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अमित शाह बंगाल पहुँचे: TMC को घेरने का नया प्लान क्या है, जानिए कोर मीटिंग का राज़!

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Amit Shah Bengal visit 2026
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गृह मंत्री अमित शाह 30 जनवरी 2026 को 2 दिवसीय बंगाल दौरे पर पहुँचे। न्यू टाउन होटल में कोर कमिटी मीटिंग, बैरकपुर वर्कर्स रैली, बागडोगरा ऑर्गनाइजेशनल मीटिंग। घुसपैठ, मैत्रा–नमासुद्रा मुद्दे, TMC पर हमला, 2026 विधानसभा चुनाव रणनीति, BJP की तैयारी – पूरा विश्लेषण।

बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा फिर गरमाएगा? अमित शाह के दौरे से BJP की 2026 चुनावी रणनीति

अमित शाह बंगाल पहुँचे: 2 दिवसीय दौरे पर TMC को घेरने का मास्टर प्लान

बंगाल की राजनीति में जब भी अमित शाह का नाम आता है, तो हवा में उथल–पुथल मच जाती है। गृह मंत्री अमित शाह 30 जनवरी 2026 की रात कोलकाता पहुँचे, और उनके साथ ही BJP की 2026 विधानसभा चुनावी तैयारी की नई गति शुरू हो गई। न्यू टाउन के होटल में कोर कमिटी के साथ अनौपचारिक मीटिंग से लेकर बैरकपुर की वर्कर्स रैली और नॉर्थ बंगाल की ऑर्गनाइजेशनल मीटिंग तक – यह 2 दिवसीय दौरा BJP के लिए रणनीतिक मोड़ साबित हो सकता है।

शाह असम से देर रात करीब 9:45 बजे कोलकाता एयरपोर्ट लँड हुए। वहाँ सुवेंदु अधिकारी, स्टेट प्रेसिडेंट समिक भट्टाचार्य, यूनियन मिनिस्टर सुकांता मजूमदार ने जोरदार स्वागत किया।

यह उनका महीने में दूसरा दौरा है। दिसंबर 30–31 को भी वे आए थे। इस बार फोकस साफ़ – विधानसभा चुनावों से पहले बूथ लेवल संगठन को मज़बूत करना, घुसपैठ का मुद्दा गरमाना और TMC पर हमला बोलबाला। आइए इस दौरे के हर पहलू को समझें।

न्यू टाउन होटल में कोर कमिटी मीटिंग: क्या हुआ अंदर?

शाह के होटल पहुँचते ही अनौपचारिक कोर कमिटी मीटिंग शुरू हो गई। करीब एक घंटे चली यह बैठक में भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल, बिप्लब देव, समिक भट्टाचार्य, सुकांता मजूमदार, सुवेंदु अधिकारी जैसे बड़े नेता शामिल हुए।

मीटिंग में बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, कैंपेन के मुद्दे, जिला लेवल संगठन की ताकत और TMC के खिलाफ़ रणनीति पर बात हुई। BJP नेता ने बताया कि शाह ने सबकी राय सुनी और चुनावी तैयारी पर फोकस किया।

यह मीटिंग अनौपचारिक थी, लेकिन इसका मैसेज साफ़ – BJP हाई कमांड अब ज़मीनी लेवल पर उतर चुका है। दिसंबर दौरे में भी शाह ने इसी तरह ज़ोनल मीटिंग्स की थीं, जो 2021 के मुकाबले ज़्यादा रियलिस्टिक अप्रोच दिखा रही हैं।

2 दिवसीय दौरा प्रोग्राम: बैरकपुर से बागडोगरा तक

31 जनवरी का शेड्यूल पैक्ड था।

सुबह 11 बजे नॉर्थ 24 परगना के बैरकपुर के आनंदपुरी खेल मैदान पर वर्कर्स कॉन्फ्रेंस। यहाँ शाह ने BJP कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने TMC सरकार पर हमला बोला – मैत्रा और नमासुद्रा समुदायों को धमकी देने का आरोप लगाया। कहा कि SIR प्रक्रिया जारी रहेगी, भले ही राज्य सरकार विरोध करे। बॉर्डर फेंसिंग पर TMC की गैर–सहयोगिता पर भी निशाना साधा।​

बैरकपुर TMC का गढ़ रहा है, लेकिन BJP यहाँ 2024 लोकसभा में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है। शाह का यहाँ आना ज़मीनी मूड चेक करने और कार्यकर्ताओं को जोश भरने का काम करेगा।

दोपहर 2 बजे के करीब शाह बागडोगरा उड़ान भरेंगे। वहाँ AAI ग्राउंड पर नॉर्थ बंगाल BJP नेताओं के साथ क्लोज़्ड–डोर ऑर्गनाइजेशनल मीटिंग। सिलिगुरी में भी वर्कर्स मीटिंग की संभावना। शाम को दिल्ली रिटर्न।

यह दौरा BJP की स्ट्रेटेजी को रिफ्लेक्ट करता है – साउथ बंगाल के अर्बन और इंडस्ट्रियल एरिया पर फोकस, साथ ही नॉर्थ बंगाल के टी गार्डन, मैत्रा वोट बैंक को टारगेट।

