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मोदी-मर्ज का सबरमती आश्रम दौरा: गांधीजी के सिद्धांतों पर चर्चा, भारत-जर्मनी दोस्ती का नया अध्याय

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Modi's Warm Welcome to Merz Highlights Strategic Partnership
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प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को अहमदाबाद के सबरमती आश्रम ले जाकर गांधीजी के सिद्धांतों का जिक्र किया। दोनों ने चरखा देखा, हृदय कुंज घूमा। भारत-जर्मनी 75 साल की साझेदारी मजबूत करने का मौका।

पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज को दिखाया गांधी आश्रम का जादू: स्वावलंबन और अहिंसा का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी का जर्मन चांसलर मर्ज के साथ सबरमती आश्रम दौरा: गांधीजी की वैश्विक विरासत

12 जनवरी 2026 को अहमदाबाद के ऐतिहासिक सबरमती आश्रम में एक खास मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को आश्रम ले जाकर महात्मा गांधी के सिद्धांतों की याद ताजा की। पीएम मोदी ने X पर लिखा, ‘सबरमती आश्रम गांधीजी के विचारों का जीवंत प्रतीक है, जो दुनिया भर के लोगों को ताकत देता है।’ दोनों नेताओं ने गांधीजी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और हृदय कुंज में चरखा स्पिनिंग प्रक्रिया देखी।​

ये दौरा मर्ज का भारत का पहला आधिकारिक दौरा था। गुजरात गवर्नर आचार्य देवव्रत ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये 75 साल की कूटनीतिक साझेदारी और 25 साल की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का जश्न है। दोनों ने गांधीजी के सादगी भरे जीवन, स्वावलंबन, सत्य और अहिंसा के मूल्यों पर गहरी चर्चा की। आश्रम की चेयरपर्सन कार्तिकेय साराभाई, रिडेवलपमेंट कमिटी चेयरमैन आईपी गौतम और अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।​

मुलाकात के बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन करने पहुंचे। वहां हनुमान जी वाली पतंग उड़ाई। ये सांस्कृतिक डिप्लोमेसी का शानदार नमूना था, जहां अहमदाबाद की परंपरा को वैश्विक मेहमान ने सराहा। पीएम मोदी ने मर्ज को शहर की सांस्कृतिक विरासत के बारे में बताया।​​

मंगलवार 13 जनवरी को मर्ज का शेड्यूल भरा था। सुबह बोश प्लांट विजिट, फिर सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग (CeNSE) का दौरा। इसके बाद जर्मनी लौटना था। इससे पहले महात्मा मंदिर गांधीनागर में 11:15 बजे से द्विपक्षीय बैठक। चर्चा का फोकस ट्रेड-इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, डिफेंस, ग्रीन डेवलपमेंट और पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट पर। G7 समिट कनाडा में आखिरी बातचीत के बाद ये आगे का कदम।​

भारत-जर्मनी रिश्तों की मजबूती
दोनों देशों के बीच 1951 से डिप्लोमैटिक टाईज हैं। 2000 से स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप। जर्मनी भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर यूरोप में। 2024-25 में बाइलैटरल ट्रेड €25 बिलियन के पार। जर्मन कंपनियां जैसे बोश, सीमेंस, वोल्क्सवैगन भारत में भारी निवेश। मेक इन इंडिया को सपोर्ट।

प्रमुख क्षेत्र

  • डिफेंस: जर्मनी भारत को सबमरीन, फ्रिगेट सप्लाई कर रहा।
  • ग्रीन टेक: रिन्यूएबल एनर्जी, हाइड्रोजन में पार्टनरशिप।
  • ऑटोमोटिव: इलेक्ट्रिक व्हीकल और EV बैटरी में कोलैबोरेशन।
  • एजुकेशन: DAAD स्कॉलरशिप्स, जॉइंट रिसर्च।​

