PM मोदी 23 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में BJP के विधानसभा चुनाव अभियान का आगाज करेंगे। रोडशो, विकास ब्लूप्रिंट और नई ट्रेनों का उद्घाटन। CPI(M) के 45 साल के किले को तोड़ने के बाद BJP का दबदबा बढ़ा। पूरी डिटेल्स जानें।
तिरुवनंतपुरम में मोदी का रोडशो: BJP ने तोड़ा CPI(M) का 45 साल पुराना किला, अब विधानसभा पर निशाना!
केरल चुनाव 2026: PM मोदी का तिरुवनंतपुरम रोडशो से BJP का अभियान शुरू, सियासत में नया मोड़
केरल की राजनीति में इन दिनों एक नया उछाल दिख रहा है। भाजपा, जो कभी इस राज्य में संघर्ष करती नजर आती थी, अब तेजी से जमीन बना रही है। 23 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तिरुवनंतपुरम में रोडशो करेंगे और विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पार्टी का अभियान औपचारिक रूप से शुरू होगा। ये वही तिरुवनंतपुरम है जहां हाल ही में भाजपा ने सीपीआई(एम) के 45 साल पुराने कब्जे को तोड़ दिया। पहली बार भाजपा को यहां मेयर मिला। ये जीत पार्टी को इतना भरोसा दे गई कि वादा निभाने के 27वें ही दिन पीएम आ रहे हैं।
रोडशो के बाद 25,000 कार्यकर्ताओं की सभा होगी। वहां पीएम ‘विकसित तिरुवनंतपुरम’ का ब्लूप्रिंट जारी करेंगे। ये वही प्लान है जो लोकल बॉडी चुनाव में वादा किया गया था। फिर रेलवे का कार्यक्रम, जहां नई ट्रेन सेवाओं का उद्घाटन होगा। ये ट्रेनें केरल से जुड़ी होंगी। इसके बाद भाजपा का अलग राजनीतिक कार्यक्रम। ये सब मिलाकर केरल चुनावी माहौल गरम हो जाएगा। भाजपा महासचिव एस सुरेश ने कहा, हमने 45 दिनों में पीएम लाने का वादा किया था, 27वें दिन पूरा कर दिया।
भाजपा का केरल में सफर आसान नहीं रहा। 2014 लोकसभा में 11 फीसदी वोट, 2019 में 16, 2024 में 20 प्रतिशत से ऊपर। 2021 विधानसभा में एनडीए को 12 फीसदी वोट मिले। तिरुवनंतपुरम, पठानमथिट्टा और मध्य केरल में दूसरे नंबर पर रही। लोकल बॉडी चुनाव में दो नगरपालिकाएं, 30 ग्राम पंचायतें जीतीं। दर्जनों जगहों पर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। ये सब दिखाता है कि भाजपा का आधार बढ़ रहा है। केरल भाजपा के लिए इलेक्टोरल और वैचारिक फ्रंटियर है। यहां जीत का मतलब पूरे भारत में फैलाव।
पिछले महीने अमित शाह तिरुवनंतपुरम आए। उन्होंने नए चुने सदस्यों को संबोधित किया। तीन सूत्री एजेंडा दिया- विश्वास (विश्वास), सुरक्षित (सुरक्षा) और विकसित (विकास) केरलम। भाजपा ने सबरिमाला मंदिर से सोने की चोरी पर सीबीआई जांच की मांग की। सीपीआई(एम) और कांग्रेस पर धार्मिक संस्थाओं की रक्षा न करने का आरोप लगाया। दोनों पार्टियां जमात-ए-इस्लामी और एसडीपीआई से गठजोड़ का इल्जाम झेल रही हैं। दोनों ने इनकार किया। मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ता सीपीआई(एम) नेता कडाकमपल्ली सुरेंद्रन के घर मार्च निकाले।
