कोलकाता आनंदापुर में 26 जनवरी को गोदामों में भयानक आग लगी, 25 मौतें। वाउ मोमो गोदाम प्रभावित, मजदूर सोते हुए फंस गए। PM मोदी ने 2 लाख एक्सग्रेशिया, जांच जारी। सेफ्टी लापरवाही का पूरा खुलासा।
वाउ मोमो गोदाम में आग क्यों लगी? PM मोदी ने 2 लाख दिए, लेकिन ममता सरकार फेल क्यों?
कोलकाता आनंदापुर गोदाम अग्निकांड: 25 जिंदगियां जल गईं, मजदूरों का दर्द
कोलकाता के आनंदापुर इलाके में 26 जनवरी 2026 की सुबह 3 बजे एक भयानक हादसा हो गया। दो पास-पास गोदामों में आग लग गई। एक पुष्पांजलि डेकोरेटर्स का था, दूसरा वाउ मोमो का। मजदूर रात भर गोदाम में ही सो रहे थे। आग इतनी तेज फैली कि ज्यादातर फंस गए। अब तक 25 मौतें हो चुकी हैं। कई अभी भी मिसिंग हैं। DNA सैंपल लेकर शिनाख्त हो रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे ‘बहुत दुखद’ बताया। पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिवार को 2 लाख, घायलों को 50 हजार दिए। वाउ मोमो ने 10 लाख + लाइफटाइम सैलरी का ऐलान किया। लेकिन सवाल ये कि इतना बड़ा हादसा क्यों? सेफ्टी कहां थी? आइए हर कोने से देखें ये त्रासदी।
हादसे की पूरी टाइमलाइन: कैसे फैली आग?
सुबह 3 बजे नजीराबाद इलाके में पुष्पांजलि डेकोरेटर्स गोदाम में आग लगी। वजह शक cooking stove। आसपास फूल, पैकेजिंग मटेरियल भरा था – हाईली इन्फ्लेमेबल। 7-10 घंटे 12 फायर टेंडर लगे। आग बुझी तो मलबा साफ करने का काम शुरू।
आग पड़ोस के वाउ मोमो गोदाम में पहुंच गई। वहां पैकेजिंग, बेवरेजेस स्टोर थे। 37 मजदूर थे, सिर्फ 3 भागे। बाकी जिंदा जल गए। मौतें धीरे-धीरे बढ़ीं – पहले 8, फिर 11, 21, अब 25। 27-28 मिसिंग। DNA मैपिंग से 16 सैंपल लिए।
मजदूरों की कहानी: गरीबी ने ली जान
ज्यादातर मजदूर बंगाल के पड़ोसी जिलों से। नाइट शिफ्ट के बाद गोदाम में ही सोते। सस्ता रहना पड़ता था। आग लगी तो दरवाजे लॉक, एग्जिट ब्लॉक। चीखें सुनाई दीं, लेकिन बच न सके। परिवार मिसिंग रिपोर्ट भर रहे। एक रिश्तेदार बोला, “फोन आया फंस गए, फिर साइलेंस।”
वाउ मोमो ने कहा, 2 एम्प्लॉयी + 1 सिक्योरिटी गार्ड खोए। लेकिन लोकल्स कहते हैं ज्यादा। कंपनी ने मुआवजा दिया, लेकिन लापरवाही की जांच हो।
5 FAQs
- कोलकाता गोदाम आग कब लगी?
26 जनवरी 2026, सुबह 3 बजे आनंदापुर नजीराबाद में। पुष्पांजलि से शुरू, वाउ मोमो तक फैली। - मौतें कितनी हुईं?
25 कन्फर्म, 27-28 मिसिंग। DNA से शिनाख्त जारी। - पीएम मोदी ने क्या किया?
2 लाख मृतकों को, 50 हजार घायलों को PMNRF से। दुख व्यक्त किया। - कौन गिरफ्तार हुए?
गंगाधर दास (ओनर), वाउ मोमो मैनेजर + डेप्युटी। negligence चार्ज। - सेफ्टी लापरवाही क्या थी?
कोई फायर NOC नहीं, दरवाजे लॉक, मजदूर अंदर सोते, इन्फ्लेमेबल मटेरियल।
Leave a comment