ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी- हमला किया तो US मिलिट्री बेस, जहाज और इजरायल निशाना बनेगा। प्रोटेस्ट में 116 मरे, इंटरनेट 60 घंटे से बंद। संस्पीकर बोले- खतरे के संकेत पर पहले हमला करेंगे।
ईरान में बगावत: इंटरनेट कट, सैकड़ों गिरफ्तार, सरकार बोली- अमेरिकी हमले का जवाब देंगे आर्मी बेस पर!
ईरान का अमेरिका को सीधा धमकी: हमला किया तो US बेस और जहाज उड़ाएंगे
ईरान की संसद में रविवार को जोरदार बयानबाजी हुई। स्पीकर मोहम्मद बागर ग़लिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो US मिलिट्री बेस, जहाज और इजरायल सब वैध निशाने होंगे। स्टेट टीवी पर लाइव प्रसारण में स्पीकर बोले, ‘अमेरिका के हमले की स्थिति में कब्जे वाली जमीन (इजरायल) और US के सारे सैन्य केंद्र, बेस व जहाज हमारे टारगेट होंगे। हम सिर्फ रिएक्ट नहीं करेंगे, खतरे के संकेत मिलते ही एक्शन लेंगे।’ संसद में विधायक ‘डेथ टू अमेरिका’ चिल्ला रहे थे।
ये बयान ऐसे समय आया जब पूरे ईरान में एंटी-गवर्नमेंट प्रोटेस्ट तेज हो चुके हैं। दो हफ्ते से चल रही बगावत में कम से कम 116 लोग मारे गए, जिनमें 37 सिक्योरिटी फोर्सेस के जवान शामिल। US बेस्ड ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक 2600 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं। सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान (CHRI) ने कहा कि इंटरनेट शटडाउन के दौरान सैकड़ों प्रोटेस्टर्स की हत्या हुई, अस्पताल खाली हो गए, आंखों पर निशाना बनाकर गोली मारी जा रही। ‘ईरान में नरसंहार हो रहा, दुनिया को रोकना होगा।’
ईरान प्रोटेस्ट का बैकग्राउंड
प्रोटेस्ट की शुरुआत दिसंबर 2025 के आखिर में हुई। महंगाई, बेरोजगारी और सख्त इस्लामी नियमों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए। तेहरान, इस्फहान, मशहद जैसे बड़े शहरों में झड़पें तेज। सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट काट दिया, जो 60 घंटे से ज्यादा चलेगा। नेटब्लॉक्स ने कहा ये सेंसरशिप लोगों की जान जोखिम में डाल रही। शनिवार रात पुलिस चीफ अहमद-रेजा रादान ने कहा प्रमुख दंगाइयों को गिरफ्तार कर लिया, कानूनी कार्रवाई होगी।
ट्रंप ने प्रोटेस्टर्स को सपोर्ट किया। कहा अगर ईरान ने दमन किया तो सैन्य कार्रवाई हो सकती। ईरान ने जवाब में कहा हम प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक करेंगे। अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने प्रोटेस्टर्स को ‘गॉड का दुश्मन’ कहा, जो डेथ पेनल्टी का केस बनता। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने क्रैकडाउन का संकेत दिया।
US और इजरायल पर खतरे के संकेत
ईरान की धमकी सीरियस है। जून 2025 में इजरायल से 12 दिन की जंग में ईरान की एयर डिफेंस तबाह हुई थी। फिर भी स्पीकर ग़लिबाफ ने कहा हम लिमिटेड नहीं रहेंगे। मिडिल ईस्ट में US के कई बेस हैं- बहरीन, कुवैत, कतर, UAE। इराक और सीरिया में भी। ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो इन तक पहुंच सकती। इजरायल को ‘ऑक्यूपाइड टेरिटरी’ कहा। इजरायल हाई अलर्ट पर।
प्रोटेस्ट के बीच ईरान आर्मी अलर्ट पर। रिवॉल्यूशनरी गार्ड तैनात। प्रोटेस्टर्स ने कहा हम रीजिम चेंज चाहते। महिलाएं सबसे आगे, हिजाब फूंक रही। लेकिन सरकार दमन पर तुली।
मौतों का आंकड़ा और मानवाधिकार
| विवरण | संख्या | स्रोत |
|---|---|---|
| प्रोटेस्टर्स मारे गए | 116+ | HRANA |
| सिक्योरिटी फोर्सेस मरे | 37 | ईरानी मीडिया |
| गिरफ्तार | 2600+ | HRANA |
| इंटरनेट ब्लैकआउट | 60+ घंटे | Netblocks |
| घायल (अनुमान) | सैकड़ों | CHRI |
CHRI ने कहा अस्पतालों में खून की कमी, प्रोटेस्टर्स की आंखें निशाना। ये डेलिबरेट टैक्टिक।
ट्रंप का रिएक्शन और ग्लोबल इंपैक्ट
ट्रंप ने कहा ईरान प्रोटेस्टर्स के साथ। व्हाइट हाउस से बोले अगर खामेनेई ने क्रश किया तो हम देखेंगे। ईरान ने जवाब में US बेस टारगेट। ऑयल प्राइस बढ़ने लगे। होर्मुज स्ट्रेट पर नजर। अगर जंग हुई तो ग्लोबल इकोनॉमी हिल जाएगी।
भारत के लिए भी चिंता। ईरान से तेल इंपोर्ट, चाबहार पोर्ट। प्रोटेस्ट बढ़े तो रीजनल टेंशन।
प्रोटेस्ट की टाइमलाइन
- दिसंबर 2025 आखिर: महंगाई के खिलाफ शुरू।
- जनवरी 2026 पहला हफ्ता: तेहरान में हिंसा।
- 10 जनवरी: इंटरनेट शटडाउन।
- 11 जनवरी: स्पीकर की US धमकी।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ईरान ने अमेरिका को क्या धमकी दी?
अमेरिकी हमले पर US मिलिट्री बेस, जहाज और इजरायल को वैध टारगेट बनाएंगे। स्पीकर बोले खतरे पर पहले हमला करेंगे। - ईरान प्रोटेस्ट में कितने मरे?
116+ प्रोटेस्टर्स और 37 सिक्योरिटी फोर्सेस। 2600 गिरफ्तार। इंटरनेट 60 घंटे से बंद। - ट्रंप ने ईरान पर क्या कहा?
प्रोटेस्टर्स को सपोर्ट, दमन पर सैन्य कार्रवाई का संकेत। - इंटरनेट शटडाउन क्यों?
प्रोटेस्ट कंट्रोल करने को, लेकिन Netblocks ने कहा ये जानलेवा। - जंग की संभावना कितनी?
ईरान की मिसाइलें तैयार, लेकिन जून की हार से कमजोर। ट्रंप फैसला लेंगे।
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