ईरान में महंगाई के खिलाफ तीन साल बाद सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन: तेहरान के ग्रैंड बाजार पर आंसू गैस, मौतें 36 (5 बच्चे शामिल), 2,000 गिरफ्तार। रियाल 1.46 मिलियन डॉलर/प्रति, रजा पहलवी ने 8-9 जनवरी को एकजुट चिल्लाने की अपील की। ट्रंप ने चेतावनी दी।
ईरान में बवाल: तेहरान बाजार पर आंसू गैस, मौतें 36 पहुंचीं; रियाल 1.46 मिलियन डॉलर पर, ट्रंप का अलर्ट!
ईरान में आर्थिक संकट से बवाल: तेहरान बाजार पर आंसू गैस, मौतें 36 पहुंचीं
ईरान में 28 दिसंबर से चल रहे विरोध प्रदर्शन तीन साल के सबसे बड़े स्तर पर पहुंच गए हैं। तेहरान के ऐतिहासिक ग्रैंड बाजार में व्यापारियों के धरने पर सुरक्षा बलों ने मंगलवार को आंसू गैस दागी। कार्यकर्ताओं के अनुसार, कम से कम 36 मौतें हो चुकी हैं (जिनमें 5 नाबालिग शामिल), जबकि 2,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) एनजीओ ने पुष्टि की।
प्रदर्शन महंगाई, रियाल की ऐतिहासिक गिरावट (मंगलवार को 1 डॉलर = 1.46 मिलियन रियाल) और आर्थिक तबाही के खिलाफ हैं। निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने पहली बार सार्वजनिक अपील की – 8 और 9 जनवरी को शाम 8 बजे हर जगह चिल्लाएं।
तेहरान ग्रैंड बाजार में धरना: व्यापारियों का आक्रोश
तेहरान के ग्रैंड बाजार में व्यापारियों ने महंगाई के खिलाफ धरना दिया। नारे लगाए – “आजादी दो”, शासन की आलोचना। सुरक्षा बलों ने आंसू गैस से तितर-बितर किया। ईरानी स्टेट मीडिया ने इसे “छिटपुट जमावड़े” बताया।
पश्चिमी ईरान के अबदानान (कुर्द और लोर अल्पसंख्यक क्षेत्र) में हजारों सड़कों पर उतरे, “जाविद शाह” (शाह जिंदाबाद) नारे लगाए। रिपोर्ट्स: इराकी शिया मिलिशिया को बॉर्डर से बुलाया गया।
मौतों और गिरफ्तारियां: आंकड़े चौंकाने वाले
– मौतें: 36 (IHR: 5 बच्चे शामिल), इलाम प्रांत में सबसे हिंसक झड़पें।
– गिरफ्तारियां: 2,000+।
– फैलाव: 31 प्रांतों में से 27 में 280+ जगहों पर।
रजा पहलवी की अपील: “एकजुट चिल्लाएं”
निर्वासित क्राउन प्रिंस ने कहा, “8-9 जनवरी को ठीक शाम 8 बजे, सड़क पर हों या घर में, चिल्लाना शुरू करें। आपकी प्रतिक्रिया के आधार पर अगला कदम बताऊंगा।” ये पहली बार है जब उन्होंने प्रत्यक्ष एक्शन कॉल दी।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का जवाब
पेजेश्कियन सरकार ने मासिक भत्ते और सब्सिडी रिफॉर्म की घोषणा की। लेकिन “दंगाइयों” को चेतावनी दी। सेंट्रल बैंक ने आयातकों के लिए प्रेफरेंशियल डॉलर रेट खत्म किया, जिससे जरूरी चीजें महंगी होंगी।
ट्रंप की चेतावनी: “US बचाएगा”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक तरीके से मारता है, तो अमेरिका उन्हें बचाने आएगा।” तेहरान ने इसे गुस्से से खारिज किया। वेनेजुएला के मैडुरो पकड़े जाने के बाद तनाव बढ़ा।
ईरान की अर्थव्यवस्था: संकट की जड़
– हाइपरइन्फ्लेशन: रियाल की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर।
– अमेरिकी सैंक्शन्स: तेल निर्यात प्रभावित।
– सब्सिडी खत्म: जरूरी सामान महंगा।
– बर्बादी: बचत और खरीदारी क्षमता खत्म।
प्रदर्शन का फैलाव: 27 प्रांतों में 280 जगहें
इलाम में सुरक्षा बलों ने अस्पतालों पर छापे मारे। US स्टेट डिपार्टमेंट ने इसे “मानवता के खिलाफ अपराध” कहा। ईरानी न्यायपालिका ने दंगाइयों को कोई रियायत न देने की चेतावनी दी।
5 FAQs
- ईरान में प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
महंगाई, रियाल का ऐतिहासिक पतन (1.46 मिलियन डॉलर/प्रति), सैंक्शन्स और आर्थिक तबाही के खिलाफ। - तेहरान ग्रैंड बाजार में क्या हुआ?
व्यापारियों ने धरना दिया, सुरक्षा बलों ने आंसू गैस दागी। - मौतें और गिरफ्तारियां कितनी?
36 मौतें (5 बच्चे), 2,000+ गिरफ्तारियां। - रजा पहलवी ने क्या अपील की?
8-9 जनवरी शाम 8 बजे हर जगह चिल्लाने को कहा। - ट्रंप ने क्या कहा?
“शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बचाने US आएगा।”
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