4 फरवरी 2026 को ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर खुद दलील देंगी। वोटर लिस्ट से नाम कटना, 140 मौतें, गरीबों पर असर। CJI बेंच सुनवाई, EC का पक्ष, राजनीतिक कोण और संभावित फैसला।
SIR से लाखों नाम कटे? ममता बनर्जी का सुप्रीम कोर्ट में हमला, पूरा केस क्या?
ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में SIR मामले पर खुद दलील देंगी – पूरा केस क्या है?
सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में शायद पहली बार कोई राज्य का मुख्यमंत्री कोर्ट में खुद अपना पक्ष रखने आ रहा है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी 4 फरवरी 2026 को CJI सुर्या कांत की बेंच के सामने पेश होंगी। मुद्दा – चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का, जिसे TMC ‘वोटरों का सफाया’ बता रही है।
ममता ने ‘पार्टी इन पर्सन’ आवेदन दिया है। उनका दावा – SIR से 140 BLO की मौतें हुईं, लाखों गरीब–महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट से कट रहे। EC को चिट्ठी लिखी – ये NRC का छिपा रूप है। अब SC में सीधी लड़ाई।
ये केस सिर्फ़ लीगल नहीं, बल्कि आगामी बंगाल विधानसभा चुनावों का गेम-चेंजर हो सकता है। आइए स्टेप बाय स्टेप समझें – SIR क्या, विवाद क्यों, ममता के तर्क, EC का पक्ष और SC का रुख।
SIR प्रोग्राम क्या है? कैसे शुरू हुआ?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन। चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 और 27 अक्टूबर 2025 को ऑर्डर जारी किए। हर बूथ पर BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) हर वोटर को वेरिफाई करते हैं। आधार, वोटर ID, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज़ मांगते। नाम, पता मिसमैच पर डिलीट।
EC का लक्ष्य – फेक वोटर्स हटाना, लिस्ट क्लीन करना। 1.4 करोड़ क्लेम्स चेक हो रहे। अपील का ऑप्शन भी है। लेकिन TMC कहती – हड़बड़ी में वैलिड वोटर्स कट रहे।
ममता बनर्जी की याचिका: आरोप क्या लगाए?
28 जनवरी 2026 को दाखिल SLP में ममता ने EC और बंगाल CEO को पार्टी बनाया। मुख्य आरोप:
- SIR RPA 1950 और कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स का उल्लंघन।
- 140 BLO मौतें – वेरिफिकेशन दौड़-भाग में।
- महिलाएं (60% प्रभावित), माइग्रेंट्स, गरीब सबसे ज़्यादा। दस्तावेज़ न होने से नाम कट।
- 24 साल बाद क्यों? कटिंग सीज़न में क्यों? बंगाल को टारगेट। असम–केरल में नहीं।
- WhatsApp पर अनऑफिशियल ऑर्डर।
ममता बोलीं – “लोकतंत्र बचाओ, वोटरों के अधिकार लौटाओ।”
TMC सांसदों ने भी सपोर्ट पिटीशन।
ममता क्यों खुद आर्ग्यू करेंगी? उनका लीगल बैकग्राउंड
ममता जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज की ग्रेजुएट। वकील रहीं। SC में पर्सनली आना हिस्टोरिक। इससे जनता को मैसेज – मैं लड़ूंगी।
SC सुनवाई: आज क्या हो सकता है?
CJI बेंच ने नोटिस जारी। ममता ने समय मांगा। CJI बोले – हर समस्या सॉल्व हो सकती, इनोसेंट वोटर बाहर न हो। 10 दिन एक्सटेंशन मिल चुका। नेक्स्ट हियरिंग 9 फरवरी।
EC का पक्ष: क्लीन लिस्ट ज़रूरी
EC बोला – SIR स्टैंडर्ड प्रोसेस। ट्रांसपेरेंसी है। अपील करो। आरोप राजनीतिक।
राजनीतिक कोण: बंगाल चुनाव 2026 से लिंक
मार्च–अप्रैल चुनाव। TMC सत्ता में। SIR से TMC कोर वोटर्स (मुस्लिम, गरीब) प्रभावित। BJP बोला – फेक वोटर्स TMC के। ममता CEC को इम्पीचमेंट की धमकी दे चुकीं।
पिछले केस: तमिलनाडु, केरल में भी विवाद
DMK, CPI ने TN में चैलेंज। SC ने गाइडलाइंस दीं।
ममता की स्ट्रेटेजी: जन आंदोलन + कोर्ट
ममता ने प्रोटेस्ट किए। SC अपीयरेंस से इमेज।
SC SIR रोक सकता? संभावनाएं
SIR का असर: आंकड़े
EC – लाखों नाम अपडेट। TMC – मौतें, डिसेनफ्रैंचाइजमेंट।
5 FAQs
प्रश्न 1: SIR क्या है बंगाल में?
उत्तर: वोटर लिस्ट गहन चेक। BLO दस्तावेज़ वेरिफाई। EC का क्लीन लिस्ट प्लान।
प्रश्न 2: ममता का मुख्य आरोप?
उत्तर: 140 मौतें, महिलाओं–गरीबों के नाम कट। कानून उल्लंघन।
प्रश्न 3: ममता क्यों खुद बहस?
उत्तर: लॉ ग्रेजुएट। हिस्टोरिक स्टैंड।
प्रश्न 4: SC ने कहा क्या?
उत्तर: नोटिस EC को। नेक्स्ट 9 फरवरी।
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