केरल की सियासत हमेशा से त्रिकोणीय रही। वाम मोर्चा और यूपीए बारी-बारी सरकार बनाते रहे। भाजपा अब तीसरा खंभा बनने को बेताब। तिरुवनंतपुरम की जीत ने हौसला दिया। पीएम मोदी ने कोलकाता रैली में इसका जिक्र किया। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नाबिन को बधाई देते हुए फिर कहा, केरल वाले भाजपा को मौका देंगे। विनोद तावड़े को केरल प्रभारी बनाया गया। अमित शाह ने पहले ही अभियान शुरू कर दिया।
भाजपा की रणनीति साफ है। विकास, सुरक्षा और विश्वास पर फोकस। केरल जैसे हाई लिटरेसी राज्य में ये मुद्दे चलेंगे। सबरिमाला जैसे धार्मिक मुद्दे हिंदू वोटरों को जोड़ेंगे। वाम और कांग्रेस पर उपेक्षा की राजनीति का आरोप। लोकल बॉडी जीत से ग्रासरूट लेवल मजबूत। 140 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा का टारगेट सिंगल डिजिट से ऊपर। तिरुवनंतपुरम तीन विधानसभा क्षेत्रों का हब है। यहां मजबूत पकड़ जरूरी।
केरल चुनाव 2026 अप्रैल में संभावित। भाजपा को उम्मीद कि वोट शेयर 20 प्रतिशत पार करेगा। पिछले ट्रेंड से साफ है ग्रोथ। 2016 में 10 सीटों पर लड़ा, 2021 में ज्यादा। इस बार एनडीए मजबूत। पीएम का रोडशो माहौल बनाएगा। सड़कों पर समर्थक, झंडे, नारे। ट्रिवेंद्रम की गलियां गूंजेंगी। विकास प्लान में इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, पर्यटन पर फोकस होगा।
भाजपा नेताओं का दावा है कि केरल बदल रहा। युवा विकास चाहते। वाम की थकान। कांग्रेस कमजोर। सबरिमाला विवाद ने भाजपा को फायदा दिया। सोना चोरी कांड ने गुस्सा भड़काया। देवास्वोम मंत्री रहे सुरेंद्रन पर सवाल। भाजपा की मार्च ने मुद्दा गरमाया। ये सब चुनावी कैम्पेन का हिस्सा।
अब आंकड़ों पर नजर डालें। भाजपा की प्रगति साफ दिखती है।
भाजपा का केरल में वोट शेयर सफर
| चुनाव वर्ष | लोकसभा वोट % | विधानसभा वोट % | प्रमुख जीत |
|---|---|---|---|
| 2014 | 11% | – | कोई नहीं |
| 2016 | – | 10.5% | दूसरा स्थान कई जगह |
| 2019 | 16% | – | तिरुवनंतपुरम मजबूत |
| 2021 | – | 12% | 2 नगरपालिकाएं |
| 2024 | 20%+ | – | लोकल बॉडी ब्रेकथ्रू |
| 2026 (अनुमान) | 22-25% | 15%+ | मेयर जीत |
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- पीएम मोदी का केरल विजिट कब है?
23 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में रोडशो। अभियान लॉन्च, विकास प्लान और ट्रेन उद्घाटन। - भाजपा ने तिरुवनंतपुरम क्यों जीता?
सीपीआई(एम) के 45 साल के राज को तोड़ा। वोट शेयर बढ़ा, विकास वादे। पहला मेयर। - भाजपा का केरल चुनावी एजेंडा क्या?
विश्वास, सुरक्षा, विकास। सबरिमाला सोना चोरी पर सीबीआई, उपेक्षा खत्म। - केरल में भाजपा का वोट शेयर कितना?
2014 से 2024 तक 11 से 20%+। 2026 में 22-25% अनुमान। - चुनाव कब होंगे?
अप्रैल 2026 में 140 सीटों पर। भाजपा एनडीए मजबूत कर रही।
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