कर्नाटक के बिडर में चाइनीज मांझा ने 48 वर्षीय बाइक सवार संजीव कुमार का गला काट दिया। मकर संक्रांति के लिए बेटी लेने जा रहे थे, आखिरी कॉल के बाद खून बहते-बहते दम तोड़ दिया। वीडियो वायरल।
मकर संक्रांति का खौफनाक हादसा: गले में फंस गया पतंग की डोर, 48 साल के पिता की सांसें थम गईं
पतंग की डोर ने ली बाइक सवार की जान: बेटी को कॉल कर तड़पते हुए सांसें थम गईं
मकर संक्रांति का उत्सव आते ही खुशियां बिखरने वाली होनी चाहिए, लेकिन कर्नाटक के बिडर जिले में एक ऐसा हादसा हो गया जिसने सबके रोंगटे खड़े कर दिए। 48 साल के संजीव कुमार होसमानि अपनी बेटी को हॉस्टल से लेकर घर लौट रहे थे। नेशनल हाईवे पर तalamadagi गांव के पास उनकी बाइक पर चाइनीज मांझा की डोर फंस गई। वो गले में अटक गई और गहरा कट लग गया। खून की धार बहने लगी, बाइक लुढ़क गई और संजीव सड़क पर गिर पड़े। आखिरी पलों में उन्होंने फोन निकाला और बेटी को कॉल लगाई। लेकिन मदद न पहुंचने पर उनकी सांसें थम गईं।
ये घटना 14 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 11 बजे हुई। संजीव बंबुलगी गांव के रहने वाले थे और लॉरी क्लीनर का काम करते थे। संक्रांति की छुट्टी में बच्चे लाने जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, सड़क पर लटका ग्लास-कोटेड मांझा उनके गले में लिपट गया। इतना गहरा घाव हुआ कि मौके पर ही मौत हो गई। बिडर एसपी प्रदीप गुन्टी ने बताया कि मामला माननेकहल्ली थाने में दर्ज हो गया है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। लेकिन सवाल ये है कि बैन वाले चाइनीज मांझा पर पाबंदी क्यों नहीं लग पा रही?
वीडियो वायरल हो गया जिसमें संजीव खून में लथपथ लेटे कॉल करने की कोशिश कर रहे हैं। आसपास लोग खड़े हैं लेकिन कोई अस्पताल नहीं ले जाता। एक राहगीर ने कपड़ा दबाकर खून रोका लेकिन एम्बुलेंस लेट पहुंची। परिवार ने हंगामा काटा। रिश्तेदारों ने कहा कि तुरंत मदद मिली होती तो जान बच सकती थी। स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध किया। उन्होंने चाइनीज डोर पर सख्ती और एम्बुलेंस सुधार की मांग की।
चाइनीज मांझा की समस्या नई नहीं। ये नायलॉन डोर पर चमकदार पाउडर लगाकर कटिंग के लिए बनाई जाती है। तेज चलती बाइक पर ये चाकू की तरह काम करती है। बिडर में संक्रांति से पहले ही बैन था लेकिन लोग चुपके से उड़ा रहे थे। डोर सड़क पर लटक गई और हादसा हो गया। विशेषज्ञ कहते हैं कि ये 50 किलो तक का प्रेशर झेल सकती है। गर्दन पर लगे तो धमनियां कट जाती हैं।
पिछले सालों के आंकड़े डराने वाले। 2025 में इंदौर में 45 साल के रघुवीर धाकड़ की वही हालत हुई। जुलाई 2025 में दिल्ली के यश गोस्वामी (22) स्कूटर चला रहे थे, मांझा गले में फंस गया। गुजरात, यूपी, बिहार में दर्जनों केस। एनएचएआई के मुताबिक, फेस्टिवल सीजन में 20% रोड एक्सीडेंट्स काइट स्ट्रिंग से। बच्चे, महिलाएं, बाइकर्स सबसे ज्यादा खतरे में।
मांझा हादसों के आंकड़े
| साल | राज्य | मौतें | उम्र ग्रुप |
|---|---|---|---|
| 2026 | कर्नाटक (बिडर) | 1 | 48 |
| 2025 | मध्य प्रदेश (इंदौर) | 1 | 45 |
| 2025 | दिल्ली | 1 | 22 |
| 2024 | गुजरात | 3 | 15-50 |
| 2023 | यूपी | 5 | विविध |
कैसे बचें चाइनीज मांझा से?
