पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में भारत का ईंधन खपत 21.75 मिलियन मीट्रिक टन पहुंचा, जो 1998 के अप्रैल के बाद सबसे ऊंचा है। 5.3% सालाना वृद्धि के बीच ट्रंप ने रूसी तेल आयात कम न करने पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी।
दिसंबर में भारत का ईंधन खपत रिकॉर्ड 21.75 मिलियन टन: पेट्रोल 7.1% ऊपर, ट्रंप टैरिफ की धमकी
भारत का ईंधन खपत रिकॉर्ड पर: दिसंबर में 21.75 मिलियन टन, 5.3% सालाना बढ़ोतरी
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत का कुल ईंधन खपत 21.75 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) पहुंच गई। यह आंकड़ा अप्रैल 1998 के बाद अब तक का सबसे ऊंचा मासिक रिकॉर्ड है। पिछले साल के मुकाबले 5.3% की वृद्धि दर्ज की गई।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और आयातक है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद ने यूरोप-अमेरिका के बहिष्कार का फायदा उठाया। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल आयात कम न करने पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है।
प्रमुख ईंधनों की खपत: डीजल-पेट्रोल का दबदबा
– डीजल: 8.46 MMT (YoY +5%, MoM -1.1%)
– पेट्रोल: 3.56 MMT (YoY +7.1%, MoM +1.1%)
– LPG: 3.08 MMT (YoY +11.2%)
– नेफ्था: 1.01 MMT (YoY -0.4%)
– बिटुमेन: 0.92 MMT (YoY +18.8%, MoM +0.3%)
– ATF (जेट फ्यूल): 0.79 MMT
– फ्यूल ऑयल: 0.57 MMT (YoY +2.3%)
| ईंधन | दिसंबर 2025 (MMT) | YoY (%) | MoM (%) |
|---|---|---|---|
| डीजल | 8.46 | +5.0 | -1.1 |
| पेट्रोल | 3.56 | +7.1 | +1.1 |
| LPG | 3.08 | +11.2 | +7.7 |
| नेफ्था | 1.01 | -0.4 | +13.5 |
| बिटुमेन | 0.92 | +18.8 | +0.3 |
| कुल | 21.75 | +5.3 | +2.2 |
डिमांड ड्राइवर्स: त्योहार, इंडस्ट्री, ग्रामीण खपत
वृद्धि के पीछे:
– त्योहारी यात्रा और विवाह सीजन से पेट्रोल-डीजल में उछाल।
– ग्रामीण खपत और वाहन बिक्री 15%+ बढ़ी।
– LPG में घरेलू खाना पकाने की मांग।
– बिटुमेन में सड़क निर्माण बूम।
ट्रंप टैरिफ चेतावनी: रूसी तेल पर दबाव
ट्रंप ने रविवार को कहा, “रूसी तेल आयात कम न किया तो भारत पर टैरिफ बढ़ाएंगे।” 2025 में भारत ने US सामान पर 50% टैरिफ झेले। रिलायंस ने जनवरी में कोई रूसी कच्चा तेल न लेने की घोषणा की।
रिलायंस: जनवरी में रूसी तेल शून्य
रिलायंस इंडस्ट्रीज (जमाना रिफाइनरी) ने कहा, “जनवरी में कोई रूसी कच्चा तेल डिलीवरी की उम्मीद नहीं।” भारत का रूसी तेल आयात 40% तक पहुंचा था, लेकिन अब 1 मिलियन bpd से नीचे।
रूसी तेल का फायदा
यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने डिस्काउंट दिया। भारत दुनिया का सबसे बड़ा रूसी सी-बोर्न कच्चा खरीदने वाला। लेकिन सैंक्शन्स और ट्रंप दबाव से अब कमी।
भविष्य का अनुमान
FY26 में कुल डिमांड 252.9 MMT का लक्ष्य। ट्रंप टैरिफ से ट्रेड डील प्रभावित। स्टेट रिफाइनर्स (IOC, BPCL) अभी रूसी तेल ले रहे।
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