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2026 Vivah Muhurat कैसे निकाला जाता है? पंडित क्या देखते हैं और अगस्त–सितंबर–अक्टूबर में शादी क्यों टलती है

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2026 Vivah Muhurat
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2026 Vivah Muhurat सिर्फ़ list नहीं, पूरा ज्योतिषीय process है। जानिए पंडित पंचांग, नक्षत्र, तिथि, शुक्र‑गुरु अस्त, चातुर्मास और परिवार की practical ज़रूरतों को मिलाकर शुभ विवाह तिथि कैसे चुनते हैं।

सिर्फ़ तारीख़ देखना शादी प्लान करना नहीं है


आपने 2026 के complete Vivah Muhurat list देख ली – किस महीने में कितने शुभ दिन हैं और अगस्त, सितंबर, अक्टूबर जैसे महीने non‑favourable बताए गए हैं। लेकिन ज़्यादातर परिवारों को ये नहीं पता होता कि पंडित जी असल में क्या‑क्या देखकर “ये तारीख़ ठीक है” बोलते हैं, और क्यों कुछ पूरे महीने शादी के लिए almost बंद माने जाते हैं।

ये आर्टिकल उसी gap को भरता है: आसान भाषा में समझाएगा कि 2026 में Vivah Muhurat कैसे निकाला जाता है, कौन‑से ज्योतिषीय factors काम आते हैं, Chaturmas और खरमास का क्या रोल है, और modern couples को practical planning के साथ astrology को कैसे balance करना चाहिए।

Vivah Muhurat क्या होता है और इतना महत्व क्यों?
हिंदू परंपरा में विवाह केवल social contract नहीं, बल्कि 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण धार्मिक कृत्य है। माना जाता है कि सही मुहूर्त पर शादी होने से पति‑पत्नी के जीवन में सामंजस्य, स्थिरता, संतान‑सुख और आर्थिक समृद्धि के योग मजबूत होते हैं, जबकि अशुभ समय में हुआ विवाह relationship में unnecessary बाधाएँ, तनाव या देरी ला सकता है।

मुहूर्त चुनने की परंपरा प्राचीन ग्रंथों जैसे मुहूर्त चिंतामणि और धर्मसिन्धु में भी मिलती है, जहाँ शादी जैसे मंगल कार्यों के लिए शुभ तिथि, नक्षत्र और वार चुनने की स्पष्ट सलाह दी गई है।

2026 में Vivah Muhurat निकालते समय पंडित किन मुख्य बातों को देखते हैं?

सामान्य तौर पर ये factors देखे जाते हैं:

  • Tithi (चन्द्र तिथि): विवाह के लिए विशेष तिथियाँ जैसे द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी आदि ज़्यादातर मान्य मानी जाती हैं; अमावस्या, पूर्णिमा या कुछ विशेष तिथियाँ कई परंपराओं में avoid की जाती हैं।
  • Nakshatra (चन्द्र नक्षत्र): विवाह के लिए रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मघा, रेवती, श्रवण आदि नक्षत्र विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।
  • वार (weekday): सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को सामान्यतः शादी के लिए ज़्यादा शुभ माना जाता है; मंगलवार, शनिवार को बहुत जगह extra calculation करके ही लिया जाता है।
  • ग्रह स्थिति: शुक्र (Venus) और गुरु (Jupiter) विवाह के मुख्य ग्रह माने जाते हैं, इसलिए इनके अस्त (combustion) या अशुभ स्थिति में विवाह avoid करने की सलाह दी जाती है।
  • दोष काल से बचना: राहुकाल, यमघण्ट, कुलिक जैसे कालखंड, और पंचांग के कुछ special दोष (जैसे भद्रा, वेध दोष आदि) wedding मुहूर्त से हटाए जाते हैं।

अगस्त–सितंबर–अक्टूबर 2026 में शादी क्यों लगभग बंद रहती है? (Chaturmas)

कई Panchang और ज्योतिष portals ने साफ लिखा है कि 2026 में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों में कोई भी मुख्य Vivah Muhurat नहीं है, क्योंकि ये महीने Chaturmas के अंतर्गत आते हैं।

  • Chaturmas क्या है?
    • आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक लगभग चार महीने की अवधि, जब मान्यता है कि भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं।
    • इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, दीर्घ यात्रा जैसे बड़े मंगल कार्य परंपरागत रूप से टाल दिए जाते हैं।
  • 2026 में इसका असर
    • कई प्रमुख ज्योतिष साइट्स और पंडित‑गाइड्स explicitly लिखते हैं कि August, September और October 2026 में शादियों के लिए कोई Shubh Vivah Muhurat नहीं माना गया है, क्योंकि ये पूरी तरह Chaturmas में आते हैं।

इसलिए आपने जो list देखी, उसमें भी विवाह मुहूर्त जनवरी से जुलाई और फिर नवंबर‑दिसंबर में ही केंद्रित हैं, बीच के ये तीन महीने खाली दिखते हैं।

खरमास, शुक्र‑गुरु अस्त: और कौन‑से समय सामान्यतः avoid किए जाते हैं?

