ईरान में प्रदर्शन तीसरे हफ्ते प्रवेश कर चुके, 116 मौतें, 2600 हिरासत। ट्रंप ने कहा USA मदद को तैयार, तेहरान ने अमेरिका-इजरायल को चेताया- हमला किया तो बेस और जहाज निशाना बनेंगे। पूरी अपडेट।
ट्रंप बोले ‘USA तैयार है मदद के लिए!!!’ ईरान ने कहा- हम प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक देंगे, 116 मौतें हो चुकीं
ईरान में प्रदर्शन तीसरे हफ्ते: ट्रंप की मदद की पेशकश पर तेहरान का अमेरिका-इजरायल को धमकी
ईरान की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में दाखिल हो चुके हैं और हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे। 28 दिसंबर 2025 को ईरानी रियाल के भयानक गिरावट के बाद शुरू हुए ये आंदोलन अब सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की थियोक्रेटिक सरकार के खिलाफ खुला विद्रोह बन चुके हैं। एक्टिविस्ट्स के मुताबिक मरने वालों की तादाद 116 तक पहुंच गई है, जबकि 2600 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हो चुके, इनमें नाबालिग भी शामिल हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, ‘ईरान कभी पहले जैसी आजादी की ओर बढ़ रहा है। USA मदद के लिए तैयार है!!!’
ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकिर कलिबाफ ने संसद में चिल्लाते हुए सांसदों के बीच खड़े होकर कहा, ‘अगर अमेरिका ने हमला किया तो इजरायल (जिसे ईरान कब्जे वाली जमीन कहता है) और अमेरिकी मिलिट्री बेस, जहाज सब हमारे वैध निशाने होंगे। हम सिर्फ रिएक्ट नहीं करेंगे, किसी भी खतरे पर पहले ही वार करेंगे।’ ये बयान ट्रंप की चेतावनी के ठीक बाद आया, जिसमें उन्होंने ईरानी रिजीम को डेमोंस्ट्रेटर्स पर गोली चलाने से रोका था। इंटरनेट ब्लैकआउट और फोन सर्विसेज कटने से बाहर की दुनिया को सही तस्वीर मिलना मुश्किल हो गया है, लेकिन स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट कनेक्शन से वीडियो आ रहे हैं।
प्रदर्शनों की शुरुआत और तेजी से बिगड़ते हालात
ये विरोध 28 दिसंबर को रियाल के डॉलर के मुकाबले 1.4 से नीचे गिरने से भड़के। इंटरनेशनल सैंक्शंस ने न्यूक्लियर प्रोग्राम के चलते ईरान की इकोनॉमी को चूरन कर दिया। तेहरान के पुनाक इलाके में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे, मोबाइल फोन जलाकर सिग्नल देते नजर आए। मशहद और अन्य शहरों में भी धातु की चीजें पीटकर शोर मचाया जा रहा। ईरानी अथॉरिटीज ने सड़कें ब्लॉक कर दीं, आंसू गैस और फायरवर्क्स का इस्तेमाल किया। ज्यूडिशियरी चीफ मोहम्मद अहेदी आजाद ने स्टेट टीवी पर कहा कि प्रोटेस्टर्स को ‘गॉड के दुश्मन’ करार दिया जाएगा, जिसकी सजा मौत है। सहयोग करने वालों को भी यही सजा।
रिजीम अब प्रोटेस्टर्स को ‘रायटर्स’ से ‘टेररिस्ट्स’ बुला रहा। IRGC ने 4 जनवरी को तेहरान, शिराज समेत कई शहरों में मिसाइल और एयर डिफेंस एक्सरसाइज की, जो इजरायल के साथ नई टकराव की आशंका बता रही। जून 2025 के 12 दिन के ईरान-इजरायल वॉर में IDF ने 40+ एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिए थे, US ने भी एयरस्ट्राइक्स किए थे। ईरान ने रिटेलिएट किया था लेकिन कमजोर पड़ा। अब नेटन्याहू की वॉशिंगटन विजिट के बाद टेंशन बढ़ी।
ट्रंप-Netanyahu-Rubio की चर्चा और US की पोजीशन
