Home देश I-PAC ने सांप्रदायिक दंगे भड़काए, चुनाव हारने का कारण बना: ममता पर अधीर रंजन का तीखा हमला
देश

I-PAC ने सांप्रदायिक दंगे भड़काए, चुनाव हारने का कारण बना: ममता पर अधीर रंजन का तीखा हमला

Share
Adhir Ranjan Chowdhury attacks Mamata I-PAC
Share

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि I-PAC ने मुरशिदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भड़काकर TMC को चुनाव हारवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्म TMC का ‘आंख-कान’ है, जो पार्टी के अंदरूनी फैसले लेती है और पैसे का जुगाड़ करती है।

ED रेड पर ममता का हल्ला, अधीर ने कहा – I-PAC TMC का ‘आंख-कान’, दंगों से चुनाव हारवाया

अधीर रंजन का ममता पर तीखा हमला: I-PAC ने सांप्रदायिक दंगे भड़काकर TMC को चुनाव हारवाया

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चीफ ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के दफ्तरों पर छापेमारी के बाद ममता के बयानों पर तंज कसते हुए अधीर ने कहा कि I-PAC एक “कॉर्पोरेट एंटिटी” है जो TMC के राजनीतिक हितों को बढ़ावा देने का काम करती है।

अधीर ने आरोप लगाया कि I-PAC के प्रिन्सिपल प्रणय जैन की सलाह पर ही TMC ने मुरशिदाबाद (मुस्लिम बहुल जिला) में गुजरात के प्रसिद्ध क्रिकेटर को उतारा – बिना नाम लिए यूसुफ पठान का इशारा करते हुए – ताकि उसके धार्मिक पहचान का फायदा उठाकर अधीर को हराया जाए।

I-PAC ने मुरशिदाबाद में दंगे भड़काए: अधीर का दावा

अधीर ने कहा कि I-PAC की सलाह पर ही TMC विधायक हुमायूं कबीर को आगे किया गया, जिन्होंने मुरशिदाबाद में दंगे भड़काए, हिंदुओं को डराया और “साजिश रची कि हिंदू वोट BJP के खाते में शिफ्ट हो जाएं।” अधीर के मुताबिक, यह एक “heinous job” था।

उन्होंने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में I-PAC के इशारे पर एक सांप्रदायिक दंगा भड़काया गया, और इसे TMC का अपना विधायक ही मीडिया के सामने स्वीकार कर चुका है। अधीर ने कहा, “I-PAC ने TMC को चुनाव हारवा दिया।”

ED छापों पर ममता का हल्ला, अधीर का पलटवार

ममता बनर्जी ने ED की I-PAC छापेमारियों को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताते हुए निशाना साधा। अधीर ने जवाब दिया, “दीदी, ED ने देश भर में कई पार्टियों पर छापे मारे, कांग्रेस पर भी, राहुल–सोनिया गांधी को अपमानित किया, तब आप चुप थीं। आपकी रिएक्शन सिलेक्टिव क्यों?”

अधीर ने ममता को संबोधित करते हुए कहा कि ED का काम है, और अगर I-PAC पर कार्रवाई हुई तो इसमें दुखी होने की क्या बात।

I-PAC TMC का ‘आंख-कान’: पैसे का जुगाड़, आंतरिक कंट्रोल

अधीर ने I-PAC को TMC का “आंख-कान” बताया। उनका आरोप:
– फर्म चुनाव नहीं लड़ती, लेकिन TMC के आंतरिक कामकाज को कंट्रोल करती है।
– कौन किस पद पर बैठेगा, कौन नेता बनेगा, आंतरिक वोटिंग तक प्रभावित।
– इकट्ठा किए पैसे TMC ऑफिस भेजे जाते हैं, I-PAC अपना हिस्सा लेती है।
– TMC के टॉप नेताओं के लिए पैसा जुटाने का जरिया।

अधीर ने कहा, “यह I-PAC की हकीकत है।”

मुरशिदाबाद LS 2024 का बैकग्राउंड

मुरशिदाबाद लोकसभा सीट पर 2024 में अधीर रंजन TMC के अबू ताहेर को हराने के लिए मैदान में थे। लेकिन यूसुफ पठान को उतारने से सियासी समीकरण बदल गए। अधीर का दावा है कि I-PAC की स्ट्रैटेजी ने धार्मिक ध्रुवीकरण कर TMC को फायदा पहुंचाने की बजाय BJP को मजबूत किया।

हुमायूं कबीर का रोल: दंगों का आरोप

TMC विधायक हुमायूं कबीर को अधीर ने “फ्रंट” बताया, जिन्होंने I-PAC की सलाह पर मुरशिदाबाद में दंगे करवाए। अधीर का कहना है कि इससे हिंदू वोटर डरे और BJP की ओर चले गए।

TMC का संभावित बचाव

TMC ने ED छापों को BJP का हथकंडा बताया है। ममता ने कहा कि I-PAC जैसी फर्में पार्टियों के लिए काम करती हैं। अधीर के आरोपों पर TMC ने अभी चुप्पी साधी है, लेकिन सियासी घेराबंदी तेज हो सकती है।

अधीर का हमला: TMC पर निशाना

अधीर रंजन TMC के पुराने आलोचक रहे हैं। 2024 LS में मुरशिदाबाद हार के बाद वे और मुखर हुए। उनका यह बयान TMC–कांग्रेस रिश्तों को और खराब कर सकता है।

5 FAQs

  1. अधीर रंजन ने I-PAC पर क्या आरोप लगाया?
    I-PAC ने मुरशिदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भड़काकर TMC को चुनाव हारवा दिया, हिंदुओं को डराया और वोट BJP को शिफ्ट कर दिए।
  2. हुमायूं कबीर का क्या रोल रहा?
    अधीर का दावा है कि I-PAC की सलाह पर TMC विधायक हुमायूं कबीर को फ्रंट बनाकर दंगे करवाए गए।
  3. यूसुफ पठान का कनेक्शन क्या?
    I-PAC की सलाह पर गुजरात के क्रिकेटर यूसुफ पठान को मुरशिदाबाद LS 2024 में उतारा गया, धार्मिक पहचान का फायदा उठाने के लिए।
  4. ED छापों पर अधीर ने ममता को क्या कहा?
    ED ने कांग्रेस पर भी छापे मारे, तब ममता चुप थीं, उनकी रिएक्शन सिलेक्टिव क्यों?
  5. I-PAC TMC के लिए क्या करती है?
    अधीर के अनुसार, I-PAC TMC का आंख-कान है – आंतरिक फैसले लेती, पैसा जुटाती, चुनावी साजिशें रचती।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

‘महिला CM पसंद नहीं’: रेखा गुप्ता का AAP पर तीखा हमला, भाषण में गलती पर ट्रोलिंग से दुखी

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने विधानसभा में भावुक होकर AAP पर हमला...

कोलकाता कोर्ट का हंगामा: ममता के हस्तक्षेप पर ईडी का केस, जस्टिस सुव्रा घोष ने हंगामे में कोर्ट छोड़ा

कोलकाता हाईकोर्ट में ईडी-टीएमसी के आई-पैक छापे पर सुनवाई के दौरान हंगामा...