ईरान में तीसरे हफ्ते में एंटी-गवर्नमेंट प्रोटेस्ट, 116 मौतें। ट्रंप ने कहा USA मदद को तैयार। इजरायल हाई अलर्ट पर, ईरान ने अमेरिकी बेस और इजरायल को निशाना बनाने की धमकी दी। नेटन्याहू-रूबियो की बातचीत।
खामेनेई हिल गए: ट्रंप की चेतावनी, इजरायल हाई अलर्ट, ईरान की सुप्रीम लीडरशिप पर हमला
ईरान संकट: इजरायल हाई अलर्ट पर, अमेरिकी हस्तक्षेप की आशंका से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर
ईरान में देशव्यापी एंटी-गवर्नमेंट प्रोटेस्ट तीसरे हफ्ते में पहुंच गए हैं और हालात दिन-ब-दिन बेकाबू होते जा रहे। तेहरान, मशहद समेत बड़े शहरों में सड़कों पर उतर आए लाखों लोग सुरक्षाबलों की सख्ती के बावजूद नारेबाजी कर रहे। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक 116 से ज्यादा लोग मारे जा चुके, हजारों गिरफ्तार। शुरुआत आर्थिक संकट से हुई- महंगाई, करेंसी क्रैश- लेकिन अब ये खामेनेई की सुप्रीम लीडरशिप के खिलाफ खुला विद्रोह बन चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान कभी नहीं देखे जैसी आजादी के करीब है। USA मदद के लिए तैयार!!!’ ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी कि प्रोटेस्टर्स पर घातक बल इस्तेमाल न करें वरना वॉशिंगटन कदम उठा सकता है। रिपोर्ट्स कहती हैं ट्रंप को मिलिट्री ऑप्शन्स पर ब्रीफिंग मिल चुकी, जिसमें टारगेटेड स्ट्राइक्स शामिल हैं। लेकिन अधिकारी कहते हैं, तेहरान पर प्रेशर और रीजनल रिटेलिएशन के रिस्क को बैलेंस करना होगा।
इजरायल ने इस पूरे घटनाक्रम पर हाई अलर्ट जारी कर दिया। तीन इजरायली सोर्सेज के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि वीकेंड पर सिक्योरिटी कंसल्टेशन्स में US इंटरवेंशन की पॉसिबिलिटी पर चर्चा हुई। पीएम बेंजामिन नेटन्याहू ने शनिवार को US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो से फोन पर बात की। इजरायल ने साफ कहा कि ईरान के आंतरिक अशांति में दखल नहीं देगा लेकिन हालात पर नजर रखे हुए।
ईरान ने जवाब में कड़ा रुख अपनाया। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को दखलंदाजी का आरोप लगाया, कहा प्रोटेस्टर्स US के इशारे पर काम कर रहे। ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकिर कलिबाफ ने रविवार को कहा, ‘अगर ईरान पर हमला हुआ तो इजरायल सहित सभी US बेस और शिप्स वैध टारगेट होंगे।’ उन्होंने पूर्व-निवारक कार्रवाई का संकेत भी दिया। कलिबाफ खुद रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर रह चुके।
ईरान ने इंटरनेट पर सख्त पाबंदियां लगा दीं, जिससे अंदर की खबरें बाहर आने में मुश्किल हो रही। सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान (CHRI) ने कहा अस्पताल भर चुके, खून की कमी, प्रोटेस्टर्स को आंखों पर निशाना बनाकर गोली मारी जा रही। ये ब्लैकआउट हार्डलाइनर्स को क्रैकडाउन तेज करने का मौका दे सकता।
जून 2025 में इजरायल-ईरान के बीच 12 दिन का जंग हुआ था। ईरान ने इजरायल को धमकी दी तो US ने फोर्डो न्यूक्लियर साइट समेत ईरानी सुविधाओं पर स्ट्राइक्स किए। जवाब में ईरान ने कतर में US बेस पर मिसाइल दागे। इजरायल ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम से सतर्क रहता है। नेटन्याहू ने इकोनॉमिस्ट को कहा, ‘ईरान हमला करेगा तो भयानक परिणाम होंगे।’
प्रोटेस्ट की शुरुआत
- महंगाई, रियाल का गिरना, सब्सिडी खत्म।
- तेहरान, मशहद से फैला पूरे देश में।
- नारे बदले: ‘खामेनेई शर्मनाक’।
तीसरे हफ्ते में सुरक्षाबल सख्त, लेकिन भीड़ कम नहीं।
ट्रंप के स्टेटमेंट्स
- ‘ईरान फ्रीडम के करीब।’
- ‘घातक बल न इस्तेमाल करें।’
- मिलिट्री ऑप्शन्स पर विचार।
इजरायल का हाई अलर्ट क्या है?