Chaturmas के अलावा दो और concepts अक्सर mention किए जाते हैं:

  • खरमास / धनु मास (Kharmas)
    • जब सूर्य धनु या मीन राशि में transit करता है, उसे कई परंपराओं में खरमास कहते हैं, और इस अवधि में नए बड़े कार्यों, खासकर विवाह से बचने की बात कही जाती है।
  • शुक्र अस्त और गुरु अस्त (Venus/Jupiter combustion)
    • Drik Panchang जैसे स्रोत साफ लिखते हैं कि विवाह मुहूर्त निकालने से पहले शुक्र अस्त और गुरु अस्त की अवधि को निकालकर ही Panchang shuddhi की जाती है – यानी इन दिनों को शुभ marriage dates से बाहर कर दिया जाता है।

इन सब reasons की वजह से किसी भी साल की तरह 2026 में भी सभी calendar months बराबर “शुभ” नहीं होते; कुछ महीनों में dates बहुत मिलती हैं, कुछ जगह पूरी तरह खाली नज़र आती हैं।

शादी के लिए शुभ नक्षत्र कौन‑से माने जाते हैं और क्यों?

कई ज्योतिष लेख रोहिणी, तीनों उत्तरा (उत्तरा फाल्गुनी, उत्तरा आशाढ़, उत्तरा भाद्रपद), मघा, अनुराधा, स्वाति, रेवती, श्रवण, मृगशिरा, हस्त, चित्रा, धनिष्ठा, अश्विनी जैसे नक्षत्रों को विवाह के लिए श्रेष्ठ बताते हैं।

  • उदाहरण:
    • उत्तरा फाल्गुनी: सूर्य से जुड़ा, साझेदारी, स्थिरता और समृद्धि का नक्षत्र; शादी के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है।
    • अनुराधा: मित्रता, निष्ठा और भक्ति का नक्षत्र; माना जाता है कि इस नक्षत्र में विवाह से दांपत्य जीवन में loyalty, maturity और long‑term respect आता है।
    • रोहिणी: समृद्धि और growth से जुड़ा; stable गृहस्थ जीवन के लिए शुभ माना जाता है।

पंडित जी जब 2026 का Vivah Muhurat देखते हैं, तो इन नक्षत्रों वाले दिन, सही तिथि और समय के साथ मिलाकर shortlist बनाते हैं, फिर उसे कपल की कुंडली और family convenience से match किया जाता है।

Generic list vs Personal Muhurat: क्या हर शुभ दिन सबके लिए समान है?

जो lists आप websites या articles में देखते हैं, वे “general” शुभ विवाह तिथियाँ होती हैं – यानी पंचांग के हिसाब से उस दिन ग्रह, नक्षत्र और तिथि विवाह के लिए broadly अच्छे हैं।

लेकिन individual level पर ये चीज़ें भी देखी जा सकती हैं:

  • दोनों पक्षों की जन्म कुंडली में 7th house, शुक्र, गुरु की स्थिति।
  • मंगल दोष, नाड़ी दोष, भेद आदि हैं या नहीं (परंपरा मानने वाले परिवारों के लिए)।
  • शहर/देश अलग हों तो local sunrise‑sunset और समय zone के हिसाब से मुहूर्त adjust करना।

इसलिए practical approach यही है कि:

  • पहले general 2026 Vivah Muhurat list से अपने पसंदीदा महीने और rough dates shortlist कर लें।
  • फिर परिवार के trusted पंडित या ज्योतिषी से couple की कुंडली और family situation देखकर final date और exact time fix करवाएं।

Modern couples के लिए balance: Astrology बनाम Practical life

आज का generation practical factors भी देखता है – venue booking, budget, weather, relatives का travel, office leave, परीक्षा या job joining dates वगैरह। ऐसे में सवाल आता है कि अगर perfect astrological date practical level पर difficult हो, तो क्या करें?

  • Wide window सोचें
    • कई experts पूरे साल में कुछ “ideal” clusters बताते हैं (जैसे March–July, November–December 2026), जिनमें कई dates workable होती हैं; इन महीनों के भीतर flexibility रखने से astronomy और logistics दोनों balance हो सकते हैं।
  • “अबूझ मुहूर्त” का use
    • कुछ days जैसे देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, विजयादशमी आदि को “सिद्ध मुहूर्त” भी कहा जाता है – जहाँ कई traditional constraints कुछ हद तक relaxed माने जाते हैं।
  • Intent + तैयारी भी ज़रूरी
    • कई आचार्य ये भी बताते हैं कि सही मुहूर्त के साथ‑साथ कपल की maturity, परिवार का support और रिश्ता निभाने की readiness भी उतनी ही ज़रूरी है; मुहूर्त हालात को supportive बनाता है, पर मेहनत और समझदारी की जगह नहीं लेता।

2026 में Vivah Muhurat देखते हुए किन practical बातों का ध्यान रखें?

