ईरान में प्रोटेस्ट भड़के, अर्थव्यवस्था चरमराई तो भारत ने भारतीयों को निकालने का प्लान बनाया। पहले बैच के छात्र कल सुबह तेहरान से दिल्ली फ्लाइट से लौट सकते हैं। एमईए अलर्ट, 10 हज़ार फंसे।
ईरान में अर्थव्यवस्था ध्वस्त, भारत एयरलिफ्ट प्लान: छात्रों की हो रही फजीते, कब लौटेंगे घर?
ईरान संकट: भारत ने शुरू किया भारतीयों को वापस लाने का अभियान, पहली फ्लाइट कल
ईरान में हालात दिन ब दिन बिगड़ते जा रहे हैं। देश की करेंसी रियाल इतना गिर गया कि लोग सड़कों पर उतर आए। शुरुआत तेहरान से हुई और अब 31 में से सभी प्रांतों में हंगामा फैल गया। आर्थिक नाराजगी से शुरू हुए विरोध अब सियासी बदलाव की मांग में बदल गए। रिपोर्ट्स कहती हैं 2500 से ज्यादा मौतें हो चुकीं। ऐसे में भारत सरकार अलर्ट मोड में है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 10,000 से ज्यादा भारतीयों को वापस लाने की तैयारी शुरू कर दी। पहले बैच में छात्र सुबह 8 बजे तैयार रहने को कहा गया। स्पेशल फ्लाइट तेहरान से दिल्ली कल रवाना हो सकती है।
भारतीय दूतावास तेहरान ने बुधवार को सभी भारतीयों से तुरंत निकलने को कहा। छात्र, तीर्थयात्री, बिजनेसमैन, टूरिस्ट सब अलर्ट पर। इंटरनेट ब्लैकआउट से संपर्क मुश्किल। एम्बेसी फिजिकल तरीके से छात्रों की लिस्ट बना रही। गोलिस्तान यूनिवर्सिटी, शहीद बेहेश्ती मेडिकल और तेहरान मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र पहले ग्रुप में। पासपोर्ट चेक, पैसेंजर मेनिफेस्ट तैयार। भारत-ईरान अथॉरिटी से अप्रूवल मिल गए।
MEA ने ‘डू नॉट ट्रैवल’ एडवाइजरी जारी की। ये 2020 पांडेमिक के बाद पहली बार देश-विशेष एयाक्यूएशन। करीब 4800 छात्र-इंजीनियर प्रभावित। तेल सेक्टर में प्रोजेक्ट इंजीनियर, शिराज-तेहरान यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले। 24 घंटे हेल्पलाइन चालू। परिवारों, बच्चों, बूढ़ों को प्रायोरिटी। ईरान ने गुरुवार को एयरस्पेस कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया। एयर इंडिया, इंडिगो फ्लाइट्स रीरूट हुईं। अब खुल गया लेकिन अनिश्चितता बरकरार।
ईरान में भारतीयों की संख्या और लोकेशन
| श्रेणी | संख्या | मुख्य जगहें |
|---|---|---|
| छात्र | 4800 | तेहरान, शिराज, इस्फहान यूनिवर्सिटी |
| तेल कार्यरत | 3000 | साउथ पार्स गैस फील्ड |
| तीर्थयात्री | 2000 | क़ुम, मशहद |
| अन्य | 100+ | बिजनेस, टूरिस्ट |
ईरान संकट का समयरेखा
- दिसंबर अंत: रियाल रिकॉर्ड लो पर गिरा।
- जनवरी पहला हफ्ता: तेहरान प्रोटेस्ट शुरू।
- जनवरी 14: 31 प्रांत प्रभावित, एयरस्पेस बंद।
- जनवरी 15: भारत डू नॉट ट्रैवल अलर्ट।
- जनवरी 16: पहली एयाक्यूएशन फ्लाइट।
पहले क्या हुआ?