ट्रंप प्रशासन में हाई लेवल मीटिंग्स चल रही। 10 जनवरी को PM बेंजामिन नेटन्याहू और US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने फोन पर ईरान में US इंटरवेंशन की पॉसिबिलिटी डिस्कस की। US इंटेलिजेंस ऑफिशियल ने इसे ‘एंड्योरेंस गेम’ कहा। ट्रंप को मिलिट्री ऑप्शंस दिखाए गए हैं लेकिन फैसला बाकी। US मिलिट्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट में फोर्सेज फुल कॉम्बैट कैपेबिलिटी के साथ तैनात हैं, पार्टनर्स और इंटरेस्ट्स की रक्षा को तैयार।
ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अगर रिजीम डेमोंस्ट्रेटर्स पर हिंसा जारी रखी तो US ‘हार्ड हिट’ करेगा। ईरानी ऑफिशियल्स का मानना है कि ये थ्रेट्स ने प्रोटेस्ट्स कंट्रोल करने की उनकी कोशिशें जटिल कर दीं। खामेनेई को अंतिम फैसला लेना है, लेकिन हार्डलाइनर्स इंटरनेट ब्लैकआउट से क्रैकडाउन तेज कर सकते हैं। 100+ ऑफिसर्स की मौत की रिपोर्ट्स भी आईं।
ईरान की मिलिट्री तैयारी और पिछले वॉर का सबक
IRGC की एक्सरसाइज से साफ है कि तेहरान हाई अलर्ट पर। जून 2025 वॉर में इजरायल ने वेस्टर्न ईरान और तेहरान पर एयर सुपीरियॉरिटी हासिल की। IDF अब ‘एक्सेलरेशन प्रोग्राम’ चला रहा- आर्मर्ड व्हीकल्स अपग्रेड, अम्युनिशन खरीद। ईरान ने US-Israel को प्री-एम्प्टिव एक्शन की धमकी दी। संसद में ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे गूंजे।
ईरान की स्ट्रेटजी: हमला होने पर रीजनल टारगेट्स पर हिट। लेकिन एयर डिफेंस कमजोर होने से चिंता। सुप्रीम लीडर के 86 साल की उम्र में फैसला लेना मुश्किल।
प्रदर्शनकारियों की स्थिति और इंटरनेशनल रिएक्शन
स्टारलिंक से वीडियो दिखाते हैं लोग फायरवर्क्स से जवाब दे रहे। इंटरनेट रेस्ट्रिक्शन से मोनिटरिंग टफ। एक्टिविस्ट्स कहते हैं प्रोटेस्ट्स रिजीम चैलेंज बन चुके। US-Israel अलर्ट पर।
ईरान संकट टाइमलाइन
- 28 दिसंबर 2025: रियाल क्रैश, प्रोटेस्ट्स शुरू
- 4 जनवरी 2026: IRGC मिसाइल एक्सरसाइज
- 10 जनवरी: Netanyahu-Rubio कॉल
- 11 जनवरी: कलिबाफ की धमकी, मौतें 116
नुकसान का आंकड़ा
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| मौतें | 116 (सहित नाबालिग) |
| गिरफ्तार | 2600+ |
| ऑफिसर्स मारे गए | 100+ |
| शहर | तेहरान, मशहद आदि |
भारत के लिए क्या मतलब?
ईरान संकट से ऑयल प्राइस, खाड़ी में इंडियन वर्कर्स पर असर। भारत तटस्थ रहेगा लेकिन मॉनिटर करेगा।
भविष्य की संभावनाएं
- US स्ट्राइक: अगर ट्रंप फैसला लेता है
- ईरान प्री-एम्प्टिव: रीजनल वॉर
- प्रोटेस्ट्स स्प्रेड: रिजीम चेंज?
ईरान का ये संकट मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर सकता। ट्रंप की पॉलिसी और खामेनेई का रिएक्शन तय करेगा अगला कदम। दुनिया नजर रखे।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ईरान प्रदर्शन कब शुरू हुए?
28 दिसंबर 2025 को रियाल क्रैश से। अब तीसरे हफ्ते में, 116 मौतें। - ट्रंप ने क्या कहा ईरान पर?
‘Iran is looking at FREEDOM… USA stands ready to help!!!’ रिजीम को हिंसा न करने की चेतावनी। - ईरान ने अमेरिका-इजरायल को क्या धमकी दी?
हमला किया तो बेस, जहाज और इजरायल वैध टारगेट। प्री-एम्प्टिव एक्शन लेंगे। - IRGC ने क्या किया?
मिसाइल-एयर डिफेंस एक्सरसाइज तेहरान-शिराज में। इजरायल वॉर की तैयारी। - प्रोटेस्टर्स को क्या सजा मिल रही?
‘गॉड के दुश्मन’ करार, मौत की सजा। सहयोगियों को भी।
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