- बाइक पर फुल कवर हेलमेट पहनें, स्कार्फ गले में लपेटें।
- हाईवे पर स्पीड कम रखें, खासकर फेस्टिवल टाइम।
- पतंगबाजी छतों तक सीमित रखें, सड़क पर डोर न लटकाएं।
- बच्चों को नायलॉन डोर न दें, कॉटन इस्तेमाल करें।
- लोकल पुलिस को शिकायत करें बैन तोड़ने वालों की।
सरकार क्या कर रही? केंद्र ने 2022 में चाइनीज मांझा बैन किया। कस्टम्स चेक सख्त। लेकिन लोकल मार्केट में चोरी-छिपे बिकता है। कर्नाटक में संक्रांति पर स्पेशल ड्राइव। बिडर एसपी ने चेतावनी दी कि दोषी पाए गए तो सख्त कार्रवाई। एनजीटी ने कई शहरों में उड़ान पर रोक लगाई। फिर भी जागरूकता कम।
परिवार का दर्द
संजीव दो बच्चों के पिता थे। बेटी को सरप्राइज देने जा रहे थे। वो कॉल में बस इतना कह पाए, ‘बेटा पापा आ रहा हूं…’ परिवार फूट-फूटकर रो रहा। भाई बोले, भैया मजदूर थे, परिवार चलाते थे। ये हादसा ने सब छीन लिया। विरोध में सैकड़ों जमा। एम्बुलेंस 20 मिनट लेट आई।
संकृति का महत्व और खतरा
पतंग उड़ाना परंपरा है। मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण होता है। पतंग उड़ाकर बुराई भगाते। लेकिन मॉडर्न मांझा ने त्योहार को खतरनाक बना दिया। आयुर्वेद में भी कहा गया है सावधानी ही सुरक्षा। कॉटन डोर, सुरक्षित जगह।
कानूनी कदम
- IPC 304A: लापरवाही से मौत पर 2 साल जेल।
- मोटर व्हीकल एक्ट: रोड सेफ्टी वायलेशन।
- एनजीटी फाइन: 50 हजार तक।
पुलिस जांच में डोर कहां से आई, पता लगेगा।
सुरक्षा टिप्स बाइकर्स के लिए
- नेक गार्ड वाली जैकेट पहनें।
- ग्रुप में चलें, एक-दूसरे को अलर्ट करें।
- फेस्टिवल पर हाईवे अवॉइड करें।
- फर्स्ट एड किट रखें, खून रोकने के लिए।
ये हादसा चेतावनी है। संक्रांति की खुशियां मौत में न बदलें। जागरूक बनें, दूसरों को बताएं। संजीव की मौत व्यर्थ न जाए। सुरक्षित पतंग उड़ाएं, जीवन बचाएं।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- चाइनीज मांझा क्या है और क्यों खतरनाक?
नायलॉन डोर पर ग्लास पाउडर। तेज धारदार, गर्दन काट सकती। बैन है लेकिन बिकता है। - बिडर हादसे में क्या हुआ?
संजीव कुमार का गला मांझा में फंस गया। खून बहा, बेटी को कॉल की, मौत हो गई। - मांझा बैन क्यों नहीं लग पाता?
लोकल मार्केट, कम जागरूकता। सजा कम, बिक्री जारी। - कैसे बचें ऐसे हादसों से?
फुल कवर हेलमेट, स्कार्फ, कम स्पीड। डोर देखते ही रुकें। - कितने केस होते हैं सालाना?
दर्जनों, संक्रांति पर पीक। 2025 में 10+ मौतें।
Leave a comment