ऑपरेशन सिंधु याद है? ईरान टेंशन के समय हजारों छात्र निकाले गए। मशहद-अश्गाबात से चार्टर्ड फ्लाइट्स। अब वही प्लान। एम्बेसी ग्राउंड पर सक्रिय। लेकिन इंटरनेट कट से चुनौती। स्टूडेंट्स डर रहे- लाशें देखीं, बम ब्लास्ट सुने।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिलिट्री ऑप्शन खुला रखा। वेस्ट एशिया में टेंशन। ईरान की क्रैकडाउन सख्त। इकोनॉमी खराब- महंगाई, बेरोजगारी। लोग आखिर तक झुकने को तैयार नहीं। भारत तटस्थ रहेगा लेकिन नागरिक सुरक्षा पहले।
भारतीय छात्रों की कहानी
तेहरान यूनिवर्सिटी के राहुल ने बताया, ‘सड़कों पर बवाल, दुकानें बंद।’ शिराज से नेहा बोलीं, ‘हेल्पलाइन पर लाइन, इंतजार।’ परिवार भारत में परेशान। एमपी, यूपी, बिहार से ज्यादातर छात्र। फीस दी, कोर्स अधूरा। वापसी पर रिफंड मुश्किल।
सरकार के कदम
- 24×7 हेल्पलाइन: +98-21-88792700
- रजिस्ट्रेशन: एम्बेसी पोर्टल।
- वैकल्पिक रूट: लैंड अगर एयर न चले।
- इंडिगो, एयर इंडिया रद्द फ्लाइट्स रिफंड।
सुरक्षा टिप्स ईरान में फंसे भारतीयों के लिए
- प्रोटेस्ट एरिया अवॉइड करें।
- एम्बेसी कॉन्टैक्ट रखें।
- कैश स्टॉक, दवाइयां।
- ग्रुप में रहें।
ईरान की अर्थव्यवस्था क्यों चरमरा गई?
रियाल डॉलर के मुकाबले गिर गया। सैंक्शन, महंगाई 40%+, बेरोजगारी युवाओं में। प्रोटेस्ट महिलाओं, छात्रों ने लीड किया। सुप्रीम लीडर पर सवाल। मौतें 2500+, गिरफ्तारियां हजारों।
भारत का स्टैंड
पीएम मोदी ने कहा, ‘नागरिक पहला।’ विदेश मंत्री जयशंकर एमईए कंट्रोल रूम में। पहले बैच 100-150 छात्र। फिर तेल वर्कर्स, तीर्थयात्री। कुल 10,000 का टारगेट। सफल रहा तो बड़ी राहत।
पिछली एयाक्यूएशन सफलताएं
परिवारों के लिए अपडेट
हेल्पलाइन चेक करें। एम्बेसी ट्विटर फॉलो। लिस्ट पब्लिश होगी। कोविड टाइम की तरह ट्रस्ट रखें।
ईरान संकट ने भारत को सतर्क कर दिया। लाखों परिवारों की उम्मीद सरकार पर। पहली फ्लाइट सफल हो तो भरोसा बढ़ेगा। लेकिन सिचुएशन बदल रही। अपडेट्स देखते रहें। सुरक्षित वापसी की दुआ।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ईरान से पहली फ्लाइट कब जा रही?
कल सुबह 8 बजे तेहरान-दिल्ली। गोलिस्तान, बेहेश्ती छात्र पहले बैच। - कितने भारतीय फंसे ईरान में?
10,000+, जिसमें 4800 छात्र। तेल, तीर्थ प्रमुख। - MEA हेल्पलाइन नंबर क्या?
+98-21-88792700, 24×7। एम्बेसी रजिस्टर। - ईरान प्रोटेस्ट क्यों भड़के?
रियाल क्रैश, महंगाई। अब सियासी मांगें। 2500 मौतें। - एयरस्पेस बंद क्यों हुआ?
सिक्योरिटी, प्रोटेस्ट कंट्रोल। अब खुला लेकिन रिस्क।
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