जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा भारत का सबसे ग्रीन हवाई अड्डा। नेट-जीरो कॉन्सेप्ट, 83 एकड़ सोलर फार्म, 100% EV ऑपरेशंस, IGBC सर्टिफिकेशन। योगी विजन से जनवरी 2026 लॉन्च।
भारत का पहला IGBC सर्टिफाइड एयरपोर्ट: जेवर में नेट-जीरो कॉन्सेप्ट, रोजगार और कनेक्टिविटी का धमाल
जेवर एयरपोर्ट: योगी सरकार का नेट-जीरो सपना, देश का सबसे पर्यावरण अनुकूल हवाई अड्डा बनने को तैयार
उत्तर प्रदेश का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) न सिर्फ उत्तरी भारत का बड़ा एविएशन हब बनेगा बल्कि पर्यावरण के मामले में भी नई मिसाल कायम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर विजन के तहत ये एयरपोर्ट नेट-जीरो कॉन्सेप्ट पर बन रहा है। स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख एयरपोर्ट ग्रुप के सहयोग से विकसित ये प्रोजेक्ट भारत का पहला IGBC ग्रीन कैंपस सर्टिफाइड एयरपोर्ट बन चुका है। टर्मिनल बिल्डिंग को एनर्जी, वॉटर और वेस्ट कम करने के लिए खास डिजाइन किया गया है। नैचुरल लाइटिंग, एनर्जी एफिशिएंट सिस्टम्स और स्मार्ट मैनेजमेंट से कार्बन फुटप्रिंट कम होगा।
जेवर एयरपोर्ट के ग्रीन फीचर्स की बात करें तो पार्किंग एरिया का 20 प्रतिशत इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन्स से लैस होगा। एयरसाइड ऑपरेशंस के सारे वाहन 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक होंगे। कैंपस भर में चार्जिंग पॉइंट्स लगेंगे। सबसे बड़ा हाईलाइट 82.94 एकड़ में फैला सोलर फार्म है, जो 51,966 मेगावाट-घंटे क्लीन एनर्जी पैदा करेगा। ये एयरपोर्ट की बिजली जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करेगा। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के एडिशनल CEO शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि वॉटर मैनेजमेंट के लिए दो रेनवॉटर हार्वेस्टिंग पॉन्ड्स बन रहे हैं। RNG प्लांट से एयरपोर्ट वाहनों, DG सेट्स को ग्रीन फ्यूल मिलेगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम से कचरा अलग, रिसाइकल और वैज्ञानिक तरीके से ट्रीट होगा।
पर्यावरण निगरानी प्लान सख्त। हर महीने एयर क्वालिटी, वॉटर, सॉइल, सीवेज और वेस्ट चेक होगा। जेवर नोएडा का ये प्रोजेक्ट जनवरी 2026 में उद्घाटन के लिए तैयार है। ये पश्चिमी यूपी को कनेक्टिविटी, इनवेस्टमेंट और जॉब्स का नया दौर लाएगा। PPP मॉडल पर यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) और NIAL मिलकर 30+ कंपनियों जैसे टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल, बर्ड ग्रुप के साथ बना रहे हैं। 5,000+ जॉब्स सरकारी बेनिफिट्स के साथ।
जेवर एयरपोर्ट के प्रमुख ग्रीन फीचर्स
ये एयरपोर्ट पूरी तरह डिजिटल होगा। सेल्फ बैग ड्रॉप, सेल्फ बोर्डिंग गेट्स, सभी एंट्री पर बायोमेट्रिक डिजी यात्री। वेटिंग टाइम कम, स्मार्ट साइनेज से आसान नेविगेशन। भाटिया ने कहा, ‘ये एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का नया चैप्टर खुलेगा। पश्चिमी यूपी की ग्रोथ पावर करेगा।’ YEIDA CEO राकेश सिंह ने बताया कि लैंड देने वाले परिवारों के लिए सीएम योगी के निर्देश पर स्पेशल स्कीम्स चल रही हैं।
जेवर का आर्थिक प्रभाव
- हजारों डायरेक्ट जॉब्स
- यमुना कॉरिडोर में डेवलपमेंट
- लॉजिस्टिक्स हब
- पर्यटन+इंडस्ट्री बूस्ट
5,000+ कंस्ट्रक्शन जॉब्स में मिनिमम वेज, PF, ESI, ग्रेच्युटी।
योगी का ग्रीन विजन
उत्तर प्रदेश क्लाइमेट रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस। जेवर के अलावा गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी ग्रीन। सोलर पावर, EV पॉलिसी से नेट-जीरो लक्ष्य। ज्यूरिख एयरपोर्ट का एक्सपीरियंस ले रहे।
अन्य भारतीय एयरपोर्ट्स से तुलना
| एयरपोर्ट | सोलर कैपेसिटी | EV इंफ्रा | सर्टिफिकेशन | नेट-जीरो |
|---|---|---|---|---|
| जेवर (NIA) | 51,966 MWh | 20% पार्किंग | IGBC (पहला) | हां |
| दिल्ली IGI | सीमित | कुछ स्टेशन्स | LEED | प्रस्तावित |
| बेंगलुरु | 11 MW | न्यूनतम | GRIHA | नहीं |
| हैदराबाद | 10 MW | प्रारंभिक | – | नहीं |
लॉन्च अपडेट्स
- फेज 1: 2026 जनवरी
- 4 रनवे, 1.3 लाख पैसेंजर्स/दिन
- 200+ घरेलू+25 इंटरनेशनल फ्लाइट्स
- मेट्रो कनेक्टिविटी
पर्यावरणीय लाभ
स्थानीय प्रभावित परिवारों के लिए
कंस्ट्रक्शन प्रोग्रेस
रनवे, टर्मिनल तेजी से बन रहे। टाटा प्रोजेक्ट्स लीड। 2025 के अंत तक फर्स्ट फ्लाइट टेस्ट।
चुनौतियां और समाधान
जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी यूपी को दिल्ली का वैकल्पिक गेटवे बनाएगा। ग्रीन टेक्नोलॉजी से ग्लोबल स्टैंडर्ड सेट करेगा। योगी का विजन साकार। पर्यटक, बिजनेसमैन सब आकर्षित होंगे।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
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