बजट सेशन 2026 शुरू होने से पहले PM मोदी ने EU ट्रेड डील और रिफॉर्म्स पर बोला, कांग्रेस ने कहा पाखंडी संदेश। जयराम रमेश के आरोप, सरकार का जवाब, बजट हाइलाइट्स और इसका असर
EU फ्री ट्रेड डील पर PM का दावा: क्या ये भारत के युवाओं के लिए गेम चेंजर बनेगी या सिर्फ चुनावी जुमला?
बजट सेशन 2026: PM मोदी का बयान और कांग्रेस का तीखा प्रहार
दोस्तों, संसद का बजट सेशन शुरू होते ही हंगामा मच गया। 29 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्लियामेंट हाउस कॉम्प्लेक्स में मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण की तारीफ की और कहा कि ये 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास दिखाता है। लेकिन उसी वक्त कांग्रेस के जयराम रमेश ने ट्वीट कर पीएम पर हमला बोला – ‘पाखंड भरा देश के नाम संदेश’। ये विवाद क्यों भड़का? आइए समझते हैं पूरी बात को स्टेप बाय स्टेप।
PM मोदी ने क्या कहा बजट सेशन के मौके पर?
पीएम मोदी ने अपने बयान में साफ कहा कि देश लंबे समय से लटके मुद्दों से निकलकर अब स्थायी समाधानों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ को अपनी सरकार की पहचान बताया और कहा कि राष्ट्र अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेजी से दौड़ रहा है। खास तौर पर उन्होंने भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का जिक्र किया। बोले, ये महत्वाकांक्षी भारत के लिए है। मैन्युफैक्चरर्स को नए बाजारों का फायदा मिलेगा। युवाओं, किसानों और सर्विस सेक्टर को बड़े अवसर खुलेंगे।
मोदी जी ने ये भी जोर देकर कहा कि अब बाधा डालने का नहीं, समाधान निकालने का वक्त है। सरकार फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि वेलफेयर स्कीम्स का लास्ट-माइल डिलीवरी सुनिश्चित कर रही है। प्राथमिकता इंसान-केंद्रित विकास की है। भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बन गया है। ये बयान बजट सेशन के दूसरे दिन आया, जब राष्ट्रपति ने विकास भारत के विजन पर जोर दिया था।
कांग्रेस का जवाब: जयराम रमेश ने क्यों कहा ‘हिपोक्रिसी लैडन’?
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने तुरंत ट्वीट कर पलटवार किया। उन्होंने कहा, हर सेशन से पहले पीएम संसद को बैकड्रॉप बनाकर ‘देश के नाम संदेश’ देते हैं, जो पाखंड से भरा होता है। आज का परफॉर्मेंस भी इसी सीरीज का हिस्सा है। रमेश ने आरोप लगाया कि पीएम ऑल-पार्टी मीटिंग्स नहीं बुलाते, विपक्ष को भरोसे में नहीं लेते। बिल लास्ट मिनट में लाकर बिना स्क्रूटिनी संसद से पास करा देते हैं। संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देते, बल्कि दोनों सदनों में रैली स्पीच देते हैं।
रमेश का ट्वीट वायरल हो गया। उन्होंने लिखा, “He will not convene and chair all-party meetings… bulldozed through Parliament without scrutiny.” ये आरोप पुराने विवादों को ताजा कर दिया, जैसे हाल के VB-G RAM-G बिल पर हंगामा। कांग्रेस का कहना है कि सरकार डिसरप्शन रोकने की बात करती है, लेकिन खुद बिल्डोजर रणनीति अपनाती है।
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: क्या है ये डील और फायदे?
पीएम ने EU FTA को हाइलाइट किया, जो जनवरी 2026 में फाइनलाइज हुई। ये 20 साल की नेगोशिएशन्स का नतीजा है। EU के 27 देशों के साथ फ्री ट्रेड जोन बनेगा। टैरिफ कट्स: EU गुड्स पर 96.6% टैरिफ खत्म या कम। इंडस्ट्रीयल, एग्री प्रोडक्ट्स पर फोकस। सेवाओं में मोड-4 से इंडियन प्रोफेशनल्स को आसानी। सस्टेनेबिलिटी पर सहयोग, CBAM ब्रिज।
फायदे क्या होंगे?
