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CPI(M) नेता की बेरहमी से हत्या: थलस्सेरी कोर्ट ने 7 RSS कार्यकर्ताओं को लाइफ सेंटेंस, 4 बरी

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केरल के थलस्सेरी एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 2008 में CPI(M) नेता के. लतीश की हत्या के मामले में 7 RSS-BJP कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर ₹1.4 लाख जुर्माना, 35 साल RI समेत। 4 बरी, 1 मुकदमे के दौरान मरा।

बम–तलवार से हमला: 2008 थलयाई हत्याकांड में 7 को उम्रकैद, केरल राजनीतिक रंजिश का कोर्ट वर्डिक्ट

केरल के कन्नूर थलस्सेरी कोर्ट ने 17 साल पुराने हत्याकांड में 7 RSS-BJP कार्यकर्ताओं को उम्रकैद

केरल के कन्नूर जिले के थलस्सेरी एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने 8 जनवरी 2026 को 2008 के CPI(M) नेता के. लतीश हत्याकांड में 7 RSS-BJP कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जज विमल जे ने दोष साबित होने के बाद दोषियों को IPC की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) समेत कई धाराओं में 35 साल कठोर कारावास और प्रति व्यक्ति ₹1.4 लाख जुर्माना लगाया।​

कोर्ट ने दोषियों को सुनवाई के बाद दोपहर में सजा सुनाई। 4 आरोपी बरी हो गए, जबकि आठवें आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी थी।​

लतीश हत्याकांड: घटना का पूरा विवरण

31 दिसंबर 2008 को शाम करीब 5:30 बजे थलस्सेरी के थलयाई (Thalayi) के चकयातुमुक्कू बीच (Chakyathumukku beach) पर CPI(M) के स्थानीय नेता, CITU मछुआरों यूनियन लीडर और थिरुवंगड़ लोकल कमिटी सदस्य के. लतीश (28 वर्ष) पर बेरहमी से हमला हुआ। हमलावरों ने पहले बम फेंक दहशत फैलाई, फिर तलवारों और कुल्हाड़ियों से लतीश को काट डाला। लतीश भागने की कोशिश में एक दोस्त के घर पहुंचे, लेकिन वहां भी पीछा कर घेर लिया गया। बीच पर गिरने के बाद भी हमलावरों ने चाकू और हथियारों से वार जारी रखे।​

लतीश के दोस्त को भी हमले में चोटें आईं। हमलावरों ने जाते समय बम फेंके। पुलिस ने लतीश के भाई के. संतोष की शिकायत पर केस दर्ज किया।​

दोषी साबित आरोपी: नाम और सजा

अदालत ने इन 7 को दोषी ठहराया:
– पी. सुमिथ उर्फ कुट्टन
– के.के. प्रजेश बाबू
– बी. निधिन
– के. सनल
– स्मिजोश (या रिजोश)
– सजीश
– वी. जयेश

इन पर IPC 147 (दंगा), 341 (गलत बंधन), 506 (आपराधिक धमकी), 120B (षड्यंत्र), 302 (हत्या), 307 (हत्या प्रयास) और एक्सप्लोसिव सब्सटांस एक्ट की धारा 3, 5 लगीं। सजा समवर्ती (concurrently) चलेगी।​

बरी हुए: संतोष कुमार, बी. सरथ, ई.के. सनीश, कुन्नुम्प्रथ अजेश।​

मुकदमे का सफर: 30 गवाह, 17 साल

मुकदमा जनवरी 2020 में शुरू हुआ। अभियोजन पक्ष ने 30 गवाहों, 90 दस्तावेजों और 27 भौतिक साक्ष्यों के आधार पर केस पेश किया। हमलावरों ने बम, तलवार, कुल्हाड़ी इस्तेमाल की, जो साबित हो गया।​

कन्नूर राजनीतिक हिंसा का इतिहास: RSS vs CPI(M)

कन्नूर को केरल का राजनीतिक हिंसा का केंद्र माना जाता है। 1995 से अब तक 96 हत्याओं में 42 BJP-RSS से जुड़े और 40 CPI(M) से। 2006 से अब तक 80 में से 41 कन्नूर में।​

– RSS कार्यकर्ताओं को भी निशाना: कई मामलों में CPI(M) पर आरोप।
– कन्नूर CM पिनरायी विजयन का गढ़।
– दोनों पक्ष गरीब युवाओं को “हायर गन्स” बनाते, परिवार–जाति नेटवर्क इस्तेमाल।​

CPI(M) ने वर्डिक्ट को “न्याय का विजय” बताया। BJP ने कहा जांच पक्षपाती।

विवरणआंकड़े
कुल आरोपी12
दोषी7 (उम्रकैद + 35 साल RI + ₹1.4L जुर्माना)
बरी4
मुकदमे में मृत1
गवाह30

राजनीतिक हिंसा पर कोर्ट का संदेश

फैसला केरल के उत्तर में राजनीतिक रंजिश को रोकने का मजबूत संदेश। पुलिस: दोनों पक्ष हथियार स्टॉक करते।

5 FAQs

  1. लतीश हत्याकांड कब और कैसे हुआ?
    31 दिसंबर 2008 को थलस्सेरी के थलयाई बीच पर बम–तलवार–कुल्हाड़ी से CPI(M) नेता लतीश (28) को मार डाला, दोस्त घायल।​
  2. कोर्ट ने 7 को दोषी क्यों ठहराया?
    IPC 302, 307 समेत धाराओं में साबित: बम फेंक दहशत फैलाई, पीछा कर काटा। 30 गवाह, 90 दस्तावेज।​
  3. सजा क्या है?
    उम्रकैद, 35 साल RI (समवर्ती), ₹1.4 लाख जुर्माना प्रत्येक।​
  4. कन्नूर में राजनीतिक हिंसा का बैकग्राउंड?
    1995 से 96 हत्याएं, 42 RSS-BJP, 40 CPI(M)। 2006 से 80 में 41 कन्नूर।​
  5. अन्य आरोपी?
    4 बरी, 1 मुकदमे में मरा।​

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