बेलगावी में अखंड हिंदू सम्मेलन के जुलूस में हर्षिता ठाकुर ने अंसारी दरगाह की ओर तीर चलाने का इशारा किया। जय श्री राम नारों के साथ वीडियो वायरल। 7 पर FIR दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत। पूरी डिटेल्स।
अखंड हिंदू सम्मेलन: हर्षिता ठाकुर ने दरगाह की ओर तीर क्यों चलाया, वायरल वीडियो का राज?
बेलगावी दरगाह विवाद: हर्षिता ठाकुर का तीर वाला इशारा क्यों बना सांप्रदायिक तनाव का कारण
18 जनवरी 2026 को कर्नाटक के बेलगावी जिले के माच्छे गांव में जो कुछ हुआ, वो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। अखंड हिंदू सम्मेलन का भव्य जुलूस निकल रहा था। महाराष्ट्र की हिंदुत्व नेता हर्षिता ठाकुर ओपन वाहन में सवार थीं। जब जुलूस पीरानवाड़ी के पास सैयद अंसारी दरगाह के सामने पहुंचा, तो हर्षिता ने दरगाह की ओर बार-बार तीर चलाने का इशारा किया। साथ ही समर्थक जय श्री राम के नारे लगा रहे थे। ये वीडियो वायरल हो गया और धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगा।
पीरानवाड़ी के अब्दुल खादर मुजावर ने शिकायत दर्ज कराई। बेलगावी रूरल पुलिस ने हर्षिता ठाकुर और छह आयोजकों पर आईपीसी की धारा 295A (धार्मिक भावनाएं ठेस पहुंचाना), 153A (समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाना) के तहत केस दर्ज किया। आरोपी आयोजक हैं- सुप्रीत सिंपी, श्रीकांत कांबले, बेट्टप्पा तारिहाल, शिवाजी शाहापुरकर, गंगाराम तारिहाल और कल्लप्पा। पुलिस बोली, जांच जारी है। सम्मेलन में भड़काऊ भाषण भी दिए गए।
हर्षिता ठाकुर कौन हैं? महाराष्ट्र की ये हिंदुत्व एक्टिविस्ट सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स वाली हैं। वो अक्सर मुस्लिम विरोधी बयान देती रहीं। 2024 में पुणे के जामा मस्जिद के सामने खड़ी होकर तलवार उठाने की अपील की। बोलीं, ‘भारत हिंदू राष्ट्र है, जिहादी परेशान करें तो मुझे बताओ।’ जलना में ‘लव जिहाद’ का डर फैलाया। हदगांव में वीएचपी इवेंट में मस्जिदों पर कब्जे की बात। ऑगस्ट 2024 में बोलीं, ‘जिहादी कुत्तों को काट दो।’ नांदेड़ में बांग्लादेशी जिहादियों का झूठा दावा। ये सब वीडियो वायरल हुए।
बेलगावी घटना का बैकग्राउंड। अखंड हिंदू सम्मेलन माच्छे में शाम को हुआ। इससे पहले जुलूस बेलगावी-खानापुर रोड पर। हर्षिता को स्पीकर के तौर पर बुलाया। जुलूस में सैकड़ों लोग, ढोल-नगाड़े। दरगाह के पास इशारा किया तो भीड़ तालियां बजा रही। वीडियो में साफ दिखा। शिकायतकर्ता मुजावर बोले, इससे दूसरी कम्युनिटी की भावनाएं चुभीं।
क्या ये पहला केस है? नहीं। हर्षिता पर पहले भी शिकायतें। कर्नाटक में सांप्रदायिक तनाव पुराना मुद्दा। बेलगावी बॉर्डर एरिया, महाराष्ट्र से सटा। धार्मिक जुलूस अक्सर विवाद में। पुलिस ने कहा, आगे पूछताछ होगी। हर्षिता ने अभी बयान नहीं दिया। उनके समर्थक इसे हिंदू भावना बता रहे।
पीरानवाड़ी और अंसारी दरगाह। ये छोटा सा गांव बेलगावी रूरल में। दरगाह स्थानीय सूफी संत की, भक्त आते। जुलूस नियमित रूट पर था, लेकिन इशारा भड़काने वाला। सोशल मीडिया पर दोनों तरफ बहस। एक तरफ हिंदू जागरण, दूसरी तरफ सद्भाव की अपील।
आयोजकों पर आरोप। सुप्रीत सिंपी वगैरह ने भाषण दिए जो सांप्रदायिक हो सकते। सम्मेलन का मकसद हिंदू एकता बताया, लेकिन जुलूस ने आग लगाई। बेलगावी एसपी ने कहा, कानून सबके लिए बराबर।
ऐसे विवादों का असर। छोटी चिंगारी बड़ा दंगा बन सकती। कर्नाटक में 2023-25 में 50+ ऐसे केस। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, धार्मिक सद्भाव बनाए रखें। हर्षिता जैसे लीडर सोशल मीडिया से प्रभाव डालते। फेसबुक, इंस्टा पर उनके रील्स करोड़ों व्यूज।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- हर्षिता ठाकुर ने दरगाह पर क्या इशारा किया?
तीर चलाने का, बार-बार। जुलूस के दौरान अंसारी दरगाह के सामने। जय श्री राम नारे लगे। - किस धाराओं में केस दर्ज हुआ?
आईपीसी 295A (भावना ठेस) और 153A (दुश्मनी फैलाना)। 7 आरोपी। - आयोजक कौन हैं?
सुप्रीत सिंपी, श्रीकांत कांबले, बेट्टप्पा तारिहाल, शिवाजी शाहापुरकर, गंगाराम तारिहाल, कल्लप्पा। - हर्षिता ठाकुर का पिछला इतिहास?
मुस्लिम विरोधी कई बयान, पुणे, जलना में हिंसा की अपील। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर। - पुलिस क्या कर रही?
जांच जारी, वीडियो सबूत। आगे पूछताछ।
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