14 जनवरी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का नया ऑफिस सेवा तीर्थ में शिफ्ट होगा। साउथ ब्लॉक से बाहर आना 77 साल बाद पहली बार। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा, आधुनिक सुविधाओं से लैस तीन भवन।
सेंट्रल विस्टा का नया अध्याय: पीएम मोदी 14 जनवरी को सेवा तीर्थ में प्रवेश करेंगे, जानें खास बातें
पीएम मोदी का नया ऑफिस: सेवा तीर्थ में शिफ्ट, 77 साल पुरानी साउथ ब्लॉक की विदाई
14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दफ्तर नया पता पाने वाला है। साउथ ब्लॉक से बाहर आना पीएमओ के लिए आजादी के बाद पहली बार होगा। नया परिसर सेवा तीर्थ या एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव कहलाएगा, जो रायसीना हिल के पास दारा शिकोह रोड (पहले डलहौजी रोड) पर बना है। ये सेंट्रल विस्टा रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है, जिसका मकसद पुरानी कोलोनियल इमारतों को आधुनिक शासन केंद्रों में बदलना है।
साउथ ब्लॉक 1947 से पीएमओ का ठिकाना रहा। यहां से नेहरू से लेकर मोदी तक ने देश चलाया। लेकिन अब ये इतिहास बन जाएगा। खाली होने के बाद साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ में तब्दील किया जाएगा। फ्रांस के म्यूजियम डेवलपमेंट एजेंसी के साथ 19 दिसंबर 2024 को तकनीकी सहयोग का एग्रीमेंट साइन हो चुका। नया पीएमओ सेवा तीर्थ-1 में होगा, जो सेवा के थीम पर बना है।
सेवा तीर्थ परिसर में तीन भवन हैं। सेवा तीर्थ-1 में पीएमओ के लिए आधुनिक वर्कस्पेस, ग्रैंड सेरेमोनियल रूम्स। सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सेक्रेटेरिएट सितंबर 2025 से काम कर रहा। सेवा तीर्थ-3 में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और NSA अजीत डोभाल का ऑफिस। लार्सन एंड टूब्रो ने 1189 करोड़ रुपये खर्च कर 2,26,203 वर्ग फुट क्षेत्र में बनाया। पास में पीएम हाउस ‘एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव पार्ट-2’ बन रहा।
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता। इसका लक्ष्य दिल्ली को वर्ल्ड क्लास कैपिटल बनाना। साउथ ब्लॉक ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर का डिजाइन था। अब नया परिसर भारतीय मूल्यों पर आधारित। गत महीने पीएम ने पीएमओ को ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा ये विकसित भारत का माइलस्टोन है। राज भवन को लोक भवन, राज निवास को लोक निवास नाम मिला।
कॉन्ट्रास्ट साफ दिखता। पुराना साउथ ब्लॉक: कोलोनियल, सीमित स्पेस, पुरानी तकनीक। नया सेवा तीर्थ: ओपन फ्लोर प्लान, कल्चरल मीटिंग रूम्स, स्मार्ट सिक्योरिटी, एनर्जी एफिशिएंट। कर्मचारियों के लिए मॉडर्न वर्कस्टेशन, मीटिंग जोन्स। ये शिफ्ट लॉजिस्टिकल चैलेंजेस कम करेगी। मंत्रालयों को पहले ही करत्व्य भवन में शिफ्ट किया गया।
सेवा तीर्थ का महत्व
- पहली बार पीएमओ साउथ ब्लॉक से बाहर।
- सेंट्रल विस्टा का नया दौर।
- सेवा, कर्तव्य, लोक के नाम।