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| अलर्ट लेवल | हाई (सिक्योरिटी कंसल्टेशन्स) |
| चर्चा | US इंटरवेंशन पॉसिबिलिटी |
| नेटन्याहू कॉल | रूबियो से शनिवार को |
| दखल | ईरान अंदरूनी मामला, लेकिन नजर |
| इतिहास | जून 2025 12-दिन जंग |
ईरान का जवाब
- संसद स्पीकर: US बेस, इजरायल टारगेट।
- पूर्व-निवारक कार्रवाई संकेत।
- इंटरनेट शटडाउन।
प्रोटेस्ट के आंकड़े
- मौतें: 116+ (CHRI)।
- गिरफ्तार: हजारों।
- शहर: तेहरान, मशहद मुख्य।
- टैक्टिक: आंखों पर गोली।
मिडिल ईस्ट में असर
US इंटरवेंशन से रीजन में आग लग सकती। कतर, सऊदी, गल्फ स्टेट्स अलर्ट। इजरायल की फॉरेन मिनिस्टर गिदोन सा’अर ने EU से IRGC को टेररिस्ट घोषित करने को कहा। US इंटेलिजेंस ने कहा ये ‘एंड्यूरेंस गेम’- विपक्ष प्रेशर बनाए रखे, सरकार डर फैलाए बिना US को बहाना न दे।
भारतीय नजरिए से
ईरान संकट से ऑयल प्राइस प्रभावित हो सकते। भारत का ईरान से पुराना रिश्ता, लेकिन US-इजरायल के साथ भी मजबूत। अगर जंग हुई तो गल्फ में इंडियन वर्कर्स खतरे में। सरकार नजर रखे।
क्या होगा आगे?
ट्रंप फैसला लेगा या इंतजार? खामेनेई टूटेंगे या दबाएंगे? इजरायल तैयार। प्रोटेस्टर्स की हिम्मत बनी रहे तो रिजीम चेंज पॉसिबल। लेकिन रिस्क हाई- रीजनल वॉर। दुनिया देख रही।
ईरान का ये संकट इतिहास रच सकता। ट्रंप की पॉलिसी और इजरायल की सतर्कता से मिडिल ईस्ट का भविष्य तय होगा।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ईरान प्रोटेस्ट क्यों शुरू हुए?
आर्थिक संकट- महंगाई, करेंसी गिरना। अब खामेनेई के खिलाफ विद्रोह। तेहरान-मशहद से फैला। - ट्रंप ने क्या कहा ईरान पर?
‘USA मदद को तैयार।’ घातक बल न इस्तेमाल करें वरना कदम। मिलिट्री ऑप्शन्स पर विचार। - इजरायल हाई अलर्ट क्यों?
US इंटरवेंशन की आशंका। नेटन्याहू-रूबियो कॉल। जून 2025 जंग की याद। - ईरान ने क्या धमकी दी?
US बेस, शिप्स, इजरायल टारगेट। पूर्व-निवारक कार्रवाई का संकेत। - प्रोटेस्ट में कितनी मौतें?
116+ मारे गए, हजारों गिरफ्तार। इंटरनेट ब्लैकआउट में आंखों पर गोली।
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