- मैन्युफैक्चरिंग: क्वालिटी प्रोडक्ट्स से EU मार्केट में एंट्री, किसानों-मछुआरों को बूस्ट।
- सेवाएं: फाइनेंशियल, मैरीटाइम में एक्सेस।
- जीडीपी बूस्ट: अनुमानित 4 बिलियन डॉलर सेविंग्स EU साइड से।
- चाइना-प्लस-वन: सप्लाई चेन में भारत हब बनेगा।
लेकिन चुनौतियां भी: कार्बन बॉर्डर टैक्स, स्टैंडर्ड्स में मैचिंग। एक्सपर्ट्स कहते हैं, ये भारत के लिए गेम-चेंजर हो सकता है अगर इंप्लीमेंटेशन स्मूथ हो।
बजट सेशन 2026: बैकग्राउंड और अपेक्षाएं
ये बजट सेशन 2026-27 के लिए है। राष्ट्रपति मुर्मू ने अभिभाषण में विकास भारत@2047 पर फोकस किया। बजट हाइलाइट्स में रूरल प्रॉस्पेरिटी, MSME सपोर्ट, एम्प्लॉयमेंट-लेड ग्रोथ, एनर्जी सिक्योरिटी शामिल। पिछले बजट्स में टैक्स रिफॉर्म्स, FDI बढ़ाना, MRO प्रमोशन जैसे स्टेप्स लिए गए।
टेबल: बजट 2026 के प्रमुख फोकस एरिया
| क्षेत्र | मुख्य पहलकदमी | अपेक्षित प्रभाव |
|---|---|---|
| ग्रामीण विकास | एसेट मोनेटाइजेशन प्लान 10 लाख करोड़ | नई प्रोजेक्ट्स में इनवेस्टमेंट |
| MSME | SWAMIH फंड-2, 15,000 करोड़ | 1 लाख हाउसिंग यूनिट्स कंपलीट |
| एम्प्लॉयमेंट | MUDRA होमस्टेज लोन, स्किल प्रोग्राम्स | युवाओं को जॉब्स, टूरिज्म बूस्ट |
| मैन्युफैक्चरिंग | FDI इंश्योरेंस 100%, NaBFID PCE | इंफ्रा बॉन्ड्स, मेक इन इंडिया |
| एनर्जी | मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड 25,000 करोड़ | लॉन्ग-टर्म फाइनेंसिंग |
सोर्स: India Budget 2026 Key Features
संसदीय परंपराएं: ऑल-पार्टी मीटिंग्स का रोल
ऑल-पार्टी मीटिंग्स संसद स्मूथ रन करने के लिए जरूरी। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन्हें सीरियसली नहीं लेती। पिछले सेशन्स में बिल्डोजर विधेयक जैसे केस हुए। सरकार का पक्ष: रिफॉर्म्स जरूरी, डिले नहीं हो सकता। आंकड़े दिखाते हैं, NDA सरकार में 400+ बिल पास हुए, GDP ग्रोथ 7%+ रही।
पिछले विवादों की लिस्ट:
- VB-G RAM-G बिल: MGNREGA रिप्लेसमेंट पर हंगामा।
- क्रिमिनल जस्टिस कोड्स: लास्ट-मिनट इंट्रोडक्शन।
- फार्म लॉज: किसान आंदोलन।
- CAA-NRC: विपक्ष का बहिष्कार।
विपक्ष को लगता है, डिबेट कम हो रहा। लेकिन सरकार कहती है, सॉल्यूशंस पर फोकस।
विकास भारत का विजन: रिफॉर्म एक्सप्रेस क्या है?
