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नीतीश कटारा के कातिल को 3 हफ्ते की छुट्टी? कोर्ट ने विकास यादव को क्यों रोका?

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Nitish Katara murder case, Vikas Yadav furlough denied
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दिल्ली हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव की 3 हफ्ते फरलो की मांग खारिज की। जेल अथॉरिटी का फैसला सही, कोई मनमानी नहीं।

24 साल बाद भी जेल में सड़ेंगे विकास-विशाल? फरलो खारिज का पूरा राज

दिल्ली हाईकोर्ट ने नितीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव की फर्लो पर रिहाई की याचिका खारिज कर दी।

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  1. क्या हॉनर किलिंग के दोषी को अब भी फर्लो मिलेगा? विकास यादव की याचिका HC ने क्यों ठुकराई?
  2. 24 साल बाद जेल से बाहर क्यों नहीं आ सकते विकास यादव? नितीश कटारा केस का नया ट्विस्ट
  3. नीतमाता नीलम कटारा की जीत: विकास को फर्लो क्यों न मिले, HC ने क्या कहा?
  4. विकास यादव फिर फेल: बिना रेमिशन 25 साल की सजा, फर्लो पर HC का सख्त फैसला क्यों?

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  1. Will Honor Killer Vikas Yadav Ever Get Furlough? Why HC Rejected His Plea Again
  2. 24 Years In Jail: Nitish Katara Convict Vikas Denied Release, What’s The Real Reason?
  3. Neelam Katara Wins Battle: HC Bars Vikas Yadav From Temporary Prison Leave
  4. No Mercy For Katara Murderer: Delhi HC Slams Door On Vikas Yadav’s Furlough Bid

Meta Description (Hindi)
दिल्ली हाईकोर्ट ने नितीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव की 21 दिन फर्लो की याचिका खारिज कर दी। जेल नियमों का हवाला देकर कहा- कोई मनमानी नहीं, सुधार के सबूत न होने पर फर्लो नहीं।

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दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: विकास यादव को फर्लो क्यों नहीं?

11 फरवरी 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बार फिर विकास यादव की उम्मीद पर पानी फेर दिया। जस्टिस रविंदर दुदेजा ने उनकी 21 दिन की फर्लो याचिका खारिज कर दी। विकास नितीश कटारा हत्याकांड के दोषी हैं और 25 साल की सख्त सजा काट रहे हैं, बिना किसी रेमिशन के। जेल अथॉरिटी ने 29 अक्टूबर 2025 को उनकी अर्जी ठुकराई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने साफ कहा कि जेल का फैसला मनमाना या गैरकानूनी नहीं है। नीलम कटारा ने भी विरोध किया था, कहा कि विकास में सुधार के कोई संकेत नहीं हैं।

फर्लो क्या होती है और विकास को क्यों अस्वीकार?

फर्लो जेल से अस्थायी छुट्टी है, जो लंबी सजा काट रहे कैदियों को परिवार से जुड़ने के लिए दी जाती है। ये पूरी सजा माफ करने जैसी नहीं, बल्कि कुछ दिनों की राहत है। दिल्ली प्रिज़न रूल्स 2018 के रूल 1223 के तहत तीन साल की गुड कंडक्ट रेमिशन ज़रूरी होती है। लेकिन विकास की सजा में रेमिशन का प्रावधान ही नहीं है, इसलिए वो अयोग्य हैं। कोर्ट ने कहा कि फर्लो कोई हक नहीं, बल्कि डिस्क्रशनरी रिलीफ है। जेल ने उनके कंडक्ट को भी खराब बताया, जिसमें कोर्ट प्रोसेस का दुरुपयोग शामिल है। नीलम कटारा ने वकील वृंदा भंडारी से कहा कि विकास सुधरे नहीं हैं।

नितीश कटारा हत्याकांड: वो रात क्या हुई थी?

16-17 फरवरी 2002 की रात गाजियाबाद में शिवानी गौर की शादी में नितीश कटारा गए थे। विकास और उनके चचेरे भाई विशाल यादव वहाँ पहुँचे और नितीश को अगवा कर लिया। वजह थी विकास की बहन भारती यादव से नितीश का अफेयर, जो दोनों पक्षों को जाति के कारण मंजूर नहीं था। नितीश को बुलंदशहर के खुरजा ले जाया गया, जहाँ उनकी हत्या कर दी गई। लाश जला दी गई और 20 फरवरी को मिली। टाटा सफारी कार कर्नाटक से बरामद हुई। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और मामला दिल्ली ट्रांसफर हो गया। ये हॉनर किलिंग का चर्चित केस बन गया।

कोर्ट की लंबी जंग: सजा कैसे हुई फाइनल?