सबरमती आश्रम का महत्व
1917 में गांधीजी ने स्थापित किया। स्वदेशी आंदोलन का केंद्र। दांडी यात्रा यहीं से शुरू। आज रिवरफ्रंट के साथ रिन्यूड, पर्यटकों के लिए आकर्षण। पीएम मोदी इसे अक्सर हाइलाइट करते हैं- आत्मनिर्भर भारत से लिंक।

मर्ज का भारत विजिट शेड्यूल

तारीखकार्यक्रम
12 जनवरीअहमदाबाद एयरपोर्ट स्वागत, सबरमती आश्रम विजिट, काइट फेस्टिवल उद्घाटन, महात्मा मंदिर बैठक
13 जनवरीबोश प्लांट विजिट, CeNSE दौरा, जर्मनी प्रस्थान

दोनों नेताओं के बयान
पीएम मोदी: ‘गांधीजी के विचार विश्व को प्रेरित करते रहेंगे।’ मर्ज ने गांधी के अहिंसा और सत्य को सराहा। ये विजिट इंडिया-EU समिट से पहले महत्वपूर्ण।​

गुजरात का योगदान
अहमदाबाद इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल (उत्तरायण) का वैश्विक रूप। साबरमती रिवरफ्रंट रिवैंप गुजरात मॉडल का प्रतीक। गवर्नर, सीएमओ, कलेक्टर ने होस्ट किया।​​

वैश्विक संदर्भ
G7 में मोदी-मर्ज मीटिंग के बाद ये कदम। यूक्रेन, मिडिल ईस्ट, क्लाइमेट चेंज पर चर्चा संभावित। भारत जर्मनी को इंडो-पैसिफिक में पार्टनर मानता।​

भारत-जर्मनी साझेदारी के आंकड़े

क्षेत्रउपलब्धि
ट्रेड€25 बिलियन+ (2025)
FDI€15 बिलियन जर्मन इन्वेस्टमेंट
स्टूडेंट्स40,000+ भारतीय जर्मनी में
डिफेंसजॉइंट वेंचर प्रोजेक्ट्स

कूटनीति में सांस्कृतिक टच
आश्रम विजिट से गांधी के मैसेज ग्लोबल। जर्मनी में भी गांधी स्ट्रीट, म्यूजियम। पतंग उड़ाना दोस्ती का सिंबल।​

भविष्य की उम्मीदें
द्विपक्षीय मीटिंग से नए एग्रीमेंट्स। ग्रीन हाइड्रोजन, AI, क्वांटम में कोऑपरेशन। 75 साल का जश्न IPL, फिल्म फेस्टिवल से बढ़ेगा।

पीपल टू पीपल टाईज मजबूत होंगी। गुजरात जर्मन बिजनेस हब बनेगा। गांधी का संदेश आज भी रेलेवेंट- शांति, सस्टेनेबिलिटी।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. जर्मन चांसलर मर्ज का भारत दौरा कब हुआ?
    12-13 जनवरी 2026 को, पहला आधिकारिक विजिट। अहमदाबाद से शुरू, पीएम मोदी के न्योते पर।​
  2. सबरमती आश्रम विजिट में क्या हुआ?
    फूल चढ़ाए, हृदय कुंज घूमा, चरखा देखा। गांधी के स्वावलंबन-अहिंसा पर चर्चा।​
  3. भारत-जर्मनी रिश्ते कितने पुराने हैं?
    1951 से डिप्लोमैटिक, 2000 से स्ट्रैटेजिक। 75 और 25 साल का जश्न।​
  4. मर्ज ने और क्या-क्या देखा अहमदाबाद में?
    इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल उद्घाटन, पतंग उड़ाई। बोश, CeNSE विजिट।​
  5. द्विपक्षीय बैठक में क्या चर्चा हुई?
    ट्रेड, डिफेंस, ग्रीन टेक, एजुकेशन। महात्मा मंदिर में।

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