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गुरुद्वारे के बाहर AAP नेता की गोली मार हत्या: लकी ओबेरॉय की मौत

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AAP leader Lucky Oberoi shot dead
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जालंधर मॉडल टाउन गुरुद्वारे के बाहर AAP नेता लकी ओबेरॉय को 3 गोलियाँ मारीं, फोर्टिस में मौत। रोज़ाना जाने वाले रूट पर बाइक सवारों ने हमला। AAP इनचार्ज राजविंदर थियारा बोले हत्यारे रूटीन जानते थे। पुलिस जांच, राजनीतिक साजिश की आशंका।

AAP के लकी ओबेरॉय की हत्या: रोज़ाना गुरुद्वारे जाते थे, क्या हत्यारे उनकी रूटीन जानते थे

AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या: जालंधर गुरुद्वारे के बाहर बाइक सवारों ने ठोकीं 3 गोलियाँ

जालंधर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में सुबह के समय एक दिल दहला देने वाली घटना हो गई जब आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता लकी ओबेरॉय को गुरुद्वारे के बाहर गोली मार दी गई। तीन गोलियों लगने से घायल ओबेरॉय को तुरंत फोर्टिस हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा न सके। पुलिस ने बताया कि ओबेरॉय अपनी थार कार से गुरुद्वारा पहुँचे थे और अभी पार्किंग ही की थी कि बाइक सवार दो हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। यह घटना 6 फरवरी 2026 की सुबह हुई जब इलाके में लोग अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में व्यस्त थे। आम आदमी पार्टी के जालंधर कैंट हल्का इनचार्ज राजविंदर थियारा ने बताया कि ओबेरॉय का रोज़ाना सुबह गुरुद्वारा जाना रूटीन था और लगता है हत्यारे इसकी पूरी जानकारी रखते थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

लकी ओबेरॉय कौन थे: AAP के जालंधर कैंट के सक्रिय नेता

लकी ओबेरॉय जालंधर कैंट हल्के से आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरे थे और स्थानीय स्तर पर काफी सक्रिय रहते थे। पार्टी वर्कर्स के अनुसार वे पार्टी की मीटिंग्स संगठन विस्तार और जनसंपर्क में अहम भूमिका निभाते थे। ओबेरॉय का राजनीतिक सफर पिछले कुछ सालों में तेज़ी से बढ़ा था और वे AAP के युवा नेताओं में शुमार थे। थियारा ने बताया कि ओबेरॉय सुबह की अरदास के लिए रोज़ाना मॉडल टाउन गुरुद्वारा जाते थे जो उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। उनकी हत्या से पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है और स्थानीय कार्यकर्ता इसे साजिश मान रहे हैं। ओबेरॉय के परिवार और करीबियों ने पुलिस से त्वरित न्याय की मांग की है। उनकी मौत ने पंजाब की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ये राजनीतिक हिंसा का नया चैप्टर है।

घटना का पूरा विवरण: थार कार पार्क की, बाइक सवारों ने घेरा

पुलिस के प्रारंभिक बयान के अनुसार सुबह करीब 6 बजे लकी ओबेरॉय अपनी सफेद थार एसयूवी से मॉडल टाउन गुरुद्वारे पहुँचे। उन्होंने कार गुरुद्वारे के मुख्य गेट के बाहर पार्क की और बाहर निकले ही थे कि तेज़ रफ्तार से आई एक बाइक पर सवार दो युवक फायरिंग करने लगे। हमलावरों ने तीन राउंड फायर किए जो ओबेरॉय के सीने और सिर में लगे। आसपास के लोग दौड़े और घायल ओबेरॉय को तुरंत फोर्टिस हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी साँसें थम गईं। हमलावर बाइक पर ही भाग निकले और इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और फॉरेंसिक टीम बुलाई। गुरुद्वारे के आसपास के सीसीटीवी कैमरे महत्वपूर्ण सुराग दे सकते हैं। थियारा ने कहा कि ओबेरॉय अकेले ही आते थे इसलिए हत्यारों को मौक़ा मिल गया।

राजनीतिक साजिश की आशंका: AAP ने लगाए सवाल

आम आदमी पार्टी ने इस हत्या को राजनीतिक साजिश करार दिया है। जालंधर कैंट इनचार्ज राजविंदर थियारा ने कहा कि ओबेरॉय पार्टी के खिलाफ आवाज़ उठाते थे और स्थानीय माफिया विरोधियों से उनकी दुश्मनी हो सकती है। AAP पंजाब प्रमुख अमान अरोर ने ट्वीट कर शोक जताया और सरकार से तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जालंधर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। विपक्षी दल कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने भी संवेदना जताई लेकिन AAP ने इसे सत्ता पक्ष की नाकामी बताया। पंजाब में AAP सरकार के आने के बाद भी राजनीतिक हिंसा के मामले बढ़े हैं। ओबेरॉय की मौत ने सवाल उठाए हैं कि क्या स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा में चूक हो रही है। पुलिस ने अभी तक कोई नाम लिया नहीं लेकिन राजनीतिक एंगल पर ज़ोर दे रही है।

