Udhampur जम्मू में घना कोहरा आने से हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध सिवालिक पहाड़ियों पर लौटे। पारिस्थितिकी संतुलन बहाल, मृत मांस सफाई, जैव विविधता बढ़ी। गिद्धों की भूमिका, संरक्षण, विज्ञान विस्तार से।
Udhampur हिल्स में हिमालयन ग्रिफॉन गिद्धों की भव्य वापसी
11 जनवरी 2026 को उद्धमपुर जम्मू कश्मीर में घना कोहरा छाया। निचले इलाकों में विजिबिलिटी जीरो। लेकिन इस कोहरे ने एक चमत्कार रचा – सैकड़ों हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध (Gyps himalayensis) सिवालिक रेंज और जंगली पहाड़ियों पर लौट आए। स्थानीय इसे प्रकृति का आशीर्वाद कह रहे। ये पक्षी पारिस्थितिकी को नई जिंदगी दे रहे।
वैज्ञानिक कहते, सर्दी का कोहरा ऊंचाई की ओर धकेलता। मैदानों से पहाड़ों पर माइग्रेशन। गिद्ध मृत जानवरों को साफ कर बीमारी रोकते। उद्धमपुर का इकोसिस्टम रिवाइव हो रहा।
हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध: विशेषताएं और पहचान
विंगस्पैन 2.6-3.1 मीटर, वजन 8-12 किलो। सफेद गर्दन रफ, पीला चेहरा। हिमालय, तिब्बत, नेपाल-भूटान में निवास (1200-5500 मीटर)। नीयर थ्रेटन्ड IUCN। भारत में स्थिर आबादी 66,000-3,34,000। सब-अडल्ट विंटर में मैदानों पर।
कोहरा में थर्मल अपड्राफ्ट्स कम, ऊंचाई सुरक्षित। शिकार के लिए ओपन व्यू।
कोहरे का प्रभाव: क्यों ऊंचाई पर माइग्रेशन?
घना कोहरा निचले इलाकों को ठंडा-नम बनाता। गिद्ध ऊंचाई पसंद करते – कम ह्यूमिडिटी, बेहतर विजिबिलिटी। सिवालिक हिल्स आश्रय। शिकार: मृत पशु, प्लेन्टिबल विंटर में।
पहले भी हुआ, लेकिन 2026 का इंटेंसिटी खास। डिक्लोफेनाक बैन से रिकवरी।
उद्धमपुर लोकेशन: सिवालिक का महत्व
जम्मू के उद्धमपुर जिले में सिवालिक रेंज। घने जंगल, घाटियां। गिद्ध घाटियों पर सर्कल करते। स्थानीय किसान खुश – लाश जल्द साफ। पर्यटक फोटो खींच रहे। ANI वीडियो वायरल।
| विशेषता | विवरण | लाभ |
|---|---|---|
| ऊंचाई | 1500-6000m | थर्मल ग्लाइडिंग |
| आहार | मृत मांस | बीमारी रोकथाम |
| विंगस्पैन | 3m | लंबी फ्लाइट |
| स्टेटस | नीयर थ्रेटन्ड | संरक्षण जरूरी |
पारिस्थितिकी भूमिका: प्रकृति का क्लीनअप क्रू
गिद्ध डीकंपोजर। लाश खाकर बैक्टीरिया मार्क। एंथ्रेक्स, ट्यूबरकुलोसिस रोक। न्यूट्रिएंट्स फैलाते – मिट्टी उपजाऊ। जैव विविधता बढ़ती। एक गिद्ध 1 किलो मीट रोज।
वैकल्पिक अनुपस्थिति: कुत्ते-चूहे बढ़े, बीमारी स्प्रेड। भारत 90% कमी 1990s में।
खतरे और संरक्षण: डिक्लोफेनाक का काला अध्याय
NSAID दवा पशुओं में – किडनी फेल। 2006 बैन। वulture रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट। उद्धमपुर: फॉरेस्ट डिपार्टमेंट मॉनिटर। पिन वल्ले, हरियाणा ब्रीडिंग सेंटर।
अन्य क्षेत्रों में स्थिति
हिमाचल, उत्तराखंड 8/9 प्रजातियां। क्रिटिकल एंडेंजर्ड 3। उद्धमपुर सकारात्मक संकेत।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: अध्ययन और फायदे
पैटर्न स्टडी: फ्यूचर प्रेडिक्शन। न्यूट्रिएंट डिस्पर्सल। कंजर्वेशन स्ट्रैटेजी। कोहरा एडाप्टेशन।
स्थानीय प्रभाव: किसान-पर्यटक खुश
किसान: फसल सुरक्षित। पर्यटन बूस्ट। ‘नेचर ब्लेसिंग’।
रोचक तथ्य
- विंगस्पैन बोइंग विंग के बराबर।
- 15-20 साल उम्र।
- एसिड पेट – हड्डी पचाते।
- 100m ऊंचाई ग्लाइड।
- विंटर सब-अडल्ट्स मैदानी।
भविष्यवाणी: सस्टेनेबल बैलेंस
कोहरा पैटर्न जारी रहे तो गिद्ध पॉपुलेशन स्थिर। संरक्षण जारी। उद्धमपुर इको-टूरिज्म हब।
5 FAQs
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