27 जनवरी 2026 को भारत-EU ने FTA निगोशिएशंस खत्म किए। $75 अरब निर्यात बूस्ट, लेकिन लीगल स्क्रबिंग, रैटिफिकेशन से 2026 अंत या 2027 शुरुआत में लागू। पूरी टाइमलाइन।
भारत-EU FTA 2026: पीयूष गोयल ने बताया इंप्लीमेंटेशन टाइमलाइन, लाभ क्या?
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: ऐलान तो हो गया, लेकिन कब बनेगा असरदार?
27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वें भारत-EU समिट के दौरान एक ऐतिहासिक ऐलान हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपियन कमीशन अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने मिलकर भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के नेगोशिएशंस के सफल समापन की घोषणा की। इसे “मॉदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है, जो 25% ग्लोबल GDP और एक-तिहाई वर्ल्ड ट्रेड को कवर करेगा। लेकिन सवाल ये है – ये डील कब लागू होगी? तुरंत नहीं, बल्कि लीगल प्रोसेस के बाद।
PM मोदी ने कहा, “ये सिर्फ ट्रेड एग्रीमेंट नहीं, शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी का ब्लूप्रिंट है।” वॉन डेर लेयेन ने बोलीं, “हमने दो अरब लोगों का फ्री ट्रेड जोन बना दिया।” EU को भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर माना जाता है – 2024-25 में बाइलेटरल ट्रेड €180 बिलियन।
FTA का ऐलान कब, कैसे हुआ?
समिट 25-27 जनवरी को नई दिल्ली में। मोदी ने दोनों EU लीडर्स से मुलाकात की। 2007 से चले नेगोशिएशंस 2022 से तेज हुए, रूस-यूक्रेन वॉर और ट्रंप टैरिफ्स ने स्पीड दी। 27 जनवरी को प्रोसीजरल डॉक्यूमेंट्स एक्सचेंज हुए, जो टॉक्स के खत्म होने का मार्कर हैं। असली एग्रीमेंट टेक्स्ट अब बनेगा।
अब आगे क्या? इंप्लीमेंटेशन टाइमलाइन
कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा, “फास्ट‑ट्रैक लीगल स्क्रबिंग से 2026 में ही इफेक्टिव हो सकता है।” लेकिन प्रोसेस लंबा:
- लीगल स्क्रबिंग (Legal Scrubbing): टेक्निकल/लीगल रिव्यू। 2 हफ्ते में क्लीन टेक्स्ट, फिर 5-6 महीने।
- साइनिंग: एंड 2026?
- भारत में: यूनियन कैबिनेट रैटिफिकेशन।
- EU में: ड्राफ्ट पब्लिश, 24 भाषाओं में ट्रांसलेशन, यूरोपियन पार्लियामेंट अप्रूवल, EU काउंसिल डिसीजन।
- एंट्री इन्टू फोर्स: 2027 शुरुआत, गोयल की उम्मीद 2026 अंत।
FTA के लाभ: आंकड़े और फैक्ट्स
- भारत को: €180B ट्रेड पर $75B निर्यात बूस्ट। 99% गुड्स पर प्रेफरेंशियल एक्सेस।
- EU को: भारत में शिपमेंट्स डबल by 2032।
- टैरिफ कट्स: भारत 92.1% EU टैरिफ लाइन्स पर कन्सेशन्स (97.5% एक्सपोर्ट्स)।
ट्रेड ब्रेकडाउन टेबल:
कुल: €4B EU ड्यूटी सेविंग्स सालाना।
इतिहास: 2007 से 2026 तक
नेगोशिएशंस 2007 में शुरू, लेकिन स्टक। 2022 में रिवाइव: यूक्रेन वॉर ने सप्लाई चेन डाइवर्सिफाई की जरूरत दिखाई। ट्रंप टैरिफ्स ने EU-India को करीब लाया। 16वें समिट में क्लोज।
सेक्टर्सल गेंस
- भारत: लेबर इंटेंसिव (टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी, स्पाइसेस, टी/कॉफी)। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा। स्टूडेंट मोबिलिटी (अनकैप्ड)।
- EU: हाई‑टेक गुड्स, फ्रूट्स (एप्पल्स, कीवी)। फाइनेंशियल/मैरिटाइम सर्विसेज।
- बियॉन्ड ट्रेड: सस्टेनेबिलिटी, लेबर राइट्स, एनवायरनमेंट, डिजिटल ट्रेड।
चुनौतियां
इंडस्ट्री रिएक्शन
FICCI/CII ने वेलकम किया। ऑटो, टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी को बूस्ट।
2026 में क्या?
गोयल: “25 भाषाओं में ट्रांसलेशन सिमल्टेनियस।” समिट ने AI इम्पैक्ट समिट (फरवरी 2026) भी ऐलान किया।
5 FAQs
- प्रश्न: भारत-EU FTA कब ऐलान हुआ?
उत्तर: 27 जनवरी 2026 को 16वें भारत-EU समिट, नई दिल्ली में। - प्रश्न: कब लागू होगा?
उत्तर: लीगल स्क्रबिंग (5-6 महीने), रैटिफिकेशन के बाद 2026 अंत या 2027 शुरुआत। - प्रश्न: भारत को कितना फायदा?
उत्तर: $75B निर्यात बूस्ट, 99% गुड्स पर ड्यूटी फ्री एक्सेस। - प्रश्न: नेगोशिएशंस कब शुरू?
उत्तर: 2007, 2022 से तेज। 18 साल लगे। - प्रश्न: पीयूष गोयल ने क्या कहा?
उत्तर: “फास्ट ट्रैक से 2026 में इफेक्टिव, विन-विन डील।”
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