पंजाब में राजनीतिक हिंसाओं का इतिहास: क्या पुराना पैटर्न लौट रहा

पंजाब का राजनीतिक इतिहास हिंसा से भरा रहा है। 80–90 के दशक में खालिस्तान आंदोलन ने राज्य को जकड़ लिया था। उसके बाद भी स्थानीय स्तर पर पार्टियां आपस में टकराती रहीं। हाल के सालों में AAP के उभार के साथ जालंधर जैसे शहरों में गुटबाजी बढ़ी है। 2022 विधानसभा चुनावों के बाद AAP सरकार बनी लेकिन विपक्षी पार्टियों के साथ तनाव बना रहा। जालंधर कैंट AAP का मज़बूत इलाका था लेकिन पुरानी पार्टियों के समर्थक अभी भी सक्रिय हैं। ओबेरॉय जैसे युवा नेताओं पर हमले पार्टी के संगठन को कमज़ोर करने की कोशिश हो सकते हैं। पुलिस रिकॉर्ड्स में जालंधर में पिछले 2 सालों में 5 से ज़्यादा राजनीतिक हमले दर्ज हैं। ये घटना सरकार के लिए चुनौती है क्योंकि AAP ने खुद को भ्रष्टाचार मुक्त और सुरक्षित पार्टी बताया था।

पुलिस जांच: सीसीटीवी, गवाह और बरामद कारतूस

पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है और स्पेशल टीम बना दी है। मॉडल टाउन इलाके में कई सीसीटीवी कैमरे हैं जिनकी फुटेज खंगाली जा रही। ओबेरॉय की थार कार से 3 खाली कारतूस बरामद हुए हैं। आसपास के दुकानदार और गुरुद्वारा आने वाले श्रद्धालु गवाह बने हैं। बाइक का नंबर ट्रेस करने की कोशिश हो रही। ओबेरॉय के फोन रिकॉर्ड्स चेक हो रहे हैं। पुलिस ने पुराने दुश्मनी वाले लोगों को भी नोटिस जारी किए। SSP जालंधर ने कहा कि जल्द ही हमलावर गिरफ्तार होंगे। फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार है। राजनीतिक साजिश की आशंका को नकारा नहीं जा रहा।

परिवार और पार्टी का शोक: विरोध प्रदर्शन शुरू

ओबेरॉय के परिवार में पत्नी दो बच्चे हैं। वे सदमे में हैं। AAP कार्यकर्ताओं ने जालंधर में काला बिल्ला पहनकर विरोध जुलूस निकाला। भगवंत मान ने शोक संदेश भेजा। विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला। ओबेरॉय का अंतिम संस्कार राजनीतिक समारोह बनेगा। ये घटना AAP के लिए झटका है।

5 FAQs

प्रश्न 1: AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या कैसे हुई?
उत्तर: 6 फरवरी 2026 सुबह जालंधर मॉडल टाउन गुरुद्वारे के बाहर थार कार पार्क करने पर बाइक सवारों ने 3 गोलियाँ मारीं। फोर्टिस ले जाते समय मौत हो गई।

प्रश्न 2: लकी ओबेरॉय कौन थे और उनकी दिनचर्या क्या थी?
उत्तर: जालंधर कैंट AAP हल्का इनचार्ज। रोज़ सुबह मॉडल टाउन गुरुद्वारा जाते थे अरदास के लिए। राजविंदर थियारा बोले हत्यारे रूटीन जानते थे।

प्रश्न 3: पुलिस ने क्या एक्शन लिया?
उत्तर: मामला दर्ज, सीसीटीवी चेक, कारतूस बरामद। स्पेशल टीम बनी। राजनीतिक एंगल जांच रही। SSP बोले जल्द गिरफ्तारी।

प्रश्न 4: क्या ये राजनीतिक हत्या है?
उत्तर: AAP का दावा हाँ। ओबेरॉय पार्टी विरोधियों के खिलाफ थे। पंजाब में पहले भी ऐसे केस। पुलिस कन्फर्म नहीं।

प्रश्न 5: पार्टी ने क्या रिएक्शन दिया?
उत्तर: शोक, विरोध जुलूस। भगवंत मान ने न्याय मांगा। कार्यकर्ता काला बिल्ला पहने। अंतिम संस्कार राजनीतिक होगा।

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