AIMIM चीफ ओवैसी ने कहा- हिजाब पहनने वाली महिला एक दिन भारत की PM बनेगी। महाराष्ट्र मंत्री नितेश राणे ने पलटवार किया- हिंदू राष्ट्र में नहीं चलेगा, कराची चले जाओ। वारिस पठान ने कहा संविधान सबको बराबर अधिकार देता है।
ओवैसी vs नितेश राणे: हिजाब वाली PM का बयान पर कराची जाने की सलाह, वारिस पठान ने भी कही ये बात
ओवैसी का हिजाब वाली महिला PM बनेगी बयान: नितेश राणे ने कहा- हिंदू राष्ट्र में नहीं, कराची चले जाओ
महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहने कोई महिला भारत की प्रधानमंत्री बने। उन्होंने भारत के संविधान की तारीफ की और पाकिस्तान के संविधान से तुलना की, जहां पीएम या राष्ट्रपति का पद सिर्फ एक खास धर्म के मानने वालों के लिए सीमित है। बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए हमारे संविधान में हर भारतीय को पीएम, राष्ट्रपति, सीएम या मेयर बनने का अधिकार है।
ओवैसी ने कहा, ‘इंशा अल्लाह, एक दिन आएगा जब हिजाब वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। ये भविष्य में जरूर होगा।’ उनका ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और तुरंत ही राजनीतिक बवाल मच गया। AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने भी इसे दोहराया कि ये हमारा अरमान है।
बीजेपी नेता और महाराष्ट्र मंत्री नितेश राणे ने ओवैसी के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘असदुद्दीन ओवैसी हमारे हिंदू राष्ट्र में ऐसे बयान देने की हिम्मत नहीं करते। ये हमारा हिंदू राष्ट्र है, जहां 90 प्रतिशत आबादी हिंदू है। हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं न तो प्रधानमंत्री बनेंगी और न ही मुंबई की मेयर।’
राणे ने आगे कहा, ‘जो लोग ऐसी महत्वाकांक्षाएं रखते हैं, वे अपने इस्लामिक देशों जैसे कराची या इस्लामाबाद चले जाएं। यहां उनकी कोई जगह नहीं है।’ उनका ये बयान भी वायरल हो गया और विपक्ष ने इसे नफरत फैलाने वाला बताया।
वारिस पठान ने राणे के बयान पर कहा, ‘देश का संविधान ही कानून है। उसके अनुसार कोई भी व्यक्ति पीएम, गवर्नर या मेयर बन सकता है। ओवैसी ने गलत क्या कहा? हमारा सपना है कि हिजाब वाली महिला देश की पीएम बने। जो धमकी दे रहा है, वो बताए कहां आ जाऊं? हमें उनकी धमकियों से कोई डर नहीं।’
विवाद की समयरेखा
- 9 जनवरी 2026: ओवैसी का सोलापुर में बयान।
- 10 जनवरी: नितेश राणे का पलटवार।
- उसी दिन: वारिस पठान का जवाब।
सोशल मीडिया पर #HijabPM और #HinduRashtra ट्रेंड करने लगे।
भारत vs पाकिस्तान संविधान: मुख्य अंतर
भारत की धार्मिक आबादी (लगभग)
ऐसे बयान राजनीति में आम हैं, खासकर महाराष्ट्र चुनावी सीजन में। ओवैसी अक्सर संविधान और समावेशिता की बात करते हैं, जबकि बीजेपी बहुमत और सांस्कृतिक पहचान पर जोर देती है। ये विवाद वोट बैंक पॉलिटिक्स को गर्म करता है।
पिछले विवादों का संदर्भ
- हिजाब विवाद: कर्नाटक में स्कूलों में हिजाब पर बहस हुई थी।
- राणे के पुराने बयान: लव जिहाद जैसे मुद्दों पर आक्रामक रुख।
- ओवैसी: हमेशा अल्पसंख्यक अधिकारों पर फोकस।
क्या ये बयान संविधान विरोधी हैं? कानूनी तौर पर भारत का संविधान अनुच्छेद 14 (समानता) और 15 (धर्म आधारित भेदभाव निषेध) हर नागरिक को बराबर मौका देता है। कपड़े व्यक्तिगत पसंद हैं, लेकिन राजनीतिक बयान बहस छेड़ते हैं।
राजनीतिक प्रभाव
- AIMIM: मुस्लिम वोटों को एकजुट करने की कोशिश।
- बीजेपी: हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर फोकस।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे बयान वोटरों को लामबंद करते हैं।
क्या समाज को इससे आगे बढ़ना चाहिए? विवाद तो चलते रहेंगे, लेकिन संविधान की रोशनी में सभी को बराबरी का हक है। हिजाब हो या टोपी, योग्यता ही मायने रखती है।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ओवैसी ने सोलापुर में क्या कहा था?
ओवैसी ने कहा कि उनका सपना है हिजाब पहनने वाली महिला भारत की पीएम बने। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के संविधान की तुलना की। - नितेश राणे ने क्या जवाब दिया?
राणे ने कहा- ये हिंदू राष्ट्र है, हिजाब वाली महिला पीएम या मुंबई मेयर नहीं बनेगी। कराची चले जाएं। - वारिस पठान ने क्या कहा?
पठान ने कहा संविधान सबको हक देता है। धमकी देने वाले बताएं कहां आ जाऊं, डरते नहीं। - भारत का संविधान क्या कहता है?
किसी भी धर्म के भारतीय नागरिक पीएम, राष्ट्रपति या सीएम बन सकते हैं। - ये विवाद कब और कहां शुरू हुआ?
9 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के सोलापुर में ओवैसी की चुनावी सभा से।
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