महाराष्ट्र CM फडणवीस ने अजित पवार की मौत (28 जनवरी) के बाद 28 जनवरी से 2 फरवरी के बीच जारी 75 स्कूलों के अल्पसंख्यक दर्जे पर रोक लगाई। सुनेत्रा पावर ने जांच के आदेश दिए।
अजित की मौत के दिन 3 बजकर 9 मिनट पर सर्टिफिकेट जारी? फडणवीस ने 75 दर्जे रोके
अजित पवार की मौत के तुरंत बाद 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक दर्जा: विवाद क्यों?
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास प्लेन क्रैश में मौत के ठीक बाद अल्पसंख्याक विकास विभाग से एक बड़ा विवाद सामने आया। 28 जनवरी दोपहर 3 बजकर 9 मिनट पर पहला सर्टिफिकेट जारी हुआ, जब राज्य में आधिकारिक शोक था और सरकारी दफ्तर बंद। उसी दिन 7 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा मिला, जो 2 फरवरी तक कुल 75 हो गया। CM देवेंद्र फडणवीस ने 16 फरवरी को इन सभी अप्रूवल्स पर तुरंत रोक लगा दी। अजित पवार का अल्पसंख्याक पोर्टफोलियो अब सुनेत्रा पवार के पास है।
फडणवीस का त्वरित एक्शन: सभी सर्टिफिकेट होल्ड, हाई-लेवल जांच
फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनवरी 28 से फरवरी 2 के बीच जारी सभी अप्रूवल, ग्रांट्स और सर्टिफिकेट्स होल्ड कर दें। हाई-लेवल जांच के आदेश दिए कि फाइलें कैसे पास हुईं, प्रक्रिया फॉलो हुई या नहीं। पहले अल्पसंख्याक सर्टिफिकेट पर फ्रीज था, क्या वो लिफ्ट हुआ? सुनेत्रा पावर ने भी जांच का आदेश दिया, अगर अनियमितता मिली तो सख्त कार्रवाई। सीनियर ब्यूरोक्रेट ने कहा पूरी रिपोर्ट मांगी गई, दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
रोहित पवार का बम: 25 लाख प्रति सर्टिफिकेट रिश्वत?
NCP (SP) नेता रोहित पवार ने X पर आरोप लगाया कि मंत्रालय के कुछ अफसरों ने अजित की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर हर सर्टिफिकेट पर करीब 25 लाख की रिश्वत ली। उन्होंने कहा स्टे काफी नहीं, दोषियों पर सख्त एक्शन लो। जांच हो, अफसरों पर कार्रवाई हो। रोहित ने कहा सरकार की विश्वसनीयता दांव पर है। विवाद तब भड़का जब रिपोर्ट्स आईं कि कई सर्टिफिकेट ऑफिस टाइम के बाद जारी हुए। एक ही ग्रुप के कई संस्थान एक ही दिन पास।
75 संस्थानों में पोडर, सेंट जेवियर्स जैसे बड़े नाम
28 जनवरी को 7 संस्थान, उसके बाद बड़े पैमाने पर अप्रूवल। 29 जनवरी को पोडर इंटरनेशनल स्कूल के 25 स्कूल पास हुए। सेंट जेवियर्स ग्रुप, स्वामी शांति प्रकाश, देवप्रकाश संस्थान भी लिस्ट में। पोडर चेयरमैन पवन पोडर से संपर्क किया लेकिन जवाब नहीं आया। ये दर्जा RTE एक्ट के 25% EWS कोटा से छूट देता है, एडमिशन और अपॉइंटमेंट में आजादी। इसलिए इसे गलत इस्तेमाल का आरोप।
सुनेत्रा पवार की जांच: क्या मिलेगा नतीजा?
सुनेत्रा पावर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनियमित सर्टिफिकेट्स की पूरी जांच हो, उल्लंघन मिला तो फर्म एक्शन। अजित पवार अल्पसंख्याक विभाग संभाल रहे थे। मौत के बाद विभाग सुनेत्रा को मिला। जांच में देखा जाएगा कि फाइलें किस लेवल पर पास हुईं। क्या पहले का फ्रीज लिफ्ट हुआ? राज्य अल्पसंख्याक आयोग चेयरमैन प्यारे खान ने इसे गंभीर बताया, CID प्रोब मांगी।
अजित पवार की मौत: बारामती क्रैश का बैकग्राउंड
अजित पवार 28 जनवरी सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान लीअरजेट 45 क्रैश में मारे गए। विमान रनवे 11 पर दूसरे अटेम्प्ट में फिसला, आग लग गई। पवार ZP चुनाव के लिए मीटिंग्स के लिए जा रहे थे। चार अन्य भी मरे। DGCA जांच कर रही। अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज थे, शरद पवार के भतीजे।
राजनीतिक बवाल: विपक्ष ने सरकार को घेरा
NCP (SP) ने कहा स्टे काफी नहीं, सख्त जांच हो। BJP ने कहा कानूनी प्रक्रिया चलेगी। विवाद मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। अल्पसंख्याक दर्जा मिलने से स्कूलों को फायदा लेकिन गलत अप्रूवल से आरक्षण प्रभावित। राज्य अल्पसंख्याक आयोग ने भी जांच मांगी। राजनीतिक रंग भी मिला।
अल्पसंख्याक दर्जे का फायदा: RTE छूट क्यों विवादास्पद?
अल्पसंख्याक दर्जा मिलने पर स्कूल RTE के तहत 25% गरीब बच्चों को आरक्षण से मुक्त हो जाते हैं। एडमिशन, स्टाफ अपॉइंटमेंट में ज्यादा आजादी। लेकिन गलत इस्तेमाल के आरोप लगते रहे। महाराष्ट्र में पहले भी ऐसे विवाद हुए। जांच से सच्चाई सामने आएगी।
जांच का इंतजार: दोषी कौन?
हाई-लेवल जांच रिपोर्ट का इंतजार। अगर प्रोसीजर लैप्स मिले तो अफसरों पर कार्रवाई। रोहित पवार के 25 लाख रिश्वत आरोप की पड़ताल। सुनेत्रा पावर ने फर्म स्टैंड लिया। CM फडणवीस ने पारदर्शिता का भरोसा दिया। मामला महाराष्ट्र राजनीति में गरमाता रहेगा।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: CM फडणवीस ने क्या आदेश दिया?
उत्तर: 28 जनवरी से 2 फरवरी के बीच जारी 75 संस्थानों के अल्पसंख्याक दर्जे पर स्टे, हाई-लेवल जांच के आदेश। - प्रश्न: कब जारी हुए सर्टिफिकेट?
उत्तर: पहला 28 जनवरी दोपहर 3:09 बजे, उसी दिन 7, फिर 29-30 जनवरी और 2 फरवरी तक कुल 75। - प्रश्न: रोहित पवार ने क्या आरोप लगाया?
उत्तर: अफसरों ने 25 लाख प्रति सर्टिफिकेट रिश्वत ली, अजित की अनुपस्थिति का फायदा उठाया। - प्रश्न: सुनेत्रा पावर ने क्या कहा?
उत्तर: अनियमितताओं की जांच करें, दोषी पर सख्त कार्रवाई; विभाग अब उनके पास। - प्रश्न: अल्पसंख्याक दर्जे का फायदा क्या?
उत्तर: RTE के 25% EWS कोटा से छूट, एडमिशन-स्टाफ में आजादी।
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