- म्यूजियम में तब्दील पुरानी इमारतें।
- आधुनिक गवर्नेंस के लिए इंटीग्रेटेड स्पेस।
पुराना vs नया: तुलना तालिका
| विशेषता | साउथ ब्लॉक (पुराना) | सेवा तीर्थ (नया) |
|---|---|---|
| स्थान | रायसीना हिल | दारा शिकोह रोड |
| क्षेत्रफल | सीमित | 2,26,203 sq ft |
| लागत | ऐतिहासिक | ₹1189 करोड़ |
| डिजाइन | कोलोनियल (बेकर) | आधुनिक भारतीय |
| सुविधाएं | बेसिक | ओपन प्लान, स्मार्ट |
| भविष्य | म्यूजियम | कार्यालय + रेसिडेंस |
शिफ्ट का समय
14 जनवरी मकर संक्रांति पर पीएम संभवतः नया ऑफिस ले लेंगे। वर्कर्स फिनिशिंग टच दे रहे। पहले कैबिनेट सेक्रेटेरिएट शिफ्ट हो चुका। NSCS जल्द। ये ट्रांसफॉर्मेशन का प्रतीक। PMO के नाम में ‘सेवा’ जुड़ना बताता कि शासन सेवा है।
कॉन्टेक्स्ट में सेंट्रल विस्टा
प्रोजेक्ट 2020 से तेज। करत्व्य पथ (राजपथ), नया संसद भवन पहले बन चुके। इंडिया गेट पर चंद्रगुप्त मौर्य स्टैचू। अब एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव। फाइनेंस, होम मिनिस्ट्री करत्व्य भवन में। सेंट्रल विस्टा दिल्ली को नया लुक देगा।
लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर उत्साह। कई कह रहे नया भारत का प्रतीक। कुछ पुरानी इमारतों की नॉस्टैल्जिया। लेकिन ज्यादातर सराहना आधुनिकता की। अमित शाह ने ट्वीट कर विकसित भारत का जिक्र किया।
भविष्य की झलक
पीएम हाउस बनने के बाद पूरा एन्क्लेव रेडी। म्यूजियम में ब्रिटिश दौर की यादें संरक्षित। नया ऑफिस इफिशिएंसी बढ़ाएगा। शासन तेज, पारदर्शी बनेगा। ये बदलाव 2047 विकसित भारत के सफर का हिस्सा।
सेवा तीर्थ समयरेखा
- 2020: सेंट्रल विस्टा शुरू।
- अगस्त 2025: करत्व्य भवन उद्घाटन।
- सितंबर 2025: कैबिनेट सेक्रेटेरिएट शिफ्ट।
- दिसंबर 2024: म्यूजियम एग्रीमेंट।
- जनवरी 2026: पीएमओ शिफ्ट।
महत्वपूर्ण बदलाव
- कोलोनियल से आजादी।
- सेवा केंद्रित नाम।
- इंटीग्रेटेड गवर्नेंस।
- पर्यावरण फ्रेंडली डिजाइन।
- जनता के लिए म्यूजियम।
पीएम मोदी का ये कदम नया अध्याय खोलेगा। साउथ ब्लॉक की यादें म्यूजियम में रहेंगी, सेवा तीर्थ से नया शासन चलेगा। मकर संक्रांति पर शुभ शुरुआत।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- पीएम मोदी कब नए ऑफिस में शिफ्ट हो रहे?
14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति पर। साउथ ब्लॉक से पहली बार बाहर। सेवा तीर्थ-1 में पीएमओ। - सेवा तीर्थ क्या है?
सेंट्रल विस्टा का एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव। तीन भवन: पीएमओ, कैबिनेट सेक्रेटेरिएट, NSCS। 1189 करोड़ की लागत। - साउथ ब्लॉक का क्या होगा?
युगे युगीन भारत संग्रहालय बनेगा। फ्रांस के सहयोग से। नॉर्थ ब्लॉक भी शामिल। - नया ऑफिस कहां है?
दारा शिकोह रोड, रायसीना हिल के पास। L&T ने बनाया। आधुनिक वर्कस्पेस। - सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का उद्देश्य?
कोलोनियल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना। सेवा, कर्तव्य थीम। विकसित भारत का विजन।
Leave a comment