23 अप्रैल 2002 को विकास-विशाल गिरफ्तार हुए। 2008 में सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2015 में 30 साल की सजा सुनाई। सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2016 में 25 साल बिना रेमिशन की पुष्टि की, सह-आरोपी सुखदेव पहलवान को 20 साल मिले। भारती चश्मदीद गवाह बनीं। विकास ने कई अपीलें कीं, लेकिन सजा बरकरार रही। बीच में माँ की बीमारी और शादी के नाम पर अंतरिम बेल मिली थी। लेकिन फर्लो हर बार रिजेक्ट हो रही है। नीलम कटारा ने 24 साल तक इंसाफ की लड़ाई लड़ी।

डीपी यादव का परिवार: पॉलिटिक्स और क्राइम का मेल

विकास उत्तर प्रदेश पॉलिटिशियन डीपी यादव के बेटे हैं। डीपी यादव बाहुबली नेता रहे, समाजवादी पार्टी से विधायक-सांसद बने। उन पर कई मर्डर केस हैं, जैसे महेंद्र सिंह भाटी हत्याकांड। परिवार की संपत्ति 260 करोड़ बताई जाती है। भारती ने 2009 में यतिन राव से शादी की। विशाल भी डीपी के भतीजे हैं। ये केस ने दिखाया कि पावरफुल परिवारों में भी कानून सख्ती दिखा सकता है। लेकिन फर्लो जैसे मुद्दों पर बहस बनी रहती है।​​

नीलम कटारा की लड़ाई: न्याय की मिसाल

नितीश की माँ नीलम कटारा ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक केस लड़वाया। फर्लो याचिकाओं पर हर बार विरोध किया। उन्होंने कहा कि विकास का कंडक्ट सुधार का सबूत नहीं देता। कोर्ट ने उनकी दलीलों को माना। नीलम आज भी कहती हैं कि इंसाफ पूरा तब होगा जब दोषी पूरी सजा काटें। उनका संघर्ष हॉनर किलिंग के खिलाफ मिसाल है। कई लड़कियों को प्रेरणा मिली।

फर्लो रूल्स: क्या कहते हैं दिल्ली प्रिज़न रूल्स?

दिल्ली प्रिज़न रूल्स में फर्लो के साफ नियम हैं। लॉन्ग टर्म कैदी को फैमिली टाई बनाए रखने के लिए मिल सकती है। लेकिन गुड कंडक्ट, रेमिशन और जेलर की रिपोर्ट ज़रूरी। विकास रेमिशन के हकदार नहीं, इसलिए अयोग्य। वकील विकास पाहवा ने कहा कि पहले बेल मिल चुकी है। लेकिन स्टेट ने कहा कि वो अलग है। कोर्ट ने रूल 1223 का हवाला दिया। सुधार के सबूत न होने पर फर्लो नहीं।

क्या विकास को अब कभी फर्लो मिलेगी?

अभी विकास ने अलग याचिका दाखिल की है। लेकिन हाईकोर्ट का फैसला सख्त है। जेल अथॉरिटी ने 1 दिसंबर 2025 को कोरिजेंडम भी जारी किया। नीलम कटारा और अजय कटारा विरोध में हैं। सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। लेकिन सजा बिना रेमिशन है, तो मुश्किल। केस ने दिखाया कि पावर भी कानून से ऊपर नहीं। टाइमलाइन लंबी है, लेकिन इंसाफ बरकरार।

हॉनर किलिंग: आज भी खतरा बरकरार?

नितीश केस ने हॉनर किलिंग को हाईलाइट किया। जाति-धर्म के नाम पर आज भी होते हैं। उत्तर प्रदेश-दिल्ली में कई केस। लॉ मजबूत हुआ, लेकिन सोसाइटी बदलनी होगी। नीलम जैसी माताओं की लड़ाई जारी। परिवारवाद और क्राइम का चक्र टूटना चाहिए। ये केस चेतावनी है।

कुल मिलाकर नतीजा

24 साल बाद भी केस चर्चा में है। कोर्ट ने साफ किया कि फर्लो हक नहीं। विकास जेल में रहेंगे। नीलम की जीत न्याय व्यवस्था पर भरोसा जगाती है। टैक्सपेयर्स को लगता है कि ऐसे दोषी को छुट्टी क्यों। समाज को सोचना होगा।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव की फर्लो याचिका क्यों खारिज की?
    उत्तर: जेल नियमों के तहत वो गुड कंडक्ट रेमिशन के हकदार नहीं, सजा बिना रेमिशन है और कंडक्ट में सुधार के सबूत नहीं मिले।
  2. प्रश्न: नितीश कटारा की हत्या कब और क्यों हुई?
    उत्तर: 16-17 फरवरी 2002 को शादी से अगवा कर हत्या, वजह भारती यादव से अफेयर जो जाति के कारण मंजूर न था।
  3. प्रश्न: विकास यादव को क्या सजा मिली?
    उत्तर: सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2016 को 25 साल जेल बिना रेमिशन की सजा सुनाई।
  4. प्रश्न: फर्लो क्या है और किसे मिलती है?
    उत्तर: जेल से 21 दिन की अस्थायी छुट्टी, लॉन्ग टर्म कैदियों को फैमिली से जुड़ने के लिए, लेकिन गुड कंडक्ट पर।
  5. प्रश्न: नीलम कटारा ने फर्लो पर क्या कहा?
    उत्तर: विकास का कंडक्ट सुधार का सबूत नहीं, कोर्ट प्रोसेस का दुरुपयोग किया, फर्लो के अयोग्य।

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