आयतुल्लाह खामेनेई ने ट्रंप सरकार को ‘सहयोग के लायक नहीं’ बताया। जून के इजरायल-ईरान युद्ध में अमेरिका की हार का दावा। न्यूक्लियर प्रोग्राम पर ट्रंप के झूठे बयान।
आयतुल्लाह का तगड़ा बयान: अमेरिका और इजरायल की हार, ट्रंप सपने देखते रहें!
ईरान सुप्रीम लीडर का अमेरिका पर तीखा हमला: ट्रंप सरकार बातचीत के लायक नहीं
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने 28 नवंबर 2025 को एक टीवी स्पीच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार को साफ-साफ कह दिया कि यह ‘सहयोग या संपर्क के लायक नहीं’ है। बसिज फोर्सेस के दिन पर बोलते हुए उन्होंने अफवाहों को खारिज किया कि ईरान ने वाशिंगटन को कोई मैसेज भेजा है। ‘ऐसी सरकार के साथ इस्लामिक रिपब्लिक का कोई लेना-देना नहीं’, उन्होंने कहा। यह बयान जून 2025 के इजरायल-ईरान युद्ध के बाद आया, जिसमें अमेरिका ने भी हमले किए थे।
खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने 12 दिनों के युद्ध में कोई लक्ष्य हासिल नहीं किया। इजरायल ने ईरान पर अभूतपूर्व बमबारी की, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन अटैक किए। अमेरिका ने ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर स्ट्राइक्स किए, लेकिन 24 जून से सीजफायर है। खामेनेई ने ईरान की ‘जनता की एकता’ की तारीफ की, जो युद्ध में सिस्टम के साथ खड़ी रही।
जून 2025 युद्ध: आखिर क्या हुआ था?
जून में इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक्स शुरू किए। अमेरिका ने न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर हमला किया, जिससे न्यूक्लियर टॉक्स अप्रैल से रुके। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। पेंटागन के मुताबिक, इससे ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम 1-2 साल पीछे हुआ, लेकिन शुरुआती इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने सिर्फ कुछ महीनों का नुकसान बताया। खामेनेई ने ट्रंप के ‘नष्ट हो गया’ दावे को ‘सपने देखते रहो’ कहकर खारिज किया।
यह युद्ध न्यूक्लियर नेगोशिएशंस को पटरी से उतार दिया। ट्रंप ने दावा किया कि स्ट्राइक्स ने प्रोग्राम तबाह कर दिया, लेकिन डैमेज का पूरा पता नहीं। ईरान का कहना है कि इजरायल का मकसद सिस्टम उखाड़ फेंकना था, लेकिन नाकाम रहे। जनता ने एकजुट होकर खड़े होने से एकता बनी रही।
खामेनेई के बयान का बैकग्राउंड
बसिज एक पैरामिलिट्री फोर्स है, जो इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अंडर है। इस दिन खामेनेई ने अमेरिका को ‘अयोग्य’ बताया। उन्होंने कहा कि वेस्ट और इजरायल ने स्ट्रीट प्रोटेस्ट भड़काने की कोशिश की, लेकिन फेल हो गए। ट्रंप के शांति प्रयासों पर क्रेमलिन ने ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन खामेनेई ने साफ मना कर दिया। यह बयान ट्रंप के रूस-यूक्रेन टॉक्स के बीच आया।
खामेनेई पहले भी ट्रंप को चेतावनी दे चुके। जून युद्ध ईरान के लिए टेस्ट था, जहां सिस्टम मजबूत साबित हुआ। अमेरिकी इंटेलिजेंस में कंट्राडिक्शन से ईरान को मौका मिला दावा करने का।
