भारत और EU के बीच लंबे समय से चला आ रहा ट्रेड डील इस महीने फाइनल हो सकता है। ट्रेड सेक्रेटरी बोले- बहुत करीब हैं। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर EU लीडर्स आएंगे, 27 को समिट। अमेरिका टैरिफ से नई राह।
भारत का ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’: EU के साथ व्यापार समझौता फाइनल, एक्सपोर्टरों के लिए नई उम्मीदें
भारत-EU ट्रेड डील फाइनल होने को तैयार: गणतंत्र दिवस पर मिल सकता है बड़ा तोहफा
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे इंतजार के बाद बड़ा व्यापार समझौता (FTA) इस महीने ही साइन हो सकता है। ट्रेड सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि दोनों पक्ष ‘बहुत करीब’ पहुंच चुके हैं। बात ये है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर EU के टॉप लीडर्स दिल्ली आ रहे हैं, उसके अगले दिन 27 को भारत-EU समिट है। अगर नेगोशिएशंस जल्दी खत्म हुए तो वहीं डील सील हो जाएगी। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी कहा कि लीडर्स इंडिया विजिट पर साइनिंग करेंगे। ये भारत का अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड पैक्ट होगा।
क्यों इतना महत्वपूर्ण है ये डील? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रेड पार्टनर्स पर भारी टैरिफ लगा दिए हैं। भारत पर 50% तक टैरिफ। US-India ट्रेड टॉक्स तो 2025 में ही ढेर हो गए। ऐसे में EU के साथ डील निर्यातकों को नई जान फूंक देगी। EU भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है- 2025 में द्विपक्षीय व्यापार $120 बिलियन से ऊपर। 1.4 अरब कंज्यूमर्स का बाजार खुलेगा। मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, फार्मा, सर्विसेज में गहराई आएगी।
नेगोशिएशंस का सफर लंबा रहा। 2022 में री-लॉन्च हुए टॉक्स। 2024 में मोदी-फॉन डेर लेयन मिले, 2025 में तेजी आई। कमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने जनवरी 2026 में ब्रसेल्स विजिट की। 24 चैप्टर्स में से 20 बंद हो चुके। बाकी मार्केट एक्सेस, टैरिफ, रेगुलेटरी मुद्दे। कृषि को बाहर रखा गया- दोनों तरफ सेंसिटिव। कुछ फार्म गुड्स शामिल हो सकते हैं लेकिन किसानों को नुकसान नहीं।
ट्रंप टैरिफ का असर
- भारत पर 50% टैरिफ: स्टील, एल्युमिनियम, टेक्सटाइल्स प्रभावित।
- ग्लोबल सप्लाई चेन शिफ्ट: चीन से भारत आना रुका।
- EU डील: डाइवर्सिफिकेशन, चाइना डिपेंडेंसी कम।
भारत के हालिया ट्रेड डील्स
| देश/ब्लॉक | साइनिंग | मुख्य लाभ |
|---|---|---|
| UK | 2025 | सर्विस एक्सपोर्ट +15% |
| ओमान | 2025 | एनर्जी सिक्योरिटी |
| न्यूजीलैंड | 2025 | डेयरी, मीट मार्केट |
| EU | 2026 (प्रोजेक्टेड) | $2 ट्रिलियन मार्केट |
| US | रुका हुआ | – |
EU के साथ चुनौतियां
- कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM): स्टील, सीमेंट पर टैक्स। भारत ने विरोध किया।
- इंडस्ट्रियल गुड्स मार्केट एक्सेस।
- जिओग्राफिकल इंडिकेशंस (GI): दार्जिलिंग चाय, बानारसी साड़ी प्रोटेक्शन।
फिर भी पॉलिटिकल विल स्ट्रॉन्ग। वॉन डेर लेयन ने EU पार्लियामेंट को ब्रिफ किया।
भारतीय निर्यात पर फायदा
- टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी, फुटवियर: लेबर इंटेंसिव।
- फार्मा, IT सर्विसेज: हाई ग्रोथ।
- ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स।
प्रोजेक्टेड: द्विपक्षीय ट्रेड $200 बिलियन तक 2030। 10 लाख जॉब्स क्रिएट।
गणतंत्र दिवस स्पेशल
26 जनवरी: EU लीडर्स गेस्ट। वॉन डेर लेयन, एंटोनियो कोस्टा, फ्रेडरिक मर्ज संभावित।
27 जनवरी: समिट में साइनिंग।
मोदी बोले- ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’।
राजेश अग्रवाल का स्टेटमेंट
‘तीन महीने से आखिरी स्टेज। डेली टॉक्स। लीडर्स मीट से पहले रेडी करने की कोशिश।’ पीयूष गोयल ने कहा- महत्वाकांक्षी, बैलेंस्ड पैक्ट।
ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट
- EU ने मेक्सिको, इंडोनेशिया के साथ डील साइन।
- प्रोटेक्शनिज्म बढ़ा: US, चीन टेंशन।
- भारत: 19वां FTA। UAE, ऑस्ट्रेलिया पहले।
सेक्टोरल इंपैक्ट
- मैन्युफैक्चरिंग: टैरिफ कट, FDI बूस्ट।
- सर्विसेज: IT, BPM एक्सपोर्ट +20%।
- क्लीन एनर्जी: सोलर, विंड पार्टनरशिप।
- फार्मा: जेनेरिक्स मार्केट एक्सेस।
चुनौतियां बाकी
CBAM विस्तार संभव। रूल्स ऑफ ओरिजिन स्ट्रिक्ट। लेकिन डील भारत को ग्लोबल प्लेयर बनाएगी। किसानों की चिंता दूर।
भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा
- GDP ग्रोथ +0.5-1%।
- एक्सपोर्ट डाइवर्सिफाई।
- सप्लाई चेन रिजिलिएंट।
गणतंत्र दिवस 2026 भारत-EU रिश्तों का नया अध्याय होगा। ट्रेड डील से नई ऊंचाइयां। निर्यातक तैयार रहें, अवसरों का दौर शुरू।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- भारत-EU ट्रेड डील कब साइन होगी?
26-27 जनवरी 2026 को दिल्ली समिट में, अगर टॉक्स फाइनल। - कृषि इस डील में शामिल है?
नहीं, सेंसिटिव रखा। कुछ फार्म गुड्स हो सकते हैं। - US टैरिफ का क्या असर पड़ा?
50% टैरिफ से निर्यात हर्ट। EU डील डाइवर्सिफाई करेगी। - कितने चैप्टर्स बंद हुए?
24 में 20। बाकी मार्केट एक्सेस आदि। - भारत को क्या फायदा?
$200B ट्रेड, जॉब्स, FDI। टेक्सटाइल्स-IT बूस्ट।
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