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ईरान में अफरा-तफरी: भारतीय लौटे घर, बोले- हालात खराब, मोदी जी ने बचा लिया सबको!

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Iran unrest 2026, Indian nationals evacuate Iran
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ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच दर्जनों भारतीय नागरिक दिल्ली लौट आए। इंटरनेट ब्लैकआउट, सड़क जाम, खराब हालात। MEA और दूतावास ने सुरक्षित निकाला। लौटने वालों ने कहा- मोदी जी है तो सब मुमकिन। पूरी अपडेट।

तेहरान से दिल्ली फ्लाइट: इंटरनेट बंद, विरोधी सड़कों पर- भारतीयों का दर्दनाक बयान

ईरान संकट: भारतीय नागरिक सुरक्षित लौटे, बोले- हालात खराब लेकिन मोदी सरकार ने बचा लिया

इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात को एक ऐसी तस्वीर दिखी जिसने लाखों भारतीयों के दिल को छू लिया। ईरान में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच दर्जनों भारतीय नागरिक दिल्ली लौट आए। कश्मीर से लेकर केरल तक के लोग थे इनमें- छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी। चेहरे पर थकान थी लेकिन आंखों में राहत। एक ने कहा, ‘वहां हालात बहुत खराब हैं। लेकिन मोदी जी है तो हर चीज मुमकिन है।’ दूसरा बोला, ‘इंटरनेट बंद था, परिवार से बात न हो सकी। दूतावास ने रास्ता बताया।’​

ये सब कुछ जनवरी 2026 के मिड में हो रहा है जब ईरान में विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में दाखिल हो चुके। शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के ग्रैंड बाजार से हुई। ईरानी रियाल डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया। महंगाई आसमान छू रही, बेरोजगारी बढ़ी, पानी-बिजली की किल्लत। 280 से ज्यादा जगहों पर दंगे फैल गए। सरकार ने इंटरनेट काट दिया, सड़कों पर पाबंदी। भारतीय दूतावास ने 14 जनवरी को अलर्ट जारी किया- तुरंत निकल जाओ, कमर्शियल फ्लाइट्स से।​

विदेश मंत्रालय ने भी साफ कहा- ईरान यात्रा न करें। 5 जनवरी वाले अलर्ट को दोहराया। वहां 10,000 से ज्यादा भारतीय फंसे थे। ज्यादातर छात्र मेडिकल कोर्सेस कर रहे, तीर्थयात्री इमाम रजा श्राइन पर। कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी और एस जयशंकर से अपील की। दूतावास ने रजिस्ट्रेशन शुरू किया, डॉक्यूमेंट्स कलेक्ट। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने जयशंकर से फोन पर बात की। भारत ने कोई स्पेशल एवाक्यूएशन नहीं चलाया, लेकिन फ्लाइट्स रिज्यूम होते ही लोग लौटने लगे।​

लौटने वालों के बयान सुन दिल दहल जाता है। एक ने बताया, ‘एक महीने से थे। आखिरी 1-2 हफ्ते मुश्किल। बाहर निकलें तो प्रोटेस्टर्स कार के आगे आ जाते। थोड़ा-बहुत तंग करते। इंटरनेट बंद तो परिवार को कुछ पता ही न चला। दूतावास तक कॉन्टैक्ट मुश्किल।’ कश्मीरी स्टूडेंट बोला, ‘प्रोटेस्टर्स खतरनाक थे। भारत सरकार ने कमाल किया, छात्रों को वापस लाया।’ एयरपोर्ट पर रिश्तेदार इंतजार कर रहे। एक भाई बोला, ‘बहनोई इरान तीर्थ गई थी। युद्ध जैसी स्थिति, इंटरनेट बंद। चिंता हुई लेकिन सरकार ने इंतजाम किया।’​

ईरान का आर्थिक संकट गहरा। रियाल की कीमत ऐतिहासिक निचले स्तर पर। महंगाई दहाई अंकों में। पानी की भारी कमी, बिजली कटौती। बेरोजगारी युवाओं को सड़कों पर ला रही। बाजारों में अफरा-तफरी। भारत-ईरान रिश्ते पुराने हैं। चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट, तेल इंपोर्ट। लेकिन अब सिक्योरिटी पहले। MEA लगातार मॉनिटर कर रहा। हेल्पलाइन एक्टिवेट।​

भारतीयों की संख्या और स्थिति

श्रेणीसंख्या (अनुमानित)मुख्य शहर
छात्र4,000+मशहद, तेहरान
तीर्थयात्री3,000मशहद (इमाम रजा)
व्यापारी2,000तेहरान, इस्फहान
पर्यटक1,000शिराज, तेहरान

प्रोटेस्ट टाइमलाइन

  • 28 दिसंबर 2025: ग्रैंड बाजार तेहरान में शुरुआत।
  • जनवरी 5: MEA पहला अलर्ट।
  • जनवरी 14: दूतावास- तुरंत निकलो।
  • जनवरी 16: पहली फ्लाइट्स दिल्ली लैंड।
    20 दिन में 280+ लोकेशन्स प्रभावित।​

परिवारों का इंतजार
एयरपोर्ट पर सीन हृदयस्पर्शी। मांएं रो रहीं, बच्चे झंडे लहरा रहे। एक ने कहा, ‘ईरान हमारा दोस्त था लेकिन अब हालात बदल गए। सरकार का शुक्रिया।’ कश्मीर से खास चिंता। वहां स्टूडेंट्स ज्यादा। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स ग्रुप ने एवाक्यूएशन की मांग की।​

भारत सरकार का रोल

  • दूतावास 24/7 हेल्पलाइन।
  • कमर्शियल फ्लाइट्स कोऑर्डिनेशन।
  • ईरानी अथॉरिटीज से बात।
  • जयशंकर का फोन कॉल।
    ‘हम हर जरूरी कदम उठाएंगे।’ ये कमिटमेंट।​

ईरान संकट के कारण

  • रियाल क्रैश: ऐतिहासिक लो।
  • महंगाई: 40%+।
  • बेरोजगारी: युवा नाराज।
  • पानी-बिजली संकट।
    सरकार पर दबाव।

क्या करें भारतीय?

  • ईरान न जाएं।
  • वहां फंसे तो दूतावास कॉन्टैक्ट।
  • प्रोटेस्ट एरिया अवॉइड।
  • डॉक्यूमेंट्स रेडी रखें।

भारत ने फिर साबित किया- अपने नागरिक कहीं भी हों, पीठ थपथपाने को तैयार। ईरान में शांति की दुआ। ये संकट कब खत्म होगा? आने वाले दिन बताएंगे। लेकिन लौटे भारतीयों की मुस्कान लाखों के लिए राहत।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. ईरान में भारतीयों की संख्या कितनी?
    10,000+, ज्यादातर छात्र और तीर्थयात्री।​
  2. क्यों बिगड़े ईरान के हालात?
    रियाल गिरा, महंगाई, बेरोजगारी, पानी-बिजली किल्लत।
  3. सरकार ने क्या किया?
    अलर्ट जारी, दूतावास से कोऑर्डिनेशन, हेल्पलाइन।
  4. इंटरनेट क्यों बंद?
    प्रोटेस्ट कंट्रोल के लिए। परिवारों से कॉन्टैक्ट मुश्किल।
  5. अभी ईरान जाएं?
    नहीं। MEA ने साफ मना किया।

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