IPL 2018 में CSK की वापसी पर धोनी ने ब्रावो को मैदान पर कहा ‘डाइव मत करना, तुम्हारे 4 ओवर 4 रन बचाने से ज़्यादा ज़रूरी’, ब्रावो बोले ‘wow’। पहली गेंद से trust और दोस्ती की पूरी कहानी।
धोनी और ब्रावो: मैदान पर भाई जैसा रिश्ता, एक सलाह ने ब्रावो को ‘wow’ कर दिया
IPL के इतिहास में सबसे सफल बॉलर्स में शुमार ड्वेन ब्रावो ने CSK के लिए 10 सीज़न्स में 154 विकेट लिए, जो आज भी लीग में उनका रिकॉर्ड है। लेकिन ब्रावो का CSK और एमएस धोनी से रिश्ता सिर्फ़ आंकड़ों से नहीं, बल्कि गहरी दोस्ती और trust से जुड़ा है। ब्रावो उन्हें ‘भाई से दूसरे माँ का भाई’ कहते हैं।
हाल ही में ‘Beard Before Wicket’ पॉडकास्ट पर ब्रावो ने एक पुराना किस्सा शेयर किया, जो IPL 2018 का है—जब CSK 2 साल के बैन के बाद वापसी कर रही थी।
IPL 2018: लॉन्ग‑ऑन पर डाइव, धोनी की वो सलाह
ब्रावो ने बताया, “2018 में हम बैन से लौटे थे। मैं लॉन्ग‑ऑन पर फील्डिंग कर रहा था। एक बॉल के लिए मैंने डाइव लगाई। उस वक्त मेरी उम्र 34 साल थी। ओवर खत्म होने पर धोनी ने मुझे रिंग में बुलाया। जाते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरे क्रिकेट फील्ड पर कभी डाइव मत करना। तुम्हारे 4 ओवर 4 रन बचाने से ज़्यादा ज़रूरी हैं।’”
ब्रावो ने कहा, “यह सुनकर मैं ‘Wow’ हो गया। उसके बाद मैं सर्कल में ही फील्डिंग करने लगा। धोनी यही करते हैं—वे जानते हैं तुम्हारी strength क्या है, और चाहते हैं कि तुम वही करो। कोई extra effort मत करो।”
पहली गेंद से trust: धोनी ने कभी फील्ड सेटिंग न सिखाई
ब्रावो ने अपनी पहली CSK मैच के बारे में भी बताया। “मेरी पहली ओवर में धोनी ने फील्डिंग के बारे में पूछा। मैंने अपना मनपसंद सेटिंग बताया। वे बोले, ‘नहीं, शायद…’ मैंने कहा, ‘नहीं, यही ठीक है।’ उसी पल से उन्होंने कभी मेरी फील्डिंग पर कुछ नहीं कहा।”
“उस पल मुझे लगा कि वे मुझ पर trust करते हैं। यह आदमी जानता है क्या कर रहा है। वहाँ से हम ‘brother from another mother’ बन गए। धोनी ने मुझे हमेशा ‘मैं’ रहने दिया।”
CSK के साथ ब्रावो का सफर: प्लेयर से कोच तक
ब्रावो IPL के सबसे successful bowlers हैं, और CSK के लिए उनका योगदान अमिट है। 10 सीज़न्स में 154 विकेट, death overs के king, और team के morale booster।
- IPL 2018 में बैन से लौटने पर ब्रावो की वापसी CSK के लिए turning point थी।
- बाद में 3 सीज़न्स कोचिंग की, फिर पिछले साल CSK छोड़ KKR के मेंटर बने।
धोनी का leadership style हमेशा player की strength को identify करके उसे freedom देना रहा है।
धोनी का leadership: strength पहचानो, freedom दो
यह किस्सा धोनी के कप्तानी style को परफेक्टली दर्शाता है।
- वे player को overprotect या micromanage नहीं करते, बल्कि उनकी core strength पर focus करते हैं।
- ब्रावो जैसे experienced player को बोलिंग पर prioritize करना, fielding risks कम करना—यह tactical genius था।
- IPL में 5 खिताब जीतने वाली CSK का secret यही रहा: trust, freedom और role clarity।
ब्रावो के आंकड़े: IPL के टॉप बॉलर
| सीज़न/टीम | विकेट | इकोनॉमी | बेस्ट फिगर |
|---|---|---|---|
| CSK (कुल) | 154 | 7.99 | 4/22 |
| IPL टोटल | 183 | 7.82 | 4/22 |
ये आंकड़े बताते हैं कि धोनी का trust सही था।
फैंस और एक्सपर्ट्स की नज़र में धोनी‑ब्रावो बॉन्ड
यह पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, क्योंकि यह IPL के golden era की याद दिलाती है। फैंस कह रहे हैं कि धोनी का यह style ही उन्हें ‘Thala’ बनाता है।
FAQs
प्रश्न 1: धोनी ने ब्रावो को मैदान पर क्या सलाह दी थी?
2018 IPL में ब्रावो के डाइव लगाने पर धोनी ने कहा, “मेरे फील्ड पर कभी डाइव मत करना। तुम्हारे 4 ओवर 4 रन बचाने से ज़्यादा ज़रूरी हैं।”
प्रश्न 2: ब्रावो ने CSK के लिए कितने विकेट लिए?
ड्वेन ब्रावो ने CSK के लिए 10 सीज़न्स में 154 विकेट लिए, जो IPL में CSK का सबसे ज्यादा है।
प्रश्न 3: धोनी और ब्रावो का रिश्ता कैसे शुरू हुआ?
पहली ओवर में ब्रावो ने अपनी फील्ड सेटिंग पर अड़े रहने से धोनी ने trust दिखाया, और तब से दोनों ‘brother from another mother’ कहलाए।
प्रश्न 4: ब्रावो ने CSK में क्या role निभाया?
प्लेयर के रूप में death overs bowler, फिर 3 सीज़न्स कोच, अब KKR मेंटर।
प्रश्न 5: यह किस्सा कब का है?
IPL 2018 का, जब CSK 2 साल बैन से लौटी थी।
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