ईरान-अमेरिका रिश्तों का इतिहास
नीचे टेबल में मुख्य घटनाएं:
| साल/घटना | विवरण | असर |
|---|---|---|
| 2018 | ट्रंप ने न्यूक्लियर डील से बाहर निकला | टेंशन बढ़ा |
| 2020 | जनरल सुलेमानी की हत्या | IRGC रिएक्शन |
| अप्रैल 2025 | न्यूक्लियर टॉक्स शुरू | उम्मीद बनी |
| जून 2025 | इजरायल बमबारी, US स्ट्राइक्स | सीजफायर 24 जून |
| नवंबर 2025 | खामेनेई का ‘नॉट वर्थी’ बयान | टॉक्स रुक गए |
यह ट्रेंड दिखाता है कि ट्रंप की पॉलिसी से टेंशन बनी रहती।
न्यूक्लियर प्रोग्राम पर दावे और हकीकत
ट्रंप कहते हैं प्रोग्राम खत्म। पेंटागन: 1-2 साल देरी। लेकिन क्लासिफाइड रिपोर्ट: कुछ महीने। ईरान इनकार करता। IAEA रिपोर्ट्स कहतीं कि ईरान 60% एनरिचमेंट पर था, लेकिन स्ट्राइक्स से असर। खामेनेई ने कहा अमेरिका-इजरायल फेल हो गए। साइंटिफिक फैक्ट: न्यूक्लियर साइट्स जैसे नतांज, फोर्डो पर डैमेज, लेकिन रिकवरी पॉसिबल।
आंकड़े: युद्ध में ईरान ने 100+ मिसाइलें दागीं। इजरायल ने 500+ सॉर्टीज। US ने 20 स्ट्राइक्स। मौतें: 200+। ICMR जैसी बॉडीज नहीं, लेकिन WHO ने ह्यूमैनिटेरियन अपील की।
ईरान की स्ट्रेटजी आगे क्या?
खामेनेई ने एकता बचाने को कहा। IRGC मजबूत। ट्रंप के स्पेशल एन्वॉय मॉस्को जा रहे, लेकिन ईरान अलग। क्षेत्रीय टेंशन: लेबनान, गाजा से लिंक। ईरान आत्मनिर्भर बनेगा, न्यूक्लियर रिकंस्ट्रक्शन पर फोकस।
विशेषज्ञ कहते हैं, यह बयान नेगोशिएशन के दरवाजे बंद करता। लेकिन बैकचैनल पॉसिबल। ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ पॉलिसी फिर शुरू हो सकती।
आम लोगों पर असर और टिप्स
ईरान में जनता एकजुट। ग्लोबल ऑयल प्राइस पर असर: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से। निवेशक सतर्क। टिप्स:
- न्यूज चेक करें, अफवाह न फैलाएं।
- ग्लोबल टेंशन से शेयर मार्केट पर नजर।
- ईरान टूरिस्ट्स अलर्ट रहें।
- डिप्लोमेसी पर भरोसा रखें।
आयुर्वेदिक नजरिए से शांति जरूरी। मॉडर्न साइंस: न्यूक्लियर टेक रिवर्सिबल।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं
ट्रंप ने रिएक्ट नहीं। इजरायल सतर्क। रूस-चाइना समर्थन। यूरोप न्यूक्लियर टॉक्स दोबारा चाहता। IMF जैसी बॉडीज इकोनॉमिक इंपैक्ट देख रही। यह बयान मिडिल ईस्ट को हाईलाइट करता।
5 FAQs
- प्रश्न: खामेनेई ने ट्रंप सरकार के बारे में क्या कहा?
उत्तर: ‘सहयोग या संपर्क के लायक नहीं’। अफवाहें झूठी। - प्रश्न: जून 2025 युद्ध में क्या हुआ?
उत्तर: इजरायल बमबारी, ईरान मिसाइल जवाब। US ने न्यूक्लियर स्ट्राइक्स। 24 जून सीजफायर। - प्रश्न: न्यूक्लियर प्रोग्राम को कितना नुकसान?
उत्तर: पेंटागन 1-2 साल देरी। ट्रंप कहते नष्ट, ईरान इनकार। - प्रश्न: बसिज फोर्स क्या है?
उत्तर: IRGC की पैरामिलिट्री। उनके दिन पर स्पीच। - प्रश्न: आगे क्या होगा ईरान-US रिश्तों में?
उत्तर: टेंशन बनी रहेगी। नेगोशिएशन मुश्किल।
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