आईएनएस चिल्का में 02/25 बैच के 2172 ट्रेनीज ने पासिंग आउट परेड में भाग लिया, जिसमें 2103 अंगीवीर (113 महिलाएं) शामिल। 16 हफ्ते की ट्रेनिंग पूरी कर नौसेना व कोस्ट गार्ड में शामिल हुए। वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने की समीक्षा।
ओडिशा में नौसेना का शानदार POP: 2700 ट्रेनीज रेडी टू सर्व, महिलाओं का बढ़ता योगदान
पासिंग आउट परेड का शानदार आयोजन
आईएनएस चिल्का, भारतीय नौसेना का प्रमुख सिलर ट्रेनिंग सेंटर, 8 जनवरी 2026 को 02/25 बैच के ट्रेनीज के लिए भव्य पासिंग आउट परेड (POP) का आयोजन किया। यह परेड सूर्यास्त के बाद की भव्य सेटिंग में हुई, जो ट्रेनीज के अनुशासन, लचीलापन और युद्ध के लिए तैयार होने का प्रतीक बनी।
कुल 2172 ट्रेनीज ने इसमें भाग लिया, जिनमें 2103 अंगीवीर (113 महिलाएं), 270 सीनियर सेकेंडरी रिक्रूट्स (मेडिकल असिस्टेंट्स), 44 स्पोर्ट्स एंट्री वाले नौसेना कर्मी और 295 भारतीय तटर रक्षक के नविक शामिल थे। परेड में ट्रेनीज की मार्च पास्ट ने उनकी आत्मविश्वास, सटीकता और जिम्मेदारी लेने की क्षमता दिखाई।
रिव्यूइंग ऑफिसर वाइस एडमिरल समीर सक्सेना
परेड की समीक्षा साउदर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, AVSM, NM ने कीं। उन्होंने ट्रेनीज को राष्ट्र के आह्वान का जवाब देने पर बधाई दी और कहा कि वे सतर्क, अनुशासित, अनुकूलनीय बने रहें। नौसेना के मूल्यों – ड्यूटी, ऑनर एंड करेज – का पालन करें।
उन्होंने अंगीवीरों की ड्रिल और उच्च मानकों की तारीफ की और विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। समारोह में सीनियर नेवल ऑफिसर्स, वेटरन्स, स्पोर्ट्स पर्सनालिटी, डिग्निटरीज और ट्रेनीज के परिवार भी मौजूद थे।
16 हफ्ते की कठिन ट्रेनिंग का सफर
आईएनएस चिल्का में ट्रेनीज को 16 हफ्ते की अब-इनिशियो ट्रेनिंग दी जाती है, जो शारीरिक, मानसिक और प्रोफेशनल विकास पर केंद्रित होती है। इसमें एकेडमिक, सर्विस और आउटडोर ट्रेनिंग शामिल है, जो सिविलियंस को समुद्री योद्धाओं में बदल देती है।
ट्रेनिंग में नेविगेशन, कम्युनिकेशन, वेपन्स हैंडलिंग, डैमेज कंट्रोल, स्विमिंग, फिजिकल एंड्योरेंस, टीमवर्क और नेवल वैल्यूज पर फोकस होता है। आधुनिक सिमुलेटर्स और रीयलिस्टिक एनवायरनमेंट से ट्रेनीज को मॉडर्न नेवल वॉरफेयर के लिए तैयार किया जाता है।
अंगीपथ स्कीम: नौसेना में युवा ऊर्जा
अंगीपथ योजना के तहत भर्ती हुए 2103 अंगीवीर इस बैच का मुख्य हिस्सा थे। योजना युवाओं को छोटी अवधि (4 साल) के लिए नौसेना में सेवा का मौका देती है, जिसमें ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और सिविलियन लाइफ के लिए तैयार होना शामिल है।
खास बात यह कि 113 महिलाएं भी अंगीवीर के रूप में पास हुईं, जो नौसेना में महिलाओं के बढ़ते योगदान को दिखाती है। पहले बैच (2023) में भी 272 महिलाएं पास हुई थीं। POP के बाद ये अंगीवीर विभिन्न नेवल एस्टेब्लिशमेंट्स और फ्रंटलाइन शिप्स पर जाएंगे।
