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12.2 लाख करोड़ कैपेक्स: क्या मोदी का ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पॉपुलिज्म को पीछे छोड़ देगा?

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PM Modi budget 2026 interview
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PM मोदी ने कहा बजट ने शॉर्ट–टर्म पॉपुलिज्म छोड़ उत्पादक कैपेक्स पर फोकस किया। 2013 से कैपेक्स 5 गुना बढ़ा। रेल, सड़क, एनर्जी पर खर्च से जॉब्स और सस्टेनेबल ग्रोथ।

बजट में पॉपुलिज्म क्यों नहीं? मोदी ने कहा ‘हम तैयार हैं’ – विकसित भारत का फॉर्मूला

PM मोदी ने बजट की तारीफ़ की: पॉपुलिज्म छोड़ा, कैपेक्स पर दांव लगाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी 2026 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि यूनियन बजट 2026-27 ने शॉर्ट–टर्म पॉपुलिज्म से बचते हुए उत्पादक कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) पर फोकस किया है। उन्होंने बताया कि यह बजट जॉब्स क्रिएशन और सस्टेनेबल ग्रोथ को पावर देने के लिए बनाया गया। मोदी ने कहा कि कैपेक्स को 2013 के 2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ कर दिया गया, जो पांच गुना से ज्यादा है। यह उनकी सरकार की प्रोडक्टिव स्पेंडिंग की पहचान है। बजट रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देगा।

क्यों बजट ‘पॉपुलिज्म’ से दूर रहा: मोदी का तर्क क्या?

मोदी ने स्पष्ट किया कि बजट में शॉर्ट–टर्म पॉपुलिज्म की बजाय लॉन्ग–टर्म एसेट्स में निवेश किया गया। उन्होंने कहा कि हमने पहले की सरकारों के स्ट्रक्चरल गैप्स को भर दिया, बोल्ड रिफॉर्म्स किए। अब यह बजट विकसित भारत के लिए नेक्स्ट लेवल है। पॉपुलिज्म से बचकर हम प्रोडक्टिविटी, जॉब्स और फ्यूचर कैपेसिटी बना रहे। जीवन स्तर सुधारना, यूथ को जॉब्स देना हमारा फोकस। मोदी ने कहा यह बजट हमारी गवर्नेंस स्टाइल को दिखाता है।

कैपेक्स में 12.2 लाख करोड़: रेल, सड़क, एनर्जी पर जोर

बजट में पब्लिक कैपेक्स को GDP का 4.4 प्रतिशत किया गया, जो दशक का सबसे ऊंचा है। रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे को 2.9 लाख करोड़, रेलवे को 2.8 लाख करोड़, डिफेंस को 2.2 लाख करोड़ मिला। मोदी ने कहा हाई क्वालिटी इंफ्रा लंबे समय से नजरअंदाज था। अब रेल, रोड, डिजिटल, एनर्जी इंफ्रा पर खर्च से चैलेंज खत्म होंगे। कंप्लायंस कम, क्रेडिट फ्लो बेहतर से जॉब्स बढ़ेंगे। यह विकसित भारत का रोडमैप है।

मोदी की गवर्नेंस: वेलफेयर और रिफॉर्म्स का बैलेंस

मोदी ने कहा कि सरकार ने इंक्लूसिव, टेक–ड्रिवन, ह्यूमन–सेंट्रिक वेलफेयर सिस्टम बनाया। लास्ट माइल तक पहुंचता है। नेशन–बिल्डिंग और इकॉनॉमिक स्ट्रेंग्थनिंग गाइडिंग प्रिंसिपल। रेड फोर्ट से ‘यही समय है’ का कॉल अब नेशनल कन्विक्शन बन गया। 1920s के फैसलों ने 1947 में आजादी दी, आज के फैसले 2047 में विकसित भारत लाएंगे। पेपरवर्क कम, डीक्रिमिनलाइजेशन से स्टेट एनेबलर बनेगा।

विपक्ष और इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया: क्या कह रहे?

विपक्ष ने बजट को ‘स्टेटस को’ बताया लेकिन मोदी ने इसे ‘हम तैयार हैं’ का मोमेंट कहा। इंडस्ट्री ने कैपेक्स की सराहना की। CII, Ficci ने कहा इंफ्रा पुश से प्राइवेट इन्वेस्टमेंट आएगा। मोदी ने कहा इंडिया इंक का बोल्ड इन्वेस्टमेंट विकसित भारत के लिए जरूरी। फिस्कल डेफिसिट 4.3 प्रतिशत पर रखा। टोटल बजट 53.5 लाख करोड़।

कैपेक्स से जॉब्स कैसे आएंगे: मोदी का विजन

मोदी ने कहा इंफ्रा एसेट्स से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, जॉब्स क्रिएट होंगे। रेल, रोड, एयरपोर्ट्स से बिजनेस आसान। क्रेडिट फ्लो, कंप्लायंस ईज से MSMEs मजबूत। यूथ को वर्ल्ड चेंजिंग ऑपर्च्युनिटी मिलेगी। वेलफेयर आर्किटेक्चर लास्ट माइल तक। यह रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देगा।

बजट का ब्रॉडर इम्पैक्ट: विकसित भारत की ओर

मोदी ने कहा बजट नंबर्स से ज्यादा लोगों के जीवन पर असर डालेगा। पेपरलेस, डीक्रिमिनलाइजेशन से ट्रस्ट बढ़ेगा। फिस्कल प्रूडेंस के साथ ग्रोथ। कैपेक्स से इंफ्रा चैलेंज खत्म। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट क्राउड–इन होगा। 2047 का विकसित भारत इसका फाउंडेशन।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: PM मोदी ने बजट के बारे में क्या कहा?
    उत्तर: बजट ने शॉर्ट–टर्म पॉपुलिज्म छोड़ा, कैपेक्स पर फोकस किया जो जॉब्स और सस्टेनेबल ग्रोथ लाएगा।
  2. प्रश्न: कैपेक्स कितना बढ़ा?
    उत्तर: 2013 के 2 लाख करोड़ से 12.2 लाख करोड़, पांच गुना से ज्यादा; GDP का 4.4 प्रतिशत।
  3. प्रश्न: प्रमुख सेक्टर्स में खर्च?
    उत्तर: रोड्स 2.9 लाख करोड़, रेल 2.8 लाख करोड़, डिफेंस 2.2 लाख करोड़।
  4. प्रश्न: फिस्कल डेफिसिट क्या?
    उत्तर: GDP का 4.3 प्रतिशत, टोटल बजट 53.5 लाख करोड़।
  5. प्रश्न: मोदी का विकसित भारत कनेक्शन?
    उत्तर: कैपेक्स से इंफ्रा, जॉब्स, प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी; 1920s फैसलों की तरह 2047 का फाउंडेशन।

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