  • मौसम और लोकेशन
    • North India में मई‑जून की extreme गर्मी या heavy monsoon को देखते हुए बहुत से परिवार फरवरी–अप्रैल, जुलाई और नवंबर–दिसंबर वाले मुहूर्त prefer करते हैं।
  • Venue और पंडित की availability
    • 2026 जैसे साल में जब महीने limited हों (August–October में कोई मुहूर्त नहीं), उस समय popular dates पर hall, caterer और पंडित की booking बहुत पहले करनी पड़ेगी।
  • Travel और परीक्षाएँ
    • जिन families में स्कूल/कॉलेज जाने वाले बच्चे या बाहर से आने वाले relatives हैं, वे generally board exam season (Feb–March) और major competitive exams के आसपास वाली dates से बचना चाहते हैं।

छोटा Table आइडिया: 2026 में Vivah Muhurat चुनने के thumb‑rules (generic)

आप आर्टिकल में इस तरह का simple table रख सकते हैं:

बिंदु | क्या देखें (generic rule)
– शुभ महीने | जनवरी–जुलाई, नवंबर–दिसंबर (August–October 2026 Chaturmas के कारण avoid). 
– नक्षत्र | रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मघा, रेवती आदि।
– avoid समय | Chaturmas, खरमास, शुक्र‑गुरु अस्त, राहुकाल, भद्रा, वेध दोष (जैसे आपके पंडित समझाएँ)।

अंत में: मुहूर्त को support मानें, सब कुछ का sole कारण नहीं

2026 का Vivah Muhurat calendar families को एक ऐसा ढाँचा देता है जिस पर वो अपने dream wedding की तारीख़ टिका सकते हैं, tradition और faith दोनों को साथ रखते हुए। पर याद रखना ज़रूरी है कि मुहूर्त एक supportive यात्रा‑तारीख़ की तरह है—सही दिन चुनने से सफ़र smooth हो सकता है, लेकिन गाड़ी कैसे चलानी है, रास्ते में एक‑दूसरे का साथ कैसे देना है, यह सब पति‑पत्नी और परिवार की समझ पर ही depend करेगा।

FAQs

प्रश्न 1: अगर शादी किसी non‑muhurat date पर मजबूरी में करनी पड़े तो क्या बहुत अशुभ माना जाता है?
उत्तर: पारंपरिक दृष्टि से मुहूर्त important है, लेकिन कई आचार्य मानते हैं कि मजबूरी में ली गई practical date पर भी, सही sankalp, पूजा‑पाठ और rituals से शुभता बढ़ाई जा सकती है; सबसे ज़रूरी है रिश्ता निभाने की sincerity।

प्रश्न 2: क्या online generic Vivah Muhurat list सब जगह के लिए same होती है?
उत्तर: नहीं, Panchang स्थान के हिसाब से सूर्य‑चन्द्र की स्थिति बदलने के कारण थोड़ा‑बहुत बदल सकता है; इसलिए city‑specific calendar या local पंडित से पुष्टि करना बेहतर है।

प्रश्न 3: अगस्त, सितंबर, अक्टूबर 2026 में court marriage या simple registration करने पर भी रोक है क्या?
उत्तर: strictly religious दृष्टि से Chaturmas में वैवाहिक संस्कार avoid करने की सलाह है; लेकिन कई लोग legal registration अलग date पर और traditional ceremony किसी शुभ मुहूर्त पर रखते हैं – यह balance परिवार की मान्यताओं पर depend करता है।

प्रश्न 4: अगर couple की कुंडली में कुछ दोष हों तो generic शुभ तारीख़ काम नहीं करेगी?
उत्तर: general शुद्ध date पूरे साल के लिए favorable मानी जा सकती है, लेकिन गंभीर दोष या special संयोजन होने पर personal consultation better माना जाता है, ताकि remedial उपाय और सही समय दोनों देखे जा सकें।

प्रश्न 5: क्या सिर्फ़ शुभ नक्षत्र देख लेना ही काफ़ी है?
उत्तर: नहीं, नक्षत्र के साथ‑साथ तिथि, वार, ग्रह स्थिति, दोष‑काल और couple की कुंडलियाँ सब मिलाकर final Vivah Muhurat तय किया जाता है; यही reason है कि हर family trusted पंडित या ज्योतिषी से एक बार जरूर cross‑check करती है।

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