आईएनएस चिल्का: नौसेना का ट्रेनिंग हब
आईएनएस चिल्का 1980 में कमीशन हुआ नौसेना का प्रमुख बेसिक ट्रेनिंग सेंटर है, जो ओडिशा के बालासोर में चिल्का झील के पास स्थित है। यह सिलर्स, ऑफिसर्स और कोस्ट गार्ड के नविकों को ट्रेनिंग देता है।
इतिहास: 1940s में रॉयल इंडियन नेवी का ट्रेनिंग सेंटर था। 1960s में बेसिक ट्रेनिंग सेंटर बना। 1970-80s में विस्तार, 1990s में मॉडर्नाइजेशन। आज यह रिसर्च, डेवलपमेंट और 29 ब्रांचेस में ट्रेनिंग का केंद्र है।
समारोह के हाइलाइट्स
- खरावेला डिवीजन को ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी, अशोक डिवीजन रनर-अप।
- ‘अंकुर 2025’ मैगजीन का दूसरा संस्करण जारी – ट्रेनीज की ट्रेनिंग जर्नी पर।
- पोस्ट-सनसेट परेड ने ट्रांसफॉर्मेशन दिखाया।
अगला सफर: जहाजों पर ड्यूटी
POP के बाद ट्रेनीज नेवल एस्टेब्लिशमेंट्स और शिप्स पर जाएंगे, जहां प्रोफेशनल ट्रेनिंग जारी रहेगी। वे मिशन-रेडी बनकर राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की रक्षा करेंगे।
अंगीवीरों की सफलता: आंकड़ों में
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| कुल ट्रेनीज | 2172 |
| अंगीवीर | 2103 (113 महिलाएं) |
| SSR मेडिकल असिस्टेंट्स | 270 |
| स्पोर्ट्स एंट्री | 44 |
| कोस्ट गार्ड नविक | 295 |
नौसेना ट्रेनिंग के फायदे
- युवा ऊर्जा: अंगीपथ से फिट, टेक-सेवी सैनिक।
- महिलाओं का प्रवेश: लिंग समानता।
- स्किल्स: नेविगेशन, वेपन्स, टीमवर्क।
- राष्ट्र सेवा: ड्यूटी, ऑनर, करेज।
आईएनएस चिल्का का यह POP नौसेना के भविष्य का प्रतीक है। युवा ट्रेनीज अब समुद्र की लहरों पर राष्ट्र की रक्षा करेंगे।
5(FAQs)
- सवाल: आईएनएस चिल्का पासिंग आउट परेड में कितने ट्रेनीज पास हुए?
जवाब: 02/25 बैच में कुल 2172 ट्रेनीज पास हुए, जिनमें 2103 अंगीवीर (113 महिलाएं), 270 SSR मेडिकल, 44 स्पोर्ट्स एंट्री और 295 कोस्ट गार्ड नविक शामिल थे। - सवाल: परेड की समीक्षा किसने की?
जवाब: साउदर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने समीक्षा की और ट्रेनीज को संबोधित किया। - सवाल: ट्रेनिंग कितने समय की थी?
जवाब: 16 हफ्ते की अब-इनिशियो ट्रेनिंग, जिसमें एकेडमिक, सर्विस, आउटडोर और नेवल वैल्यूज पर फोकस था। - सवाल: आईएनएस चिल्का क्या है?
जवाब: ओडिशा में नौसेना का प्रमुख सिलर ट्रेनिंग सेंटर, 1980 में कमीशन हुआ, जो सिलर्स, ऑफिसर्स और कोस्ट गार्ड को ट्रेनिंग देता है। - सवाल: POP के बाद ट्रेनीज कहां जाएंगे?
जवाब: विभिन्न नेवल एस्टेब्लिशमेंट्स और फ्रंटलाइन शिप्स पर प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए, मिशन-रेडी बनने को।
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