घुसपैठ और डेमोग्राफिक चेंज: BJP का मेन इश्यू

शाह के दौरे के साथ ही BJP ने “The Silent Invasion” नाम का डॉक्यूमेंट्री रिलीज़ किया। यह घुसपैठ और बंगाल में “डेमोग्राफिक चेंज” की “गहरी साज़िश” पर फोकस करता है।

शाह दिसंबर दौरे में भी इसी मुद्दे पर लंबे भाषण दिए थे। बैरकपुर रैली में भी यही इश्यू उठा। BJP का दावा है कि TMC के राज में बॉर्डर पर घुसपैठ बढ़ी, फेंसिंग रुकी और मैत्रा–नमासुद्रा जैसे कम्युनिटीज़ डर में जी रहे हैं।

BJP का प्लान साफ़ – CAA, NRC, SIR को हाईलाइट करके बंगाल के हिंदू वोट बैंक को एकजुट करना। मैत्रा समुदाय, जो बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ़ है, BJP का बड़ा टारगेट है।

2026 बंगाल चुनाव की BJP रणनीति: क्या बदला?

2021 में BJP ने 77 सीटें जीतीं, लेकिन TMC ने 213 ले लीं। अब 2026 के लिए BJP ज़्यादा ऑर्गनाइजेशन–फोकस्ड अप्रोच ले रही है।

शाह ने दिसंबर में MPs, MLAs को निर्देश दिए थे – हफ्ते में 4 दिन कोंस्टीट्यूएंसी में रहें, रोज़ 5 स्ट्रीट मीटिंग्स। बूथ लेवल मोबिलाइज़ेशन, विस्तारक तैनाती।

इस बार शाह बड़े रैलियों के बजाय मीटिंग्स पर ज़ोर दे रहे हैं। नितिन गडकरी की तरह ज़ोनल मीटिंग्स। RSS कोऑर्डिनेशन भी बढ़ा।

चुनाव कम फेज़ में हो सकते हैं, EC की जनवरी 5 मीटिंग में फैसला। BJP 2/3 मेजॉरिटी का दावा कर रही है।

TMC का जवाब और चैलेंज

TMC ने शाह के दौरे को “फेलियर का डर” बताया। ममता बनर्जी ने कहा कि BJP घुसपैठ का मुद्दा सिर्फ़ हिंदू–मुस्लिम बाँटने के लिए उठाती है।

लेकिन BJP का फोकस TMC के “कॉरप्शन, गंडा राज” और बॉर्डर इश्यूज़ पर रहेगा। सुवेंदु अधिकारी जैसे नेता मैदान में।

BJP कार्यकर्ताओं के लिए मैसेज

शाह ने हमेशा कार्यकर्ताओं को मोटिवेट किया है। बैरकपुर में कहा – “डरो मत, SIR चलेगा, फेंसिंग होगी।” यह ज़मीनी लेवल पर BJP को ताकत देगा।

नॉर्थ बंगाल में टी गार्डन, राजबंशी वोटर्स पर फोकस।

क्या BJP TMC को हरा पाएगी?

2021 के बाद BJP ने लर्निंग की है। 2024 लोकसभा में 18 सीटें। अब ऑर्गनाइजेशन स्ट्रॉन्ग हो रही। लेकिन TMC का ममता फैक्टर, वेलफेयर स्कीम्स और मुस्लिम–OBC वोट बैंक चैलेंज।

शाह का दौरा BJP को जोश देगा, लेकिन असली टेस्ट बूथ मैनेजमेंट और वोट ट्रांसफर में।


FAQs

प्रश्न 1: अमित शाह का बंगाल दौरा कब और क्यों?
उत्तर: 30 जनवरी 2026 रात कोलकाता पहुँचे। 2 दिवसीय दौरा 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए। न्यू टाउन होटल कोर मीटिंग, 31 जनवरी सुबह 11 बजे बैरकपुर वर्कर्स रैली, दोपहर बागडोगरा ऑर्गनाइजेशनल मीटिंग।

प्रश्न 2: होटल मीटिंग में कौन–कौन शामिल हुए?
उत्तर: भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल, बिप्लब देव, समिक भट्टाचार्य, सुकांता मजूमदार, सुवेंदु अधिकारी। बंगाल राजनीति, कैंपेन मुद्दे, संगठन पर चर्चा। करीब 1 घंटे चली।

प्रश्न 3: बैरकपुर रैली में शाह ने क्या कहा?
उत्तर: TMC सरकार मैत्रा–नमासुद्रा को धमका रही। SIR प्रक्रिया जारी रहेगी। बॉर्डर फेंसिंग पर TMC गैर–सहयोगी। कार्यकर्ताओं से डरो मत कहा।​

प्रश्न 4: BJP का मेन इश्यू क्या है इस दौरे पर?
उत्तर: घुसपैठ और डेमोग्राफिक चेंज। “The Silent Invasion” डॉक्यूमेंट्री रिलीज़। मैत्रा समुदाय को CAA–NRC का फायदा दिलाना। TMC पर बॉर्डर सिक्योरिटी निगरानी का आरोप।

प्रश्न 5: 2026 चुनाव में BJP की रणनीति क्या बदली?
उत्तर: बड़े रैलियों के बजाय ऑर्गनाइजेशन मीटिंग्स। बूथ लेवल मोबिलाइज़ेशन, विस्तारक तैनाती। MPs–MLAs को हफ्ते में 4 दिन कोंस्टीट्यूएंसी में रहने का आदेश। 2/3 मेजॉरिटी का दावा।

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