पीएम का ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ 2047 के विकसित भारत का रोडमैप। इसमें शामिल:
- इकोनॉमिक रिफॉर्म्स: टैक्स कोड सिंपलिफाई (819 से 536 सेक्शन्स)।
- इंफ्रा: पावर सेक्टर रिफॉर्म्स, टूरिज्म पुश।
- इनक्लूसिव ग्रोथ: गरीब, किसान, युवा फोकस।
- ग्लोबल ट्रस्ट: EU जैसे डील्स से।
स्टैट्स: 2025-26 में FDI 74% से 100% इंश्योरेंस में। MUDRA लोन से लाखों बिजनेस स्टार्ट। ये ट्रेन रुकने ना पाए, यही अपील।
राजनीतिक प्रभाव: चुनावी साल में बजट सेशन
2026 लोकसभा चुनावों से पहले ये सेशन क्रूशियल। विपक्ष NDA पर हमलावर, महंगाई, बेरोजगारी उठा सकता। सरकार वेलफेयर, FTA से काउंटर। जयराम रमेश जैसे लीडर्स सोशल मीडिया पर एक्टिव। लेकिन पब्लिक ओपिनियन: सर्वे में 60% लोग रिफॉर्म्स सपोर्ट करते।
बजट का असर आम आदमी पर
बजट से टैक्स रिलीफ, सीनियर सिटीजन डिडक्शन 1 लाख। रेंट TDS 6 लाख तक। मिडल क्लास को फोकस। ग्रामीण में जीरो टिलेज, बायोटेक। ऑटो, टेक सेक्टर में एक्सपोर्ट बूस्ट। EU डील से जॉब्स क्रिएट होंगी।
विपक्ष vs सरकार: बहस के मुख्य पॉइंट्स
- ऑल-पार्टी मीटिंग्स: विपक्ष चाहता सहमति, सरकार कहती रिफॉर्म प्रायोरिटी।
- बिल पासिंग: स्क्रूटिनी vs स्पीड।
- परफॉर्मेंस: विपक्ष रैली स्पीच कहता, सरकार सॉल्यूशंस।
- EU FTA: अवसर vs चैलेंजेस जैसे CBAM।
एक्सपर्ट व्यू: पूर्व CAG विनोद राय कहते, रिफॉर्म्स जरूरी लेकिन ट्रांसपेरेंसी भी।
निष्कर्ष रूप में: संसद में डिबेट जरूरी
दोस्तों, ये विवाद लोकतंत्र की खूबसूरती है। PM का विजन बड़ा है – विकसित भारत। लेकिन विपक्ष की आवाज भी सुनी जानी चाहिए। उम्मीद है सेशन में कंस्ट्रक्टिव डिस्कशन होंगे। बजट 1 फरवरी को पेश होगा, तब और क्लैरिटी मिलेगी। आप क्या सोचते? कमेंट्स में बताएं।
5 FAQs
- सवाल: PM मोदी ने बजट सेशन में EU FTA का जिक्र क्यों किया?
जवाब: उन्होंने कहा ये युवाओं, किसानों और मैन्युफैक्चरर्स के लिए नए बाजार खोलेगा। टैरिफ कट्स से एक्सपोर्ट बूस्ट होगा। - सवाल: जयराम रमेश ने PM पर क्या आरोप लगाए?
जवाब: ऑल-पार्टी मीटिंग्स ना बुलाना, बिल बुलडोजर से पास करना, संसद में रैली स्पीच देना। इन्हें ‘हिपोक्रिसी’ कहा। - सवाल: बजट 2026 के मुख्य फोकस क्या हैं?
जवाब: रूरल प्रॉस्पेरिटी, MSME, एम्प्लॉयमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन। टैक्स रिफॉर्म्स भी। - सवाल: भारत-EU FTA से कितना फायदा होगा?
जवाब: 96% टैरिफ कट, सेवाओं में मोबिलिटी, GDP बूस्ट। लेकिन सस्टेनेबिलिटी चैलेंज। 1 साल में इंप्लीमेंट। - सवाल: रिफॉर्म एक्सप्रेस क्या है?
जवाब: PM का विजन – रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म से विकसित भारत 2047 तक। लास्ट-माइल डिलीवरी पर फोकस।
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