी, सिरदर्द, पेट दर्द, कब्ज/दस्त। बच्चे ज्यादा प्रभावित।
कारण:
इलाज: एंटीबायोटिक्स (सेफ्ट्रियाक्सोन, अजिथ्रोमाइसिन)। हाइड्रेशन, ORS। वैक्सीन उपलब्ध।
गांधीनगर में मुख्य वजह: दूषित पानी
नई पाइपलाइनों पर करोड़ों खर्च के बावजूद लीकेज से सीवर मिला। सेक्टर 24-28, आदिवाड़ा सबसे प्रभावित। रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने पानी अनफिट पाया।
इंदौर कनेक्शन: हाल ही पाइप लीक से 15 मौतें। गांधीनगर भी वाटर क्वालिटी फेलियर।
प्रशासनिक कदम
- डोर-टू-डोर सर्वे: 38,000 कवर।
- वाटर टैंक्स क्लीनिंग।
- हॉस्पिटल में नया वॉर्ड।
- परिवारों को खाना-सुविधा।
गुजरात में टाइफाइड ट्रेंड
2025 में गुजरात में 10,000+ केस। अहमदाबाद सिविल में भी हाल ही आउटब्रेक। शहरीकरण, पॉपुलेशन से खतरा।
रोकथाम टिप्स
- उबला/फिल्टर पानी।
- हाथ धोना।
- साफ खाना।
- वैक्सीनेशन।
5 FAQs
- गांधीनगर में कितने टाइफाइड केस?
104 संदिग्ध, ज्यादातर बच्चे पीडियाट्रिक वॉर्ड में। - मुख्य कारण?
दूषित पानी – सैंपल अनफिट, पाइप लीकेज से सीवर मिक्सिंग। - अमित शाह की भूमिका?
कलेक्टर से 3 बार फोन पर बात, शाम को रिव्यू। - प्रशासन ने क्या किया?
22 डॉक्टर टीम, 40 सर्वे टीमें, क्लोरीन टैबलेट, उबला पानी एडवाइजरी। - टाइफाइड कैसे रोकें?
उबला पानी पियो, हाथ धोओ, घर का खाना, वैक्सीन लो।
- 104 typhoid cases Civil Hospital
- Amit Shah reviews typhoid Gandhinagar
- chlorine tablets distribution Gandhinagar
- contaminated water Gandhinagar sectors 24-28
- door-to-door survey typhoid
- Gandhinagar typhoid outbreak 2026
- Gujarat Deputy CM Harsh Sanghavi hospital visit
- paediatric ward overload Gandhinagar
- typhoid bacteria Widal test positive
- unsafe drinking water Gujarat
Leave a comment