रांची । होली के पावन अवसर पर चुटिया गढ़ से निकलने वाली फगडोल जतरा सदियों पुरानी ऐतिहासिक परंपरा है। इस दिन राधा-कृष्ण की पावन पालकी ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्ति के जयकारों के साथ पूरे नगर में निकाली जाती है।
पूरा नगर अबीर-गुलाल के रंगों से रंग जाता है। सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है और लोग अपने-अपने घरों की छतों से इस भव्य दृश्य को देखते हैं।
इसे देखकर ऐसा लगता है,मानो हम ब्रज की गलियों में पहुंच गए हों। जगह-जगह भक्त राधा-कृष्ण की टोली बनाकर नाचते-गाते चलते हैं, और पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर जाता है।
राधा-कृष्ण की पालकी के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। आस्था, रंग और परंपरा से भरी यह जतरा हर साल नगर को भक्ति और आनंद के रंग में रंग देती है।
इस अद्भुत और ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा बनें और सभी कोई भक्ति में लीन हो जाएं।
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