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भूपेश बघेल को CBI कोर्ट का झटका: सेक्स सीडी मामले में डिस्चार्ज रद्द, ट्रायल होगा!

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CBI कोर्ट ने पूर्व छत्तीसगढ़ CM भूपेश बघेल का सेक्स सीडी मामले में डिस्चार्ज रद्द कर दिया। 2017 राजेश मुनत वीडियो कांड में ट्रायल होगा। विनोद वर्मा समेत अन्य की भी अपील खारिज। पूरी जानकारी।

छत्तीसगढ़ सेक्स सीडी कांड: भूपेश बघेल फिर आरोपी, मजिस्ट्रेट फैसला पलटा गया

भूपेश बघेल को CBI कोर्ट का बड़ा झटका: सेक्स सीडी मामले में डिस्चार्ज आदेश रद्द, अब ट्रायल का सामना करेंगे

शनिवार को रायपुर की स्पेशल CBI कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति में फिर से भूचाल ला दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 2017 के कुख्यात सेक्स सीडी मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट के डिस्चार्ज आदेश को पलट दिया गया। इसका मतलब साफ है- भूपेश बघेल को अब ट्रायल का सामना करना पड़ेगा, जब तक हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिले।

ये मामला 2017 का है जब छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार थी। तत्कालीन PWD मंत्री राजेश मुनत और बीजेपी नेता प्रकाश बजाज की शिकायत पर दो अलग FIR दर्ज हुईं। पहली पंडरी थाने में 26 अक्टूबर को अज्ञात के खिलाफ- किसी ने फोन पर कहा कि उसके पास मुनत का अश्लील वीडियो है, रंगदारी न दी तो वायरल कर देंगे। दूसरी सिविल लाइंस थाने में 27 अक्टूबर को भूपेश बघेल और वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा के खिलाफ- आरोप कि इन्होंने मुनत का फर्जी सेक्स वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाया ताकि उनकी छवि खराब हो और राजनीतिक फायदा मिले।

CBI को छत्तीसगढ़ सरकार ने केस सौंपा। एजेंसी ने चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें बघेल समेत कई आरोपी। विनोद वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ले जा रही थी तो वर्मा बोले- सरकार उनसे नाराज है क्योंकि उन्हें मुनत का सेक्स सीडी चाहिए था। मुनत ने वीडियो को फर्जी बताया, चरित्र हनन का प्रयास कहा। बघेल ने हमेशा इनकार किया।

मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पहले बघेल को डिस्चार्ज कर दिया था। लेकिन CBI कोर्ट ने शनिवार को उस फैसले को उलट दिया। उसी सुनवाई में कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा और विजय भाटिया की अपील भी खारिज हो गई, जो आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ थी। अब सभी को ट्रायल फेस करना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक कोर्ट ने CBI के सबूतों को मजबूत माना।

सेक्स सीडी कांड की पूरी कहानी समझ लीजिए। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले का मामला। कांग्रेस भूपेश बघेल प्रदेश अध्यक्ष थे। बीजेपी सरकार पर हमलावर। अचानक मुनत का कथित वीडियो वायरल होने लगा। सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला। मुनत ने FIR कराई। वर्मा अरेस्ट हुए। राजनीतिक रंग साफ- सत्ताधारी मंत्री को बदनाम कर चुनावी फायदा। CBI ने ब्लैकमेल, एकस्टॉर्शन, IPC की धाराओं में केस बनाया।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. सेक्स सीडी मामला क्या है?
    2017 में राजेश मुनत का कथित वीडियो वायरल। ब्लैकमेल और बदनामी का आरोप।
  2. CBI कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    मजिस्ट्रेट के डिस्चार्ज आदेश को रद्द। बघेल ट्रायल फेस करेंगे।
  3. कब FIR दर्ज हुई?
    26-27 अक्टूबर 2017। पंडरी और सिविल लाइंस थाने।
  4. अन्य आरोपी कौन?
    विनोद वर्मा, कैलाश मुरारका, विजय भाटिया। उनकी अपील भी खारिज।
  5. भूपेश बघेल का क्या होगा?
    ट्रायल चलेगा। हाईकोर्ट